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उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में तेंदुए का खौफ, हमले में महिला की जान गई और कई जख्मी, वन विभाग ने तीन तेंदुए पकड़ेउत्तर प्रदेश
15 अग॰ 2026, 11:06 am (75 दिन पहले)· 6

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में तेंदुए का खौफ, हमले में महिला की जान गई और कई जख्मी, वन विभाग ने तीन तेंदुए पकड़े

मुरादाबाद जिले के ठाकुरद्वारा, डिलारी और भगतपुर में तेंदुए के लगातार हमलों से दहशत व्याप्त है। अगस्त महीने में संतोष देवी नामक महिला की मौत के साथ कई लोग घायल हो चुके हैं, जबकि वन विभाग की टीमों ने अब तक तीन तेंदुओं को पकड़ा है।

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के ग्रामीण अंचलों में तेंदुओं की बढ़ती आवाजाही ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। ठाकुरद्वारा से लेकर डिलारी और भगतपुर तहसील क्षेत्रों में वन्यजीवों की सक्रियता के कारण किसान और ग्रामीण खौफ के साए में जीने को मजबूर हैं। अगस्त के दौरान जिले में तेंदुए से जुड़ी कम से कम पांच बड़ी वारदातें सामने आई हैं। इन घटनाओं में खेत में काम कर रही एक महिला की जान जा चुकी है, जबकि कई ग्रामीण गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल पहुंचे हैं। परिस्थितियों की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने व्यापक खोज अभियान शुरू किया है और अब तक तीन तेंदुओं को सुरक्षित रूप से जाल में फंसाने में सफलता पाई है।

ठाकुरद्वारा में घातक हमला और लालापुर पीपलसाना में बड़ा रेस्क्यू अभियान

तेंदुए के खौफनाक हमले की सबसे दुखद घटना ठाकुरद्वारा तहसील के अंतर्गत आने वाले लालापुर पीपलसाना गांव में दर्ज की गई। कुछ दिन पहले गांव की रहने वाली संतोष देवी अपने खेत में कृषि कार्य में जुटी हुई थीं। इसी दौरान अचानक झाड़ियों से निकले तेंदुए ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया। तेंदुए के हमले में संतोष देवी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में आक्रोश और भय का माहौल बन गया।

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घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की विशेष टीमों ने क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू की। तेंदुए को काबू में करने के लिए लालापुर पीपलसाना और आसपास के इलाके में करीब 20 रेस्क्यू पिंजरे लगाए गए। इसके साथ ही घने गन्ने के खेतों में छिपे तेंदुए की सटीक लोकेशन ट्रैक करने के लिए थर्मल ड्रोन कैमरों का सहारा लिया गया और ट्रेंक्विलाइजर विशेषज्ञों की टीम तैनात की गई। लगातार चलाए गए इस हाई-टेक अभियान के तहत वन विभाग इस क्षेत्र से दो तेंदुओं को पकड़ने में सफल रहा है।

डिलारी के मलकपुर सेमली में एक ही दिन दो किसानों पर जानलेवा हमला

ठाकुरद्वारा के अलावा डिलारी क्षेत्र का मलकपुर सेमली गांव भी तेंदुओं के निशाने पर रहा है। यहां 12 अगस्त को केवल 24 घंटे के भीतर तेंदुए ने दो अलग-अलग किसानों को निशाना बनाया। पहली घटना सुबह के समय हुई जब 22 वर्षीय पुष्पेंद्र अपने खेत में खाद डालने का काम कर रहे थे। उसी समय गन्ने के खेत से निकले तेंदुए ने उन पर हमला बोल दिया और सीधे उनकी गर्दन पर पंजा मार दिया। तेंदुआ पुष्पेंद्र को खींचकर गन्ने की फसल की ओर ले जाने का प्रयास कर रहा था, लेकिन उनके शोर मचाने पर वह भाग निकला। गंभीर रूप से घायल पुष्पेंद्र को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया।

इसी दिन शाम को करीब 7 बजे मलकपुर सेमली में दूसरी वारदात घटी। 52 वर्षीय किसान तस्लीम रामगंगा नदी पार कर अपने गंतव्य की ओर जा रहे थे। तभी पीछे से घात लगाकर बैठे तेंदुए ने उनकी गर्दन पर वार कर दिया। तस्लीम भी इस हमले में बुरी तरह जख्मी हो गए और उन्हें चिंताजनक हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। गौरतलब है कि इससे पहले भी इसी गांव के निवासी किसान पवन कुमार तेंदुए के हमले में घायल हो चुके हैं, जिससे मलकपुर सेमली के ग्रामीण खेतों की ओर जाने से कतरा रहे हैं।

बलिया गांव में शावक का रेस्क्यू और चंदपुर गुलरिया में पशु का शिकार

ठाकुरद्वारा क्षेत्र के बलिया गांव में भी तेंदुए की मौजूदगी से भय बना हुआ था। वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में 10 अगस्त की सुबह लगभग 5 बजे तेंदुए का एक शावक कैद हो गया। शावक के पकड़े जाने के बावजूद ग्रामीणों को अंदेशा है कि क्षेत्र में अन्य बड़े तेंदुए भी घूम रहे हैं। इसके अतिरिक्त 7 अगस्त को चंदपुर गुलरिया मुस्तापुर गांव में तेंदुए ने एक घोड़े को अपना शिकार बनाया और उसे खींचकर गन्ने के खेत में ले जाकर मार डाला।

उधर भगतपुर क्षेत्र के रामपुर बलभद्र गांव में अगस्त की शुरुआत में ही तेंदुए की आवाजाही देखी गई थी, जिसके बाद से वहां सतर्कता बढ़ा दी गई है। जिले में अब तक पकड़े गए तीन तेंदुओं में लालापुर पीपलसाना क्षेत्र से दो तेंदुए और बलिया गांव से पकड़ा गया एक शावक शामिल है।

लाठी-डंडों के सहारे ग्रामीण और पड़ोसी जिलों में बढ़ा खतरा

लालापुर पीपलसाना गांव के निवासी मनोज कुमार, संदीप और अर्पित कुमार सहित कई ग्रामीणों का कहना है कि महिला की मौत के बाद से गांव में लगातार वन विभाग की टीमें डटी हुई हैं। इसके बावजूद डर का माहौल इस कदर हावी है कि लोग अकेले बाहर निकलने से बच रहे हैं। गांव वाले दैनिक कार्यों और खेती-किसानी के लिए समूह बनाकर लाठी-डंडों के साथ निकल रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इलाके में सक्रिय सभी तेंदुओं को जल्द से जल्द पकड़ा जाए।

तेंदुओं का यह संकट केवल मुरादाबाद तक सीमित नहीं है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के पड़ोसी जिलों बिजनौर, अमरोहा और रामपुर के कई ग्रामीण इलाकों से भी तेंदुओं के लगातार देखे जाने और हमले करने की खबरे सामने आ रही हैं। फिलहाल पुलिस और वन विभाग के दस्तों ने संवेदनशील स्थलों पर गश्त बढ़ा दी है और नए पिंजरे लगाकर स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

सवाल-जवाब

मुरादाबाद जिले में तेंदुए के हमले में किसकी मौत हुई है?
ठाकुरद्वारा तहसील के लालापुर पीपलसाना गांव में खेत में काम करते समय तेंदुए के हमले में संतोष देवी नामक महिला की मौत हो गई।
वन विभाग ने मुरादाबाद में अब तक कितने तेंदुए पकड़े हैं?
वन विभाग की टीमों ने अब तक तीन तेंदुओं को पकड़ा है, जिनमें लालापुर पीपलसाना क्षेत्र से दो तेंदुए और बलिया गांव से एक शावक शामिल है।
डिलारी के मलकपुर सेमली गांव में 12 अगस्त को क्या हुआ था?
12 अगस्त को मलकपुर सेमली में तेंदुए ने एक ही दिन में दो किसानों (22 वर्षीय पुष्पेंद्र और 52 वर्षीय तस्लीम) पर जानलेवा हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया।
तेंदुओं को पकड़ने के लिए वन विभाग किन तकनीकों का उपयोग कर रहा है?
वन विभाग ने क्षेत्र में करीब 20 रेस्क्यू पिंजरे लगाए हैं और तेंदुओं की लोकेशन ट्रैक करने के लिए थर्मल ड्रोन कैमरों व ट्रैंक्विलाइजिंग टीमों की मदद ली है।
मुरादाबाद के अलावा किन अन्य पड़ोसी जिलों में तेंदुए सक्रिय हैं?
मुरादाबाद के अलावा बिजनौर, अमरोहा और रामपुर जिलों के कई ग्रामीण इलाकों में भी तेंदुओं की सक्रियता देखी गई है।
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