देश भर के वायुमंडलीय तंत्र में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है, जिसके चलते 10 अक्टूबर को विभिन्न भौगोलिक हिस्सों में मौसमी विविधता दर्ज की जाएगी. उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में जहां हल्की ठंडी हवाओं के साथ सुहावने मौसम के संकेत मिल रहे हैं, वहीं पर्वतीय क्षेत्रों में पारा तेजी से नीचे लुढ़कने की संभावना है. दूसरी तरफ, प्रायद्वीपीय भारत और दक्षिणी तटीय क्षेत्रों में मानसूनी हलचल के कारण मूसलाधार वर्षा और जलभराव का जोखिम खड़ा हो रहा है. पूर्वी भारत के राज्यों में बादलों की आवाजाही और स्थानीय चक्रवाती प्रभावों के चलते गरज-चमक के साथ फुहारें पड़ने का अनुमान है.
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में खुशनुमा माहौल और तेज हवाएं
दिल्ली और इसके नजदीकी इलाकों में 10 अक्टूबर को दिन की शुरुआत हल्की धूप के साथ होने का अनुमान है. हालांकि दोपहर के वक्त आसमान में आंशिक रूप से बादलों का आना-जाना लगातार देखने को मिलेगा. मौसम के बदलते रुख के बीच तेज सतही हवाएं चलने और बादलों की गड़गड़ाहट के साथ बिजली चमकने की चेतावनी भी दी गई है. जैसे ही दिन ढलेगा, शाम के समय चलने वाली हल्की ठंडी हवाएं तापमान में गिरावट लेकर आएंगी, जिससे स्थानीय निवासियों को गुलाबी ठंडक का स्पष्ट अहसास होने लगेगा.
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में सर्द मौसम और फुहारें
पहाड़ी राज्य उत्तराखंड के कई जिलों में दिनभर बादलों की चादर बिछी रहने की संभावना है. राज्य के निचले और मध्य इलाकों में हल्की से मध्यम स्तर की बारिश के साथ बौछारें पड़ने और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं. विशेषकर अधिक ऊंचाई पर बसे पहाड़ी इलाकों में तेज झोंकेदार हवाएं चलने के कारण पारा काफी नीचे चला जाएगा, जिससे वहां कड़ाके की ठंड महसूस होगी.
पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश में भी लगभग ऐसा ही मिजाज देखने को मिलेगा. राज्य के चुनिंदा इलाकों में आंशिक बादलों के बीच हल्की वर्षा और मेघगर्जन के आसार हैं. ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार ठंडी हवाएं चलने से तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आएगी. पूरे प्रदेश में मौसम सुहाना लेकिन सर्द बना रहेगा, जिसके कारण पहाड़ी रास्तों पर निकलने वाले पर्यटकों और यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है.
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बारिश तथा ऊंचाई पर बर्फबारी
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पर्वतीय क्षेत्रों में 10 अक्टूबर को व्यापक स्तर पर मौसमी हलचल देखने को मिल सकती है. घाटी और आसपास के कई इलाकों में मध्यम से व्यापक बारिश की संभावना जताई गई है. इसके साथ ही अत्यधिक ऊंचाई वाले पहाड़ी दर्रों और चोटियों पर छिटपुट बर्फबारी दर्ज की जा सकती है. इस गतिविधि के साथ आकाशीय बिजली चमकने का खतरा भी बना हुआ है, जिसके कारण इन इलाकों में ठिठुरन भरी ठंड बढ़ जाएगी और स्थानीय जनजीवन पर इसका सीधा असर पड़ेगा.
उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में बादलों का पहरा
उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी अंचलों के कुछ चुनिंदा जिलों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की उम्मीद है. इन क्षेत्रों में स्थानीय मौसमी तंत्र के सक्रिय होने से गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें या छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है. हालांकि राज्य के शेष अधिकांश भागों में मौसम मुख्य रूप से सूखा ही बना रहेगा, लेकिन धूप की तीव्रता कम होने और बादलों की मौजूदगी से लोगों को उमस भरी चिपचिपी गर्मी से राहत जरूर मिलेगी.
बिहार में भी मौसम कमोबेश ऐसा ही रहेगा, जहां दिन के समय आसमान में आंशिक बादलों का डेरा रहेगा. राज्य के कुछ अलग-थलग इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की वर्षा की संभावना है, जबकि ज्यादातर शहरों में तापमान सामान्य स्तर के आसपास बना रहेगा और नमी के चलते उमस का माहौल महसूस हो सकता है.
झारखंड के विभिन्न हिस्सों में भी चक्रवाती प्रभावों और स्थानीय मौसमी बदलावों के चलते आसमान में बादल छाए रहेंगे. कुछ जगहों पर बादलों की गड़गड़ाहट और आकाशीय बिजली चमकने के साथ हल्की वर्षा होने के आसार हैं. इस दौरान राज्य के सामान्य तापमान में कोई बड़ा फेरबदल नहीं होगा, लेकिन बीच-बीच में चलने वाली हल्की हवाएं वातावरण को काफी सुहाना बनाए रखेंगी.
पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर क्षेत्र में छिटपुट वर्षा
पश्चिम बंगाल के उप-हिमालयी हिस्सों, सिक्किम और गांगेय पश्चिम बंगाल के चुनिंदा इलाकों में 10 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ छिटपुट बौछारें पड़ने का अनुमान लगाया गया है. राज्य के मैदानी और शेष इलाकों में बादलों और धूप के बीच लुकाछिपी का सिलसिला जारी रहेगा. सामान्य मौसमी परिस्थितियों के बीच हल्की हवाएं चलने से दिनभर का मौसम संतुलित बना रहेगा.
दक्षिण भारत में भारी बारिश का संकट और अलर्ट
प्रायद्वीपीय भारत में मौसमी परिस्थितियां काफी आक्रामक रुख दिखा रही हैं. केरल और माहे के अधिकांश क्षेत्रों में झमाझम मानसूनी बारिश का दौर लगातार जारी रहने का अनुमान है. कई स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी के साथ-साथ तेज आंधीनुमा हवाएं चलने और बादलों की भयंकर गड़गड़ाहट के बीच बिजली गिरने की आशंका जताई गई है, जिसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन और नागरिकों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है.
तमिलनाडु, पुदुचेरी और कराईकल में भी व्यापक स्तर पर गरज-चमक के साथ वर्षा का दायरा फैलने की संभावना है. कुछ विशिष्ट क्षेत्रों में भारी से अत्यंत भारी बारिश हो सकती है. लगातार पानी बरसने के कारण निचले इलाकों और जलभराव वाले रास्तों पर पानी भरने का बड़ा खतरा बना हुआ है, जिससे सामान्य यातायात और दैनिक दिनचर्या प्रभावित हो सकती है.
कर्नाटक के तटीय जिलों के साथ-साथ दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक के कई भागों में हल्की से मध्यम स्तर की बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है. कुछ चुनिंदा स्थानों पर तेज मूसलाधार बारिश का असर दिख सकता है. इन क्षेत्रों में हवा की गति सामान्य से तेज रहेगी, जिससे उमस भरे माहौल में कमी आएगी और ठंडक घुलेगी.
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में मानसूनी सक्रियता
बंगाल की खाड़ी में स्थित अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के ज्यादातर इलाकों में व्यापक मानसूनी गतिविधियां सक्रिय रहेंगी. द्वीप समूह में झमाझम बारिश के साथ तेज गरज-चमक की परिस्थितियां बनी रहेंगी. समुद्र के ऊपर तेज गति से चलने वाली हवाओं और तटीय इलाकों में घने बादलों के जमावड़े को देखते हुए पर्यटकों को सतर्क रहने तथा मछुआरों को गहरे समंदर में न जाने की सलाह दी गई है.



















