बारां में वनकर्मियों से मारपीट और जब्ती छुड़ाने के आरोप में नरेश मीणा पर एक हफ्ते में तीसरा केसविदेश जाने वाले यात्रियों के लिए डिजी यात्रा का परीक्षण शुरू, सात बड़े हवाई अड्डों पर ई-पासपोर्ट से मिलेगी डिजिटल एंट्रीअनिल कपूर ने दिखाई अपने शो के पीछे की कड़ी मेहनत, पचास दिनों की रिहर्सल का वीडियो आया सामनेबिहार के भागलपुर जंक्शन पर दिनदहाड़े सनसनी, युवक को चाकू घोंपकर मारी गोलीरामलीला मैदान की रैली पर संबित पात्रा का प्रहार, राहुल गांधी के दावों को बताया हकीकत से कोसों दूरमणिपुर के मुख्य सचिव ने थौबल के राहत शिविरों का लिया जायजा, विस्थापितों से मिलकर जानीं समस्याएंनितेश तिवारी की रामायण के मंगल रंग गाने पर एआर रहमान ने रखी बात, आलोचना को बताया स्वाभाविकवरिष्ठ आईपीएस अधिकारी संजय सिंघल ने संभाली आईटीबीपी महानिदेशक की कमानगर्भधारण की राह में योग और पेल्विक कसरत कितनी असरदार, जानिए चिकित्सकीय हकीकतघर पर तैयार करें बाजार जैसी कुरकुरी मसाला मूंगफली, शाम के नाश्ते के लिए आसान तरीका
लखनऊ के हजरतगंज में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ सपा का हल्लाबोल, पुलिसकर्मी ने प्रदर्शनकारी को गोद में उठायाभारत
1 नव॰ 2026, 6:59 pm (1 घंटे पहले)· 0

लखनऊ के हजरतगंज में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ सपा का हल्लाबोल, पुलिसकर्मी ने प्रदर्शनकारी को गोद में उठाया

लखनऊ के हजरतगंज चौराहे पर चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे समाजवादी पार्टी के एक कार्यकर्ता को पुलिसकर्मी गोद में उठाकर बस तक ले गया, जिसका वीडियो वायरल हो रहा है।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के संवेदनशील हजरतगंज इलाके में रविवार को उस वक्त अफरातफरी मच गई जब समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए सड़क पर उतर आए। वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण को लेकर चल रहा राजनीतिक विवाद अब सड़कों पर दिखने लगा है। दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की महारैली संपन्न होने और भारतीय जनता पार्टी द्वारा देश के कई शहरों में कांग्रेस के खिलाफ निकाले गए पैदल मार्च के बीच लखनऊ में यह जोरदार विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। हजरतगंज चौराहे पर प्रदर्शन के दौरान घटी एक घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बन चुका है।

हजरतगंज चौराहे पर पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक

हजरतगंज चौराहे पर जुटे सपा कार्यकर्ताओं को काबू करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। इस दौरान भीड़ के बीच मौजूद छोटे कद के एक अधेड़ सपा कार्यकर्ता ने अपने तीखे तेवरों से सबका ध्यान खींच लिया। यह कार्यकर्ता पूरी ताकत से चिल्लाते हुए कह रहा था कि यह लोकतंत्र की हत्या है और ज्ञानेश कुमार को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। प्रदर्शनकारी के हाथ में एक बड़ा पोस्टर भी लहरा रहा था, जिस पर साफ शब्दों में लिखा था कि गुस्से में है सारा देश, इस्तीफा दे दो ज्ञानेश। पुलिस ने जब प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेना शुरू किया, तो इस कार्यकर्ता के विरोध ने माहौल को और गरमा दिया।

ये भी पढ़ें

दारोगा ने प्रदर्शनकारी को गोद में उठाकर बस तक पहुंचाया

कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पुलिस बस में बैठाने की कार्रवाई चल रही थी, तभी भीड़ के बीच मौजूद एक दारोगा (सब इंस्पेक्टर) ने अनोखा कदम उठाया। दारोगा ने उस छोटे कद के अधेड़ कार्यकर्ता को किसी छोटे बच्चे की तरह अपनी दोनों बांहों में उठा लिया और दौड़ते हुए पुलिस बस की तरफ बढ़ गए। हालांकि गोद में उठाए जाने के बाद भी उस सपा समर्थक का जोश जरा भी कम नहीं हुआ। वह हवा में हाथ लहराते हुए लगातार मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और लोकतंत्र बचाने के नारे बुलंद करता रहा। इस पूरे घटनाक्रम को देखकर मौके पर मौजूद लोग और साथी प्रदर्शनकारी भी हैरान रह गए।

दिल्ली के रामलीला मैदान से लखनऊ तक फैला चुनावी घमासान

हजरतगंज में हुआ यह हंगामा कोई अचानक सामने आई घटना नहीं है, बल्कि विपक्षी दलों के राष्ट्रीय स्तर पर छेड़े गए अभियान से सीधे जुड़ा हुआ है। रविवार को ही दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में विपक्षी गठबंधन और समाजवादी पार्टी ने मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ संविधान और लोकतंत्र बचाओ महारैली आयोजित की थी। इस बीच कांग्रेस की रैली के कारण दिल्ली में व्यापार और सामान्य कामकाज प्रभावित होने को लेकर शिवसेना ने भी निशाना साधा है।

2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले वोटर लिस्ट पर सियासी संग्राम

दिल्ली के मंच से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जो आवाज उठाई गई थी, अब समाजवादी पार्टी उसे उत्तर प्रदेश के हर जिले और प्रमुख चौराहे तक पहुंचाने की तैयारी में है। 2027 के विधानसभा चुनाव की जमीन तैयार करने में जुटी सपा मतदाता सूची से पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक मतदाताओं के नाम कथित तौर पर काटे जाने के मामले को एक प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बना रही है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव लगातार यह आरोप लगा रहे हैं कि स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक मशीनरी और चुनाव तंत्र की मिलीभगत से वोटर लिस्ट में हेरफेर किया जा रहा है।

दोनों पक्षों के अपने-अपने राजनीतिक दावे

हजरतगंज में प्रदर्शन कर रहे सपा समर्थकों का स्पष्ट कहना था कि जब तक पूरी चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी नहीं हो जाती और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक उनका यह आंदोलन थमेगा नहीं। वहीं दूसरी तरफ, सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी और पुलिस प्रशासन ने सपा के इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। सत्ता पक्ष का कहना है कि समाजवादी पार्टी आगामी चुनावों में अपनी संभावित हार के डर से बौखलाई हुई है और इसीलिए संवैधानिक संस्थाओं व चुनाव आयोग पर बेबुनियाद आरोप लगाकर सूबे का माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रही है।

सवाल-जवाब

लखनऊ के हजरतगंज में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता किस बात का विरोध कर रहे थे?
सपा कार्यकर्ता मतदाता सूची से पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वोटों के कथित नाम काटे जाने का विरोध कर रहे थे और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
हजरतगंज चौराहे पर प्रदर्शनकारी के साथ पुलिसकर्मी का कौन सा वीडियो वायरल हुआ?
प्रदर्शन के दौरान एक पुलिस सब इंस्पेक्टर ने नारेबाजी कर रहे छोटे कद के अधेड़ सपा कार्यकर्ता को गोद में उठा लिया और दौड़ते हुए पुलिस बस में ले जाकर बैठा दिया।
प्रदर्शनकारी के हाथ में मौजूद पोस्टर पर क्या नारा लिखा था?
प्रदर्शनकारी के हाथ में मौजूद पोस्टर पर लिखा था कि गुस्से में है सारा देश, इस्तीफा दे दो ज्ञानेश।
विपक्षी गठबंधन ने इस मुद्दे पर दिल्ली में कौन सी रैली आयोजित की थी?
विपक्षी गठबंधन और समाजवादी पार्टी ने चुनाव आयोग व मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ दिल्ली के रामलीला मैदान में 'संविधान और लोकतंत्र बचाओ' महारैली की थी।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चुनाव प्रशासन पर क्या आरोप लगाए हैं?
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है कि स्थानीय स्तर पर चुनाव प्रशासन की मिलीभगत से मतदाता सूचियों में हेरफेर करने की कोशिशें की जा रही हैं।
सपा के आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी का क्या रुख है?
भाजपा का कहना है कि सपा अपनी हार के डर से संवैधानिक संस्थाओं और चुनाव आयोग पर अनर्गल आरोप लगाकर माहौल खराब करने का प्रयास कर रही है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Aisha Khan@aisha-khan·10 मिनट पहले

अरे भाई, पुलिस वाले ने उस बंदे को गोद में ऐसे उठाया जैसे कोई बच्चा हो! वीडियो तो मज़ेदार है, पर सच में ऐसा लगा जैसे कोई स्क्रिप्टेड ड्रामा चल रहा हो। क्या वाकई हालात इतने बेकाबू थे कि बस में डालने के लिए ऐसा करना पड़ा?

Ravikash Gupta@ravikash·36 मिनट पहले

अरे भाई, पुलिस वाले ने गोद में उठा कर बस में डाला तो भी नारे लगाना बंद नहीं किया! क्या जोश है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·36 मिनट पहले

अरे रवि भाई, जोश अपनी जगह है, पर मुझे लगता है कि यह सब वीडियो के लिए जानबूझकर किया गया ड्रामा भी हो सकता है।

Rohan Verma@rohan-verma·57 मिनट पहले

हजरतगंज में ऐसी भीड़ मैंने भी कई बार देखी है, पुलिस वाले अक्सर गुस्से में होते हैं पर इस तरह गोद में उठाकर ले जाना सच में हैरान करने वाला है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·56 मिनट पहले

रोहन भाई, हजरतगंज का माहौल अक्सर ऐसा ही रहता है, पर उस दारोगा का यूं उठा ले जाना वाकई अजीब भी था और थोड़ा अलग भी।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp