चुनावी अनियमितताओं के आरोपों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया ब्लॉक द्वारा आयोजित सभा के विरोध में भारतीय जनता पार्टी ने 1 नवंबर को कई राज्यों में सघन प्रदर्शन किया। 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' शीर्षक के तहत निकाली गई इन रैलियों के जरिए पार्टी ने विपक्षी खेमे पर संवैधानिक व्यवस्थाओं को कमजोर करने और लोकतांत्रिक संस्थाओं की साख पर प्रहार करके देश में अशांति फैलाने का आरोप लगाया।
शिमला में सड़कों पर उतरे हिमंत बिस्वा सरमा, चुनावी दोहरे मापदंड पर उठाए सवाल
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में आयोजित विरोध मार्च का नेतृत्व असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने किया। इस पैदल मार्च में बड़ी तादाद में भाजपा कार्यकर्ताओं ने भाग लिया, जिसका समापन चौड़ा मैदान में एक जनसभा के रूप में होना तय था। आयोजन के दौरान मीडिया से मुखातिब होते हुए असम के मुख्यमंत्री ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर कड़ा प्रहार किया।
हिमंत बिस्वा सरमा ने सवाल उठाया कि यदि ईवीएम और निर्वाचन प्रक्रिया में कोई खोट है, तो क्या हिमाचल प्रदेश और केरल के नतीजे निरस्त किए जाने चाहिए। उन्होंने आगे पूछा कि क्या राहुल गांधी का रायबरेली से जीतना भी अमान्य माना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले कांग्रेस शासित प्रदेशों की सरकारों को अपने पदों से इस्तीफा देना चाहिए, उसके उपरांत ही उन्हें केंद्र सरकार से त्यागपत्र मांगने का नैतिक अधिकार मिलेगा।
असम के मुख्यमंत्री ने तर्क दिया कि यदि कांग्रेस पार्टी को देश की चुनावी व्यवस्था पर विश्वास नहीं है, तो उसे उत्तर प्रदेश के आगामी चुनावों का पूर्ण बहिष्कार करना चाहिए और यह घोषणा करनी चाहिए कि वहां भी मतों की हेराफेरी हुई है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को उन राज्यों की चुनावी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष लगती है जहां वह जीत हासिल करता है, लेकिन जिन राज्यों में भाजपा विजय प्राप्त करती है, वहां उसे तुरंत खामियां और धांधली नजर आने लगती है।
इसी क्रम में राहुल गांधी के लोकसभा सदस्य पद से इस्तीफे की मांग को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि राहुल गांधी स्वयं 2024 के आम चुनाव में ईवीएम के माध्यम से ही निर्वाचित हुए हैं, लिहाजा उन्हें भी अपने पद से हट जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में आयोजित इन रैलियों में लाखों नागरिक शामिल हो रहे हैं और जनता स्पष्ट संदेश दे रही है कि किसी को भी घुसपैठियों के संरक्षण में नहीं खड़ा होना चाहिए और बाहरी तत्वों को देश से बाहर जाना होगा।
अनुराग ठाकुर और नितिन नबीन का कांग्रेस पर हमला
शिमला के विरोध मार्च में शामिल भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस पर देश की विकास यात्रा को बाधित करने और अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल ने संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों पर आघात करने के लिए 1 नवंबर का दिन तय किया, जो ऐतिहासिक रूप से 1984 के सिख नरसंहार की दुखद तारीख से जुड़ा है।
भाजपा सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी विदेशी ताकतों से मदद लेकर देश में सत्ता पलटने की मंशा रखते हैं, लेकिन उनका यह प्रयास सफल नहीं होगा क्योंकि देश के नागरिक इस राजनीतिक पैंतरेबाजी को भलीभांति समझ रहे हैं। दूसरी ओर, हरियाणा के रोहतक में भी जोरदार प्रदर्शन देखने को मिला, जहां भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की अगुवाई में पार्टी कार्यकर्ताओं ने विशाल मार्च निकाला।
महाराष्ट्र के ठाणे में महायुति नेताओं की साझा हुंकार
महाराष्ट्र के ठाणे में निकाले गए मार्च में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे शामिल हुए। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि मौजूदा सरकार द्वारा किए जा रहे जनकल्याणकारी और राष्ट्रीय सुरक्षा के कार्यों से विपक्षी खेमा असहज महसूस कर रहा है।
एकनाथ शिंदे ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद की समस्या को लगभग समाप्त कर दिया है और इस निर्णायक कार्रवाई से विपक्ष को खासी परेशानी हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता बाहरी ताकतों के मोहरे बनकर देश को बांटने की कोशिशों में लगे हैं, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्र की एकता को मजबूत करने का कार्य कर रहे हैं।
राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शनों पर टिप्पणी करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्षी नेता अपने हाथों में संविधान की प्रति लेकर घूमते हैं, परंतु सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग जैसी गरिमामयी संस्थाओं के खिलाफ आंदोलन करते हैं तथा लगातार ईवीएम को धोखाधड़ी का साधन ठहराते हैं। उन्होंने पूछा कि जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकारें चल रही हैं, वहां के सांसद और विधायक भी इसी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के जरिए चुने गए हैं, तो क्या उनके चुनाव को भी अवैध मान लिया जाए।
संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने की साजिश का आरोप
महाराष्ट्र भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने कहा कि देश के लोकतंत्र को बचाने के संकल्प के साथ बड़ी संख्या में आम लोग इस मार्च का हिस्सा बन रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि संविधान के ढांचे के तहत स्थापित लोकतांत्रिक संस्थाएं ही भारत के प्रजातंत्र की वास्तविक नींव हैं, और उन्हें भिन्न-भिन्न तरीकों से कटघरे में खड़ा करके कमजोर करने का संगठित प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसी पृष्ठभूमि में महायुति गठबंधन ने ठाणे में यह विशाल प्रदर्शन आयोजित किया।
शिवसेना सांसद नरेश म्हस्के ने इंडिया ब्लॉक के रुख की आलोचना करते हुए कहा कि विपक्षी दल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मुकाबला करने के लिए प्रतिदिन नई चालें चलकर देश के विकास को रोकने का काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक व्यवस्था के तहत जनता ने जो जनादेश दिया है, उसे राहुल गांधी बार-बार स्वीकार करने से बच रहे हैं। उन्होंने जोड़ा कि संसद के कामकाज में निरंतर व्यवधान डालना और शीर्ष अदालत के फैसलों के खिलाफ सड़कों पर उतरना इसी नकारात्मक सोच का प्रमाण है।


















