स्पॉट मार्केट में हिचकिचाहट के बीच इथेरियम में संस्थागत पूंजी की वापसी, 100-दिन EMA बना बड़ा रोड़ागोंडा के गांवों और खेतों में मिलने वाला गम्हार का पेड़ आयुर्वेद में क्यों माना जाता है बेहद खासबलिया की आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉ. वंदना तिवारी ने बताए आंखों के काले घेरे मिटाने के असरदार उपाय और लाइफस्टाइल बदलावदिल्ली जल बोर्ड टेंडर घोटाला: 669 दिन की रिहाई के बाद एसीबी ने सत्येंद्र जैन को फिर किया गिरफ्तारमौसम प्रणालियों के असर से 19 अगस्त को 23 भारतीय राज्यों में तेज आंधी और बारिश का संकट, यूपी और बिहार अलर्ट परमिर्जापुर के विंध्य कॉरिडोर से बदला श्रद्धालुओं का अनुभव, 5 मिनट में मिल रहे मां विंध्यवासिनी के दर्शनपान मसाला विज्ञापनों पर नैतिक स्टैंड लेने के बाद घिरे सनी देओल, सोशल मीडिया पर निकला पुराना कमर्शियलपहले गेम में पिछड़ने के बाद लक्ष्य सेन ने की ज़ोरदार वापसी, ऑस्ट्रिया के खिलाड़ी को हराकर बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप के दूसरे दौर में पहुंचेकश्मीर में लश्कर के 10 हजार आतंकी भेजने का दावा, पाकिस्तानी मौलवी नसीर मदनी के बयान से उभरे गंभीर सवालसेंट्रल अफ्रीकी रिपब्लिक में बड़ा हादसा, सोने की खान गिरने से 30 मजदूरों ने गंवाई जान, मलबे में कई फंसे
मनीला में वांग यी से मिले एस जयशंकर, कहा, भारत और चीन के बीच रिश्ते धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैंनेता जी
22 जुल॰ 2026, 3:29 pm (28 दिन पहले)· 0

मनीला में वांग यी से मिले एस जयशंकर, कहा, भारत और चीन के बीच रिश्ते धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मनीला में चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों में धीरे-धीरे हो रहे सुधार का जिक्र करते हुए व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े अहम मुद्दे उठाए।

एक अहम भू-राजनीतिक घटनाक्रम में, भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मनीला में चीन के विदेश मंत्री वांग यी के साथ खास बातचीत की। यह मुलाकात दोनों एशियाई पड़ोसियों के बीच संबंधों को स्थिर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बैठक को संबोधित करते हुए जयशंकर ने कहा कि नई दिल्ली और बीजिंग के बीच रिश्ते धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं।

व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला पर अहम संदेश

इस उच्च स्तरीय बातचीत के दौरान, भारतीय राजनयिक ने कई गंभीर आर्थिक मुद्दे भी उठाए। खबरों के मुताबिक, जयशंकर ने अपने चीनी समकक्ष को तीन प्रमुख चिंताएं साफ तौर पर बताईं। इनमें बढ़ता व्यापार घाटे, भारतीय कारोबारियों के लिए बाजार तक बेहतर पहुंच की जरूरत और मजबूत आपूर्ति श्रृंखला का महत्व शामिल है। ये आर्थिक पहलू कूटनीतिक संवाद का एक अहम हिस्सा बने हुए हैं, क्योंकि दोनों देश अपनी जटिल द्विपक्षीय गतिशीलता को सुधारने की कोशिश कर रहे हैं।

सोशल मीडिया पर साझा की जानकारी

इस कूटनीतिक मुलाकात के बाद, जयशंकर ने अपना नजरिया साझा करने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स का सहारा लिया। उन्होंने मनीला में चीनी पोलित ब्यूरो के सदस्य और विदेश मंत्री के साथ हुई बैठक से अपने शुरुआती संबोधन का एक वीडियो पोस्ट किया। इस सार्वजनिक पोस्ट ने मनीला शिखर सम्मेलन के दौरान भारत के कूटनीतिक रुख की एक पारदर्शी झलक पेश की।

जनता की प्रतिक्रिया

मंत्री के इन कूटनीतिक प्रयासों को लेकर इंटरनेट पर लोगों की प्रतिक्रिया काफी हद तक सकारात्मक रही। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने उनके स्पष्ट और शांत रवैये की तारीफ की और वैश्विक मंच पर उनकी मजबूत उपस्थिति को सराहा। कई लोगों ने इस बात पर भी सहमति जताई कि जटिल द्विपक्षीय मुद्दों को सुलझाने के लिए लगातार बातचीत और आपसी समझ ही आगे बढ़ने का सबसे सही रास्ता है।

ये भी पढ़ें

सवाल-जवाब

एस जयशंकर और वांग यी की मुलाकात कहां हुई?
दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा करने के लिए मनीला में मुलाकात की।
भारत और चीन के संबंधों पर जयशंकर ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि तनाव के दौर के बाद भारत और चीन के बीच रिश्ते धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं।
बैठक के दौरान किन आर्थिक मुद्दों पर चर्चा हुई?
जयशंकर ने बढ़ते व्यापार घाटे, भारतीय कारोबारियों के लिए बाजार तक बेहतर पहुंच और मजबूत आपूर्ति श्रृंखला की जरूरत को लेकर चिंताएं उठाईं।
इस कूटनीतिक मुलाकात पर जनता की क्या प्रतिक्रिया रही?
सोशल मीडिया पर जनता की प्रतिक्रिया काफी सकारात्मक रही, जहां कई लोगों ने जयशंकर के कूटनीतिक रवैये की तारीफ की और लगातार बातचीत का समर्थन किया।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR