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वोट चोरी के आरोपों पर गांधी जयंती पर युवाओं का सड़कों पर आक्रोश, राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाईनेता जी
2 अक्तू॰ 2026, 11:20 pm (45 मिनट पहले)· 0

वोट चोरी के आरोपों पर गांधी जयंती पर युवाओं का सड़कों पर आक्रोश, राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाई

गांधी जयंती पर दिल्ली और मुंबई में युवाओं ने वोट चोरी के आरोपों को लेकर प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े किए।

गांधी जयंती के अवसर पर राजधानी दिल्ली और मुंबई की सड़कों पर युवाओं ने चुनावी प्रक्रिया और कथित वोट चोरी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता की मांग को लेकर बड़ी संख्या में युवा सड़क पर उतरे। इस पूरे घटनाक्रम के बीच पुलिस प्रशासन ने कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया और कई लोगों को हिरासत में भी लिया।

सड़कों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन और पुलिस की सख्ती

प्रदर्शन में शामिल युवा हाथों में तख्तियां लेकर बिना किसी हिंसा के अपने संवैधानिक अधिकारों के तहत आवाज उठा रहे थे। उनका मुख्य मुद्दा चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता और मुख्य चुनाव आयुक्त का पद छोड़ना था। हालांकि, दिल्ली और मुंबई की सड़कों पर स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब सुरक्षाबलों ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका। कई इलाकों में छात्र और युवा कार्यकर्ताओं को पुलिस द्वारा घसीटे जाने और हिरासत में लिए जाने की घटनाएं सामने आईं। लाठीचार्ज और पुलिसिया कार्रवाई के बावजूद प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे।

राहुल गांधी का सरकार और चुनावी व्यवस्था पर तीखा प्रहार

इस पूरे मामले पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कड़ा रुख अपनाते हुए सरकार और चुनाव आयोग के नेतृत्व पर सीधा निशाना साधा। सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा कि लाठी से भीड़ को रोका जा सकता है, लेकिन जनता के मन में उठ रहे सवालों को दबाया नहीं जा सकता। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि ज्ञानेश कुमार को अपने पद से हटना ही होगा, साथ ही उस व्यवस्था में भी बदलाव आएगा जिसने उन्हें इस जिम्मेदारी पर बैठाया है। उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे छात्र-छात्राओं के साथ पुलिस के व्यवहार की सख्त आलोचना की और इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विपरीत बताया।

जनता की प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया और आम जनमानस में इस घटनाक्रम को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई नागरिकों और विपक्षी समर्थकों ने चुनावी निष्पक्षता के मुद्दे का समर्थन करते हुए प्रदर्शनकारियों पर की गई कार्रवाई की निंदा की, जबकि कई अन्य लोगों ने इस विरोध प्रदर्शन को राजनीति से प्रेरित बताते हुए व्यवस्था पर भरोसा बनाए रखने की बात कही।

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सवाल-जवाब

गांधी जयंती पर युवा किस मुख्य मांग को लेकर सड़कों पर उतरे थे?
प्रदर्शनकारी युवा कथित वोट चोरी के खिलाफ आवाज उठा रहे थे और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से किन शहरों में हुआ?
यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से देश की राजधानी दिल्ली और मुंबई की सड़कों पर आयोजित किया गया था।
प्रदर्शनकारियों पर पुलिस प्रशासन ने क्या कार्रवाई की?
पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया, लाठीचार्ज का सहारा लिया और कई युवा प्रदर्शनकारियों को घसीटकर हिरासत में लिया।
राहुल गांधी ने इस पूरी घटना पर क्या प्रतिक्रिया दी?
राहुल गांधी ने कहा कि लाठी से भीड़ को रोका जा सकता है लेकिन सवालों को नहीं, और ज्ञानेश कुमार के साथ उन्हें पद पर बैठाने वाली व्यवस्था को भी जाना होगा।
इस घटना को लेकर आम जनता में क्या राय देखने को मिली?
सोशल मीडिया पर जनता की मिली-जुली प्रतिक्रिया रही, जहां कुछ लोगों ने चुनावी निष्पक्षता की मांग का समर्थन किया तो कुछ ने इसे राजनीति से प्रेरित बताया।
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