सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अरविंद केजरीवाल ने एक भावपूर्ण पोस्ट साझा करते हुए बताया कि उन्हें आज श्री राम मंदिर में प्रभु रामलला के दर्शन का परम सौभाग्य प्राप्त हुआ। उन्होंने इस अनुभव को अपने जीवन का एक अविस्मरणीय पल बताया और भगवान राम के प्रति अपनी गहरी आस्था का इज़हार किया।
केजरीवाल का संदेश
अरविंद केजरीवाल ने अपनी पोस्ट में लिखा कि यह भव्य मंदिर करोड़ों हिंदुओं की आस्था और गौरव का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने यह भी कहा कि श्री राम मंदिर में विराजमान प्रभु की मनमोहक मूरत की दिव्य आभा इतनी अलौकिक है कि उसे शब्दों में ढालना असंभव है। अपनी पोस्ट के अंत में उन्होंने "सियावर रामचंद्र की जय" लिखकर भगवान राम के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा व्यक्त की। यह उद्घोष सदियों पुरानी भारतीय परंपरा में राम भक्ति का सबसे प्रिय और जनप्रिय नारा माना जाता है जो हर श्रद्धालु के मन में एक विशेष स्थान रखता है।
पृष्ठभूमि
खबरों के मुताबिक, अयोध्या में श्री राम मंदिर देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है। जनवरी 2024 में संपन्न हुए प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद से यहां श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। रामनवमी जैसे प्रमुख पर्वों पर अयोध्या में विशेष आयोजन होते हैं जिनमें रामलला का भव्य सूर्य तिलक एक खास आकर्षण रहता है। इसके अलावा दिल्ली में भी अनेक प्रसिद्ध राम मंदिर हैं जो स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक महत्व रखते हैं और पर्वों के दौरान यहां भक्तों की बड़ी भीड़ उमड़ती है।
श्री राम मंदिर मयूर विहार मेट्रो स्टेशन के बारे में
दिल्ली मेट्रो की पिंक लाइन पर स्थित श्री राम मंदिर मयूर विहार मेट्रो स्टेशन दिल्ली मेट्रो नेटवर्क के तीसरे चरण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह स्टेशन 31 दिसंबर 2018 को यात्रियों के लिए खोला गया था। इसका नाम मयूर विहार क्षेत्र में स्थित एक प्राचीन राम मंदिर के नाम पर रखा गया है, जो इस इलाके के निवासियों के लिए धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अहम है। पिंक लाइन दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों को जोड़ती है और यह स्टेशन उस पूरे नेटवर्क का एक जरूरी पड़ाव है।
जनता की प्रतिक्रिया
अरविंद केजरीवाल की इस पोस्ट पर सोशल मीडिया पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। एक ओर जहां उनके समर्थकों ने राम भक्ति की इस अभिव्यक्ति का स्वागत किया और उनके साथ आस्था के संदेश साझा किए, वहीं दूसरे वर्ग के लोगों ने राम मंदिर में दान और उसकी पारदर्शिता को लेकर जवाबदेही की मांग उठाई।





















