केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को जन्मदिन की बधाई दी और इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वस्त्र उद्योग के लिए उनके काम की तारीफ की।
अमित शाह ने पोस्ट में क्या लिखा
अमित शाह ने लिखा कि गिरिराज सिंह मोदी जी के नेतृत्व में वस्त्र उद्योग को बढ़ावा देने और बुनकरों तथा कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में "सराहनीय कार्य" कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने गिरिराज सिंह के स्वस्थ और लंबे जीवन की कामना की। इस पोस्ट में किसी नई योजना या घोषणा का ज़िक्र नहीं था, यह सिर्फ जन्मदिन पर बधाई और उनके मंत्रालय की तारीफ तक सीमित रहा।
बुनकरों और कारीगरों से जुड़ा जिम्मा
अमित शाह ने अपनी पोस्ट में सीधे तौर पर उन दो वर्गों का ज़िक्र किया जो देश की वस्त्र अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं, हथकरघा और पारंपरिक कपड़ा बनाने वाले बुनकर, और हस्तशिल्प से जुड़े कारीगर। इन दोनों समूहों को आत्मनिर्भर बनाने की बात कहकर अमित शाह ने गिरिराज सिंह के काम को सरकार के आत्मनिर्भर भारत अभियान से जोड़ा, जिसके तहत बीते कुछ वर्षों में वस्त्र और हस्तशिल्प क्षेत्र के लिए कई योजनाएं शुरू की गई हैं ताकि इन कामगारों की आमदनी और बाज़ार तक पहुंच बढ़ाई जा सके। इसी वजह से यह बधाई संदेश सिर्फ औपचारिकता न होकर मंत्रालय के काम का एक तरह का सार्वजनिक प्रचार भी बन गया।
भारत टेक्स 2026 का जुड़ाव
यह जन्मदिन संदेश ऐसे समय आया है जब वस्त्र क्षेत्र में हलचल पहले से बनी हुई है। pib.gov.in पोर्टल पर 11 मार्च 2026 को प्रकाशित जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय ने भारत टेक्स 2026 का शुभारंभ किया है। भारत टेक्स को देश की वस्त्र और हस्तशिल्प क्षमताओं को खरीदारों और उद्योग जगत के सामने पेश करने वाले बड़े मंच के तौर पर देखा जाता है, और यह ठीक उन्हीं मुद्दों से जुड़ा है, बुनकरों और कारीगरों को सहारा, जिनका ज़िक्र अमित शाह ने अपनी बधाई में किया।
जनता की प्रतिक्रिया
अमित शाह की इस पोस्ट पर लोगों की प्रतिक्रिया मिली-जुली रही। कई लोगों ने सीधे तौर पर गिरिराज सिंह को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं और उनके स्वस्थ जीवन की कामना की। वहीं कुछ यूज़र्स ने इस मौके का इस्तेमाल दूसरे मुद्दे उठाने के लिए किया, जैसे गरीब और दिहाड़ी मजदूर वर्ग के लिए मोबाइल रिचार्ज नियमों में राहत की मांग, तो कुछ ने सरकार पर सामान्य कामकाज का भी श्रेय लेने का आरोप लगाते हुए वस्त्र उद्योग की मौजूदा स्थिति पर सवाल खड़े किए। कुछ टिप्पणियों में गिरिराज सिंह के मंत्रालय में बदलाव की अटकलें भी लगाई गईं, हालांकि इसकी पुष्टि न तो अमित शाह और न ही गिरिराज सिंह की तरफ से हुई।



























