सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक बयान जारी करते हुए शशि थरूर ने संसद की वर्तमान कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि देश की शीर्ष विधायी संस्था में कामकाज लगातार प्रभावित हो रहा है और महत्वपूर्ण विधेयकों को बिना किसी सार्थक चर्चा या बहस के ही पारित कराया जा रहा है।
बिना चर्चा विधेयकों के पारित होने पर उठाए सवाल
शशि थरूर ने अपनी टिप्पणी में यह स्पष्ट किया कि संसद सत्र के दौरान विधायी चर्चाएं बाधित रहने के बावजूद सांसदों को उनके अतारांकित प्रश्नों के लिखित जवाब प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने अपने एक सवाल पर सरकार से मिले लिखित उत्तर को साझा करते हुए कहा कि यह जवाब मौजूदा सरकारी व्यवस्था की कमियों को स्पष्ट रूप से सामने लाता है।
उच्च स्तरीय समिति की नाकामी पर टिप्पणी
सरकार द्वारा दिए गए आधिकारिक लिखित जवाब का हवाला देते हुए शशि थरूर ने कहा कि गठित की गई उच्च स्तरीय समिति अपने तय लक्ष्यों को हासिल करने में पूरी तरह विफल रही है। उनके अनुसार, इस उत्तर से यह पूरी तरह स्पष्ट हो जाता है कि सरकार द्वारा बनाई गई उच्चाधिकार प्राप्त समिति का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है।
जनता की प्रतिक्रिया
शशि थरूर की इस पोस्ट के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर आम जनता की तरफ से विविध प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं। कुछ लोगों ने संसदीय कार्यवाही में हो रहे व्यवधान के लिए जवाबदेही पर सवाल उठाए, जबकि अन्य उपयोगकर्ताओं ने लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और विधायी संस्थाओं के कामकाज में सुधार की आवश्यकता पर चर्चा की।


























