तमिलनाडु के बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के उद्देश्य से 11 अक्टूबर को 13,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ और शिलान्यास किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को चेन्नई के दौरे पर रहेंगे, जहां वे राज्य के औद्योगिक विकास, शहरी आवागमन और क्षेत्रीय संपर्क को गति देने वाली कई पहलों को जनता को समर्पित करेंगे। इन परियोजनाओं का मुख्य केंद्र शहरी आवागमन को आसान बनाना और राज्य के प्रमुख आर्थिक केंद्रों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
चेन्नई मेट्रो फेज-2 के नए रूट का उद्घाटन
इस विकास पैकेज के प्रमुख आकर्षणों में चेन्नई मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे चरण का पूनमल्ली-वडपलनी खंड शामिल है। इस नए हिस्से के शुरू होने से पश्चिमी उपनगरों और शहर के मध्यवर्ती इलाकों के बीच यात्रा का समय काफी घट जाएगा। दैनिक यात्रियों को भीड़भाड़ वाले सड़क मार्गों से बड़ी राहत मिलेगी, जिससे निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी और पर्यावरण अनुकूल आवागमन को बढ़ावा मिलेगा। शहरी परिवहन नेटवर्क का यह विस्तार चेन्नई के तेजी से बढ़ते कार्यक्षेत्रों को आपस में जोड़ने में भी सहायक होगा।
कोयंबटूर और आसपास के क्षेत्रों को लाभ
राजधानी चेन्नई के अलावा इन विकास योजनाओं का विस्तार राज्य के पश्चिमी औद्योगिक केंद्र तक देखा जा रहा है। कोयंबटूर और उसके नजदीकी इलाकों के लिए भी कई महत्वपूर्ण पहलों को शामिल किया गया है, जिससे विनिर्माण, वस्त्र और लघु उद्योग क्षेत्रों में काम करने वाले उद्यमों को मजबूत कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा। राज्यभर में बुनियादी ढांचे का यह संतुलित विकास क्षेत्रीय असमानता को कम करने और आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा देने की रणनीति के तहत आगे बढ़ाया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने साझा की जानकारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर संदेश साझा करते हुए बताया कि 11 अक्टूबर को चेन्नई में 13,000 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की शुरुआत होगी या उनकी आधारशिला रखी जाएगी। उन्होंने विशेष रूप से चेन्नई मेट्रो रेल परियोजना के फेज-2 के तहत पूनमल्ली-वडपलनी स्ट्रेच के उद्घाटन का उल्लेख किया, जिसे शहर के आवागमन ढांचे के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
जनता की मिली-जुली प्रतिक्रिया
इस घोषणा के बाद आम नागरिकों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं की ओर से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। जहां कई लोगों ने बुनियादी ढांचे में बड़े पैमाने पर पूंजी निवेश और आधुनिक मेट्रो विस्तार की सराहना करते हुए इसे आर्थिक प्रगति के लिए जरूरी बताया, वहीं कुछ नागरिकों ने पूर्व में बंद रहे मेट्रो स्टेशनों, बेरोजगारी और सार्वजनिक प्राथमिकताओं को लेकर सवाल भी उठाए।


























