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जोधपुर में वायु सेना का बहुपक्षीय अभ्यास तरंग शक्ति शुरू, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मित्र देशों के तालमेल पर दिया जोरनेता जी
10 अक्तू॰ 2026, 12:36 pm (1 घंटे पहले)· 0

जोधपुर में वायु सेना का बहुपक्षीय अभ्यास तरंग शक्ति शुरू, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मित्र देशों के तालमेल पर दिया जोर

भारतीय वायु सेना के जोधपुर युद्धाभ्यास 'तरंग शक्ति' में सात विदेशी वायु सेनाएं शामिल हुई हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य मित्र राष्ट्रों के बीच रणनीतिक समन्वय को सुदृढ़ करना है।

राजस्थान के जोधपुर में भारतीय वायु सेना के बहुपक्षीय युद्धाभ्यास 'तरंग शक्ति' का परिचालन चरण शुरू हो गया है, जिसमें दुनिया की प्रमुख वायु सेनाएं एक साथ अभ्यास कर रही हैं। इस अंतरराष्ट्रीय अभ्यास के दौरान आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मित्र देशों के बीच परिचालन तालमेल को मजबूत करने की आवश्यकता को रेखांकित किया।

जोधपुर में वैश्विक वायु सेनाओं का साझा अभ्यास

सात विदेशी वायु सेनाओं के साथ शुरू हुए इस विशाल युद्धाभ्यास में विभिन्न देशों की सामरिक क्षमताओं और साझा कार्यप्रणाली को परखा जा रहा है। इस तरह के आयोजनों का मुख्य मकसद विभिन्न सेनाओं के बीच सैन्य सहयोग और अंतर-संचालन क्षमता को बढ़ावा देना है, जिससे जटिल हवाई अभियानों में संयुक्त तालमेल को साधा जा सके।

रक्षा मंत्री का संबोधन

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित प्रतिनिधियों और सैन्य अधिकारियों को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा कि इस अभ्यास का मुख्य लक्ष्य सहयोगी देशों के मध्य परिचालन समन्वय को बढ़ावा देना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकार के संयुक्त मंच विभिन्न देशों की वायु सेनाओं को एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने और आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों का मिलकर सामना करने में सक्षम बनाते हैं।

उन्नत लड़ाकू विमानों का प्रदर्शन

इस युद्धाभ्यास में अमेरिकी लड़ाकू विमान एफ-35 लाइटनिंग II पहली बार भारत में अभ्यास का हिस्सा बना है, जिसे दोनों देशों के बीच समन्वय और तत्परता के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके अलावा, फ्रांस की वायु और अंतरिक्ष सेना के मिशन पेगास 26 के तहत राफेल विमान, एमआरटीटी और ए400एम विमान जोधपुर पहुंचे हैं। जर्मनी का ए400एम सैन्य परिवहन विमान और भारत का स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस भी इस युद्धाभ्यास के जरिए अपनी तकनीकी क्षमताओं का प्रदर्शन कर रहे हैं।

जनता की प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर इस आयोजन और रक्षा मंत्री के बयान पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने जहां वैश्विक ताकतों के साथ भारत के बढ़ते रणनीतिक संबंधों की सराहना की, वहीं कुछ अन्य उपयोगकर्ताओं ने अमेरिका जैसे देशों के साथ इस तरह की सैन्य साझेदारी की प्रकृति पर सवाल उठाए।

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सवाल-जवाब

तरंग शक्ति अभ्यास का परिचालन चरण कहाँ आयोजित किया जा रहा है?
यह अभ्यास राजस्थान के जोधपुर में भारतीय वायु सेना के केंद्र पर आयोजित किया जा रहा है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस अभ्यास का क्या मुख्य उद्देश्य बताया?
उन्होंने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य मित्र राष्ट्रों के बीच परिचालन तालमेल और सहयोग को बढ़ाना है।
इस युद्धाभ्यास में कितने विदेशी देशों की वायु सेनाएं शामिल हैं?
जोधपुर में शुरू हुए इस परिचालन चरण में सात विदेशी वायु सेनाएं हिस्सा ले रही हैं।
कौन सा अमेरिकी लड़ाकू विमान पहली बार भारत में किसी अभ्यास में शामिल हुआ है?
अमेरिकी वायु सेना का एफ-35 लाइटनिंग II लड़ाकू विमान पहली बार भारत में किसी सैन्य अभ्यास का हिस्सा बना है।
फ्रांस और जर्मनी की ओर से कौन से प्रमुख विमान इस अभ्यास में पहुंचे हैं?
फ्रांस की ओर से राफेल, एमआरटीटी और ए400एम विमान शामिल हुए हैं, जबकि जर्मनी ने अपना ए400एम विमान भेजा है।
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