खेतों में पानी को लेकर भड़के भाजपा विधायक अजय चंद्राकर, अधिकारी को फोन पर दी चेतावनीईंधन संकट से निपटने के लिए 10 करोड़ बैरल कच्चा तेल और डीजल जारी करेंगे जी7 देशउदयपुर के कन्हैयालाल मर्डर केस में राजस्थान हाईकोर्ट का सख्त रुख, 5 आरोपियों की जमानत अर्जियां नामंजूरभुवनेश्वर में युवती से अनाचार का आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार, पैर में गोली लगने के बाद पहुंचा अस्पतालदादी-नानी के दौर से आज तक: शेविंग कट से गले की खराश तक फिटकरी के पारंपरिक फायदे और जरूरी सावधानियांमेटा के म्यूज एआई का नया खुलासा: दोस्तों और परिवार के हर सदस्य की तैयार हो रही है निजी प्रोफाइलशिवाजी पार्क में बिना अनुमति प्रदर्शन पर कॉकरोच जनता पार्टी के 500 कार्यकर्ताओं पर मुंबई पुलिस की कार्रवाईप्रताप नगर में जेप्टो के डार्क स्टोर पर खाद्य सुरक्षा टीम का छापा, 25 किलो एक्सपायर्ड सामान नष्टपंजाब सीमा पर घुसपैठ और नशे की तस्करी को लेकर भारत सख्त, पाकिस्तानी राजनयिक को तलब कर दर्ज कराया कड़ा विरोधपाकिस्तान में बिजली संकट के बीच शादियों में दहेज बना सोलर पैनल, घरों की छतों पर छाया चीनी उपकरण
पाकिस्तान में बिजली संकट के बीच शादियों में दहेज बना सोलर पैनल, घरों की छतों पर छाया चीनी उपकरणपाकिस्तान
3 अक्तू॰ 2026, 10:42 pm (43 मिनट पहले)· 0

पाकिस्तान में बिजली संकट के बीच शादियों में दहेज बना सोलर पैनल, घरों की छतों पर छाया चीनी उपकरण

पाकिस्तान में बिजली की दरें 21 से 25 रुपये प्रति यूनिट पहुंचने के बाद आम लोग तेजी से छतों पर सौर ऊर्जा अपना रहे हैं, जिससे यह अब शादियों में तोहफे और दहेज का हिस्सा बन चुका है।

पाकिस्तान में बुनियादी बिजली की कीमतें आसमान छूने के कारण आम परिवारों के घरेलू बजट पूरी तरह चरमरा गए हैं। हालात इस हद तक पहुंच चुके हैं कि लोग अब शादी-ब्याह में घरेलू रोशनी और पंखों का सहारा सुनिश्चित करने के लिए दहेज और उपहार के रूप में सोलर पैनल देने लगे हैं। पारंपरिक तौर पर पनबिजली यानी हाइड्रोपॉवर पर निर्भर इस मुल्क में उत्पादन लागत लगातार बढ़ी है, जिसके चलते बिजली की दरें 21 से 25 रुपये प्रति यूनिट के स्तर तक जा पहुंची हैं। इस भारी भरकम खर्च ने आम नागरिकों के लिए ग्रिड वाली बिजली का नियमित इस्तेमाल करना लगभग नामुमकिन बना दिया है, जिसके विकल्प के रूप में चीनी सोलर उपकरणों ने देश के ऊर्जा परिदृश्य को बदलना शुरू कर दिया है।

पनबिजली से सौर ऊर्जा की तरफ बदलता रुख

पाकिस्तान में अधिकांश बड़े हाइड्रोपॉवर प्रोजेक्ट्स को वित्तीय सहायता और निवेश चीन की तरफ से ही मिलता रहा है। हालांकि, निर्माण और संचालन के ऊंचे खर्च को देखते हुए यह साफ हो गया कि पनबिजली के मुकाबले सोलर एनर्जी कहीं अधिक किफायती विकल्प साबित हो सकती है। इसी रणनीति के तहत चीन ने पाकिस्तान को सौर ऊर्जा का दायरा बढ़ाने की सलाह दी, जिसके बाद स्थानीय बाजारों में चीनी उपकरणों की आपूर्ति बड़े पैमाने पर शुरू हुई। देश की लगभग 25 करोड़ की आबादी में से करीब 5 करोड़ लोग गरीबी रेखा के नीचे अपना जीवन गुजार रहे हैं। ऐसे परिवारों के लिए 21 से 25 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली बिल भरना संभव नहीं रह गया था। नतीजतन, देश में तकनीक आधारित ऊर्जा की हिस्सेदारी जो एक दशक पहले केवल 3 फीसदी थी, वह अब छलांग लगाकर 20 फीसदी तक पहुंच चुकी है।

ये भी पढ़ें

शादियों में उपहार और चीन से बढ़ता आयात

महंगे बिलों से निजात पाने के लिए आवासीय इलाकों से लेकर दूरदराज के क्षेत्रों तक सोलर सिस्टम लगाने की होड़ मची है। मांग में आए इस जबरदस्त उछाल के कारण बीते साल पाकिस्तान सौर उपकरणों की खरीद के मामले में चीन का तीसरा सबसे बड़ा आयातक देश बनकर उभरा। घरेलू स्तर पर यह बदलाव इतना गहरा चुका है कि विवाह समारोहों में सोलर किट, पैनल और इनवर्टर दहेज सामग्री के रूप में दिए जा रहे हैं। रिश्तेदार और परिचित भी अब एक-दूसरे को पारंपरिक उपहारों की जगह सौर उपकरण भेंट कर रहे हैं, ताकि घरों में बिना भारी बिल के बुनियादी बिजली चालू रह सके।

छोटे इलाकों में राहत लेकिन ग्रिड संकट गहराया

दूरदराज के कस्बों और छोटे ग्रामीण इलाकों में सौर ऊर्जा ने उन घरों तक भी रोशनी पहुंचाई है, जहां पहले ग्रिड का नेटवर्क बेहद कमजोर था। इसके अलावा, औद्योगिक उपभोक्ताओं ने भी एशिया की सबसे महंगी बिजली दरों से अपने कारोबार को बचाने के लिए सौर संयंत्रों का सहारा लिया है। हालांकि, इस बदलाव ने एक नया संरचनात्मक संकट खड़ा कर दिया है। जैसे-जैसे संपन्न परिवार और उद्योग मुख्य ग्रिड से कटकर अपनी छतों पर निर्भर हो रहे हैं, वैसे-वैसे सरकारी बिजली कंपनियों की मांग और आय में भारी गिरावट आ रही है। इस राजस्व घाटे के कारण देश के सबसे बड़े कोयला आधारित बिजलीघरों को चलाने वाली चीनी कंपनियों के बकाए का भुगतान करना पाकिस्तान सरकार के लिए बेहद कठिन होता जा रहा है।

बैटरी आयात में 150 फीसदी की तेजी और वित्तीय उलझन

कस्टम आंकड़ों के अनुसार, मौजूदा साल की पहली छमाही के दौरान चीन से बैटरी का आयात लगभग 150% बढ़कर तकरीबन 39.2 करोड़ डॉलर दर्ज किया गया। लाहौर स्थित कंपनी ‘इनोवो कॉर्प’ के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मुहम्मद मुजाहिद का कहना है कि जो भी उपभोक्ता पारंपरिक ग्रिड छोड़कर सौर ऊर्जा अपना रहा है, उससे समूचे सिस्टम पर वित्तीय बोझ बढ़ रहा है। पाकिस्तान की सरकार बकाया चीनी कर्जों पर राहत पाने के लिए बातचीत कर रही है, परंतु चीनी अधिकारी फिलहाल किसी बड़ी रियायत के पक्ष में नहीं हैं क्योंकि इससे उनकी अपनी सरकारी कंपनियों और वित्तीय संस्थानों को सीधा नुकसान पहुंच सकता है।

सवाल-जवाब

पाकिस्तान में बिजली की दरें किस स्तर तक पहुंच गई हैं?
पाकिस्तान में हाइड्रोपॉवर से बनने वाली बिजली की कीमत 21 से 25 रुपये प्रति यूनिट तक पहुंच गई है।
शादियों में सोलर पैनल क्यों दिए जा रहे हैं?
बिजली के अत्यधिक महंगे बिलों से बचने और घरों में बिना रुकावट रोशनी बनाए रखने के लिए लोग अब दहेज और उपहार में सोलर पैनल देने लगे हैं।
चीन से सोलर उपकरणों के आयात में पाकिस्तान का क्या स्थान रहा है?
बीते साल पाकिस्तान सौर उपकरणों की खरीद के मामले में चीन का तीसरा सबसे बड़ा आयातक देश बन गया था।
पाकिस्तान में बैटरी आयात में कितनी बढ़ोतरी दर्ज की गई है?
साल की पहली छमाही में चीन से बैटरी का आयात लगभग 150 प्रतिशत बढ़कर करीब 39.2 करोड़ डॉलर तक पहुंच गया।
सौर ऊर्जा बढ़ने से बिजली ग्रिड पर क्या असर पड़ रहा है?
उपभोक्ताओं के सोलर अपनाने से सरकारी ग्रिड की बिजली मांग घट गई है, जिससे कंपनियों का मुनाफा कम हो रहा है और चीनी कोयला बिजली संयंत्रों का कर्ज चुकाना कठिन हो गया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp