राजस्थान के बूंदी जिला अस्पताल में सफाईकर्मियों का कार्य बहिष्कार, बकाया मानदेय को लेकर मुख्य द्वार पर प्रदर्शनत्योहारी सीजन में साधारण खीर को दें नया ट्विस्ट, घर पर ऐसे तैयार करें मलाईदार कैरेमल राइस खीरमेहरानगढ़ के चामुंडा माता मंदिर में नवरात्रि दर्शन व्यवस्था और सुरक्षा गाइडलाइन तयपाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के इस्लामाबाद मार्च से पहले रावलपिंडी में धारा 144, राजधानी के रास्तों पर कंटेनर लगाकर नाकेबंदीसरगुजा के मैनपाट में खरीफ के बाद शीतकालीन आलू की बुवाई से किसान सिकंदर कमा रहे मोटा मुनाफाअफगानिस्तान के खिलाफ हसन महमूद का बड़ा धमाका, टेस्ट क्रिकेट में हैट्रिक लेने वाले बने बांग्लादेश के पहले तेज गेंदबाजलोरडिया तालाब में पसरी गंदगी ने छीनी पाली के सिंघाड़े की मिठास, बाहरी आवक पर निर्भर हुए बाजारराजस्थान के धौलपुर में शारदीय नवरात्रि पर शक्ति सुरक्षा अभियान शुरू, गरबा पंडालों में सादे कपड़ों में रहेगी कालिका टीमराजस्थान में पंचायत चुनाव 2026 के लिए भाजपा का विजन डॉक्यूमेंट जारी, ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट और पानी पर रहेगा जोरगेहूं से बंपर पैदावार चाहिए तो मिट्टी जांच और प्रमाणित किस्मों के साथ करें बुवाई
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के इस्लामाबाद मार्च से पहले रावलपिंडी में धारा 144, राजधानी के रास्तों पर कंटेनर लगाकर नाकेबंदीपाकिस्तान
11 अक्तू॰ 2026, 2:30 pm (12 मिनट पहले)· 0

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के इस्लामाबाद मार्च से पहले रावलपिंडी में धारा 144, राजधानी के रास्तों पर कंटेनर लगाकर नाकेबंदी

इमरान खान की रिहाई को लेकर इस्लामाबाद बढ़ रहे पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के लॉन्ग मार्च के बीच रावलपिंडी में 30 दिनों के लिए धारा 144 लागू कर दी गई है। राजधानी के मुख्य रास्तों को कंटेनर लगाकर बंद किया गया है और सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर हैं।

पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई और चिकित्सीय सुविधाओं की मांग को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) का विशाल काफिला राजधानी इस्लामाबाद की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिसके मद्देनजर रावलपिंडी प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए पूरे शहर में 30 दिनों के लिए धारा 144 लागू कर दी है। खुफिया एजेंसियों से संवेदनशील ठिकानों पर सुरक्षा संबंधी खतरों की चेतावनी मिलने के बाद यह फैसला लिया गया है। इस आदेश के तहत 8 नवंबर 2026 तक शहर में पांच या उससे अधिक लोगों के एक जगह एकत्र होने, किसी भी तरह की रैली, धरने, प्रदर्शन और बिना अनुमति के ड्रोन उड़ाने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है।

सातवें दिन में पहुंचा खैबर पख्तूनख्वा से निकला विरोध मार्च

पीटीआई का यह सरकार विरोधी लॉन्ग मार्च शनिवार को अपने सातवें दिन में पहुंच गया। इस विरोध प्रदर्शन की शुरुआत 4 अक्टूबर 2026 को खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के लक्की मरवत इलाके से हुई थी। खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी इस मार्च का नेतृत्व कर रहे हैं और इसमें हजारों की तादाद में समर्थक मौजूद हैं। यह काफिला अलग-अलग पड़ावों से गुजरते हुए आगे बढ़ रहा है। अब तक यह मार्च करक, कोहाट और पेशावर के रास्तों को पार कर चुका है। प्रदर्शनकारियों का प्रमुख उद्देश्य जेल में बंद इमरान खान को रिहा कराना और उन्हें तुरंत जरूरी मेडिकल सुविधाएं मुहैया कराना है। मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने स्पष्ट किया है कि जब सभी प्रदर्शनकारी स्वाबी में एकत्रित हो जाएंगे, तब इस्लामाबाद में दाखिल होने की पुख्ता रणनीति और अगले चरण का औपचारिक ऐलान किया जाएगा।

ये भी पढ़ें

राजधानी की सीमाओं पर शिपिंग कंटेनर और कड़े सुरक्षा इंतजाम

दूसरी तरफ शहबाज शरीफ की अगुवाई वाली केंद्र सरकार ने प्रदर्शनकारियों को किसी भी हाल में राजधानी में प्रवेश न करने देने का कड़ा रुख अपनाया है। इस्लामाबाद के महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों और संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। शहर में प्रवेश करने वाले रास्तों, विशेष रूप से श्रीनगर हाईवे और जीटी रोड पर रेत से भरे भारी शिपिंग कंटेनर खड़े कर दिए गए हैं ताकि काफिले की आवाजाही को रोका जा सके। प्रमुख चौराहों और सीमाओं पर पुलिस के साथ-साथ अर्धसैनिक बलों की भारी टुकड़ियां तैनात की गई हैं। खैबर पख्तूनख्वा के गवर्नर फैसल करीम कुंडी ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि प्रदर्शनकारियों को कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ेगा और उन्हें अटक से आगे पंजाब प्रांत की सीमा में कदम नहीं रखने दिया जाएगा। सुरक्षा कारणों के चलते खैबर पख्तूनख्वा और पंजाब के चुनिंदा इलाकों में मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाओं को भी अस्थायी तौर पर बंद रखा गया है।

अनुच्छेद 245 के तहत सेना की तैनाती और संवेदनशील ठिकानों की निगरानी

रावलपिंडी में प्रशासनिक सख्ती का दायरा केवल पुलिस तक सीमित नहीं है, बल्कि वहां सेना की मौजूदगी पहले से तय है। पाकिस्तान सरकार ने पूर्व में ही संविधान के अनुच्छेद 245 के प्रावधानों का इस्तेमाल करते हुए सेना की तीन कंपनियों की तैनाती को मंजूरी दी थी। यह तैनाती 21 अगस्त 2026 से छह महीने की अवधि के लिए प्रभावी की गई थी। अब धारा 144 के नए आदेशों के बाद स्थानीय प्रशासन ने शहर भर में राजनीतिक गतिविधियों और सार्वजनिक जमावड़े पर पूरी तरह रोक लगा दी है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और सभी संवेदनशील ठिकानों पर निगरानी के विशेष निर्देश जारी किए गए हैं।

सवाल-जवाब

रावलपिंडी में धारा 144 क्यों लागू की गई है?
पीटीआई के लॉन्ग मार्च और संवेदनशील ठिकानों पर सुरक्षा खतरों की खुफिया चेतावनी के बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा 144 लागू की गई है।
धारा 144 के तहत रावलपिंडी में किन चीजों पर रोक है?
पांच से अधिक लोगों के एकत्र होने, रैलियों, धरनों, प्रदर्शनों और बिना अनुमति ड्रोन के इस्तेमाल पर 8 नवंबर 2026 तक रोक लगाई गई है।
पीटीआई का यह लॉन्ग मार्च कब और कहां से शुरू हुआ था?
यह विरोध मार्च 4 अक्टूबर 2026 को खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के लक्की मरवत से शुरू हुआ था।
इस लॉन्ग मार्च का नेतृत्व कौन कर रहा है और उनकी मुख्य मांगें क्या हैं?
मार्च का नेतृत्व खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी कर रहे हैं, और मुख्य मांग जेल में बंद इमरान खान की रिहाई व उनके लिए मेडिकल सुविधाएं हैं।
इस्लामाबाद में प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं?
श्रीनगर हाईवे और जीटी रोड पर रेत से भरे बड़े शिपिंग कंटेनर लगाए गए हैं तथा पुलिस और अर्धसैनिक बलों की भारी तैनाती की गई है।
रावलपिंडी में सेना की तैनाती किस आधार पर की गई है?
पाकिस्तान के संविधान के अनुच्छेद 245 के तहत सेना की तीन कंपनियों को 21 अगस्त 2026 से छह महीने के लिए तैनात करने की मंजूरी दी गई थी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp