पाकिस्तान के अशांत प्रांत बलूचिस्तान में बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) के संगठित हमलों ने सड़क यातायात और परिवहन संपर्क व्यवस्था को गंभीर रूप से पंगु बना दिया है। मस्तंग इलाके में सशस्त्र विद्रोहियों ने जोरदार धमाकों के जरिए कई छोटे पुलों को पूरी तरह नष्ट अथवा क्षतिग्रस्त कर दिया। पुल टूटने की इन घटनाओं से विभिन्न शहरों के बीच सीधी आवाजाही बाधित हो गई और स्थानीय रास्ते पूरी तरह कट गए। स्थानीय स्तर पर शुरू हुआ यह व्यवधान धीरे-धीरे बढ़कर पूरे क्षेत्र के सबसे मुख्य मार्ग तक पहुंच गया, जिससे क्षेत्र में चौतरफा आपात स्थिति पैदा हो गई।
क्वेटा-कराची राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवाजाही ठप
इन हमलों का सबसे व्यापक प्रभाव तब देखा गया जब बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा को सिंध के मुख्य व्यापारिक शहर कराची से जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह ठप हो गया। BLA के हथियारबंद सदस्यों और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के बीच हिंसक झड़पें होने के बाद अधिकारियों को इस अति-महत्वपूर्ण सड़क को कई घंटों के लिए पूरी तरह बंद करने पर मजबूर होना पड़ा। इस अप्रत्याशित बंदी के कारण राजमार्ग के दोनों ओर आवश्यक सामान ले जाने वाले मालवाहक ट्रकों और यात्री गाड़ियों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं, जिससे सैकड़ों लोग और चालक सड़क पर ही फंसे रहे।
खादकोचा और मस्तंग में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू
सुरक्षा स्थिति के गंभीर होने पर स्थानीय अधिकारियों ने खादकोचा और मस्तंग के कई संवेदनशील हिस्सों में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू कर दिया है। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सुरक्षा चिंताओं के कारण अपने-अपने घरों के अंदर ही रहें। क्षेत्र में शांति बनाए रखने और नियंत्रण हासिल करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। सुरक्षा बल न केवल बंद मार्गों को फिर से खुलवाने का प्रयास कर रहे हैं, बल्कि भविष्य में होने वाले हमलों को रोकने और विद्रोही तत्वों को पकड़ने के लिए व्यापक तलाशी अभियान चला रहे हैं। हालांकि, सेना का पहरा और चौकसी बढ़ाए जाने के बावजूद विद्रोहियों के हमलों की घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है।
विद्रोहियों द्वारा पुलों को निशाना बनाने का कारण
बलूचिस्तान में सक्रिय विद्रोही संगठन काफी समय से परिवहन और संचार प्रणालियों को बाधित करने की सोची-समझी रणनीति पर काम कर रहे हैं। BLA पूर्व में भी रेलवे लाइनों, प्रमुख राजमार्गों, पुलों और सुरक्षा चौकियों जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों पर बार-बार हमले करता रहा है। पुलों को विस्फोट से नष्ट करने के पीछे मुख्य उद्देश्य संबंधित क्षेत्रों को अस्थायी रूप से मुख्यधारा से अलग-थलग करना होता है। इससे सुरक्षा बलों के रसद आपूर्ति मार्ग बाधित हो जाते हैं और सेना तथा आम लोगों को लंबे तथा कठिन वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करना पड़ता है। विद्रोही बिना किसी इलाके पर स्थायी कब्जा जमाए भी सरकार पर बड़ा असर डालने के लिए ऐसे बुनियादी ढांचों को निशाना बनाते हैं ताकि सरकार उनकी मांगों पर ध्यान देने को मजबूर हो।
आपूर्ति संकट और बलूच विद्रोह की पृष्ठभूमि
क्वेटा-कराची हाईवे बलूचिस्तान के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण जीवनरेखा का कार्य करता है। प्रांत की कठिन और दुर्गम पहाड़ी बनावट के कारण वैकल्पिक सड़कें न के बराबर हैं। ऐसे में इस मुख्य राजमार्ग के लंबे समय तक बंद रहने से पूरे क्षेत्र में भोजन, राशन, ईंधन और अन्य अनिवार्य वस्तुओं की भारी किल्लत हो सकती है। BLA समेत कई बलूच विद्रोही समूह लंबे समय से पाकिस्तानी हुकूमत के खिलाफ सशस्त्र लड़ाई लड़ रहे हैं। उनका आरोप है कि इस्लामाबाद बलूचिस्तान के प्रचुर प्राकृतिक संसाधनों का लगातार दोहन कर रहा है, लेकिन इसके बदले में बलूच जनता को कोई उचित आर्थिक लाभ या राजनीतिक प्रतिनिधित्व नहीं दे रहा है। दूसरी तरफ, पाकिस्तान की सरकार विद्रोहियों के इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करती रही है।



















