तमिलनाडु की राजनीति में गुरुवार को एक बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है. अभिनेता से नेता बने मुख्यमंत्री थलापति विजय की पार्टी टीवीके में एआईएडीएमके के कई बड़े नेता और सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल होने की तैयारी में हैं. सूत्रों की मानें तो कम से कम पांच पूर्व मंत्री, करीब 15 पूर्व विधायक और जिला व स्थानीय स्तर के बड़ी संख्या में पदाधिकारी एक साथ पार्टी बदल सकते हैं. अगर यह सब तय योजना के मुताबिक हुआ तो यह टीवीके के गठन के बाद अब तक का सबसे बड़ा संगठनात्मक विस्तार साबित होगा.
ममल्लापुरम के एक रिजॉर्ट में होने वाले कार्यक्रम में इन नेताओं को औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता दिलाई जाएगी. राजनीतिक जानकार इसे टीवीके के लिए एक बड़ा संगठनात्मक बूस्ट मान रहे हैं. गौरतलब है कि हाल के दिनों में विपक्ष लगातार टीवीके पर विधायकों की तोड़फोड़ और हॉर्स ट्रेडिंग जैसे आरोप लगाता रहा है. ऐसे में इतने बड़े पैमाने पर नेताओं का एक साथ पाला बदलना तमिलनाडु की सियासत का नया समीकरण गढ़ सकता है.
कौन-कौन नेता हो सकते हैं शामिल
सूत्रों के अनुसार टीवीके ज्वाइन करने वालों की सूची में एआईएडीएमके के पूर्व मंत्री सी. विजयभास्कर, एम.आर. विजयभास्कर, एमएसएम आनंदन और एस. वलारमथि जैसे बड़े नाम शामिल हैं. इनके अलावा करीब 15 पूर्व विधायक, कई जिला सचिव, स्थानीय पदाधिकारी और बड़ी तादाद में जमीनी कार्यकर्ता भी पार्टी छोड़ने की तैयारी में हैं. करूर और पुडुकोट्टई जिलों से एआईएडीएमके के कई प्रभावशाली चेहरे भी विजय की पार्टी का हिस्सा बन सकते हैं. इसके साथ ही पूर्व केंद्रीय मंत्री एम.के. अलागिरी की बेटी कायलविझी के भी टीवीके में शामिल होने की चर्चा तेज है.
एआईएडीएमके के भीतर बढ़ती बेचैनी
हालिया विधानसभा चुनाव में कमजोर प्रदर्शन के बाद से एआईएडीएमके संगठनात्मक संकट का सामना कर रही है. पार्टी प्रमुख एडप्पादी के. पलानीस्वामी के नेतृत्व पर लगातार सवाल उठ रहे हैं और कई वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी खुलकर सामने आ चुकी है. सूत्रों के मुताबिक जिन नेताओं के टीवीके में जाने की बात चल रही है, उनमें से कुछ पहले ही अपने विधायक पद या पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे चुके हैं. यही वजह है कि इसे महज व्यक्तिगत फैसला नहीं बल्कि एआईएडीएमके के भीतर पनप रहे व्यापक असंतोष का संकेत माना जा रहा है.
पहले भी कई दिग्गज थाम चुके हैं टीवीके का दामन
यह पहला मौका नहीं है जब एआईएडीएमके के बड़े चेहरे विजय की पार्टी का रुख कर रहे हैं. इसी महीने पहले भी एमसी संपत, एनआर शिवापति, कडंबूर सी. राजू और उदुमलाई के. राधाकृष्णन जैसे चार पूर्व मंत्री टीवीके में शामिल हो चुके हैं. ये सभी नेता कभी जे. जयललिता और बाद में ए. पलानीस्वामी की सरकार में मंत्री पद संभाल चुके हैं. इतना ही नहीं, बीते कुछ महीनों में डीएमके के भी कई नेता और कार्यकर्ता टीवीके ज्वाइन कर चुके हैं. इससे यह साफ संकेत मिलता है कि विजय अपनी पार्टी को केवल अपनी स्टार पावर के भरोसे नहीं, बल्कि अनुभवी नेताओं और मजबूत संगठन के दम पर खड़ा करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं.
क्या अपने दम पर और मजबूत होगी विजय की सरकार
विजय की पार्टी पहले से ही तमिलनाडु की सत्ता में है और अब लगातार दूसरे दलों के नेताओं को अपने साथ जोड़कर संगठन को और पुख्ता करने की कोशिश में जुटी है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर एआईएडीएमके के वरिष्ठ नेता और उनके समर्थक बड़ी तादाद में टीवीके में शामिल होते हैं, तो इससे पार्टी की जिला स्तर तक पकड़ काफी मजबूत होगी. इसका सीधा फायदा आने वाले स्थानीय निकाय चुनावों से लेकर अगले विधानसभा चुनाव तक मिल सकता है. खासकर उन इलाकों में जहां एआईएडीएमके का पारंपरिक वोट बैंक मजबूत रहा है, वहां टीवीके अब अपनी जमीन मजबूत करने की कोशिश करेगी.













