कांग्रेस पार्टी के भीतर ही राहुल गांधी के नेतृत्व और उनके सहयोगियों द्वारा दिए जा रहे बयानों पर बड़ा वैचारिक मतभेद खुलकर सामने आ गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भले ही विपक्ष की अगुवाई कर रहे हों, लेकिन उनकी ही पार्टी के कद्दावर नेताओं ने इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई है कि देश में किसी भी प्रकार के तख्तापलट या रिजीम चेंज की बात की जाए। कांग्रेस के सीनियर लीडर आनंद शर्मा ने ऐसे बयानों को पूरी तरह गैर-जिम्मेदार करार दिया है और स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जो लोग इस तरह के ख्वाब देख रहे हैं, वे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की मूल भावना से पूरी तरह अनजान हैं। आनंद शर्मा के मुताबिक एक लोकतांत्रिक देश में सिर्फ निष्पक्ष चुनावों के जरिए सरकारें चुनी जाती हैं और बदली जाती हैं, जबकि तख्तापलट जैसी अवधारणा का यहाँ कोई स्थान नहीं होता है।
शशि थरूर का समर्थन और नेपाल-बांग्लादेश वाली तुलना पर तंज
कांग्रेस के एक अन्य वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने भी आनंद शर्मा के इन विचारों का पूरी तरह समर्थन किया है। शशि थरूर ने स्पष्ट किया कि भारत एक मजबूत लोकतांत्रिक राष्ट्र है जहाँ सत्ता परिवर्तन केवल और केवल जनता के वोटों के माध्यम से संभव है। जो लोग भारत की तुलना पड़ोसी देशों से करने की कोशिश कर रहे हैं, वे भारी गलतफहमी के शिकार हैं। शशि थरूर ने अपनी बात रखते हुए कहा कि भारत में रिजीम चेंज जैसी कोई व्यवस्था नहीं हो सकती क्योंकि यह बांग्लादेश नहीं बल्कि भारत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि असली लड़ाई स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के लिए है, ताकि नागरिकों को अपने मताधिकार का पूरा हक मिल सके और वे अपनी पसंद की सरकार चुन सकें, भले ही वे सरकार के मौजूदा नुमाइंदों को नापसंद ही क्यों न करते हों। लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का रिजीम चेंज की भाषा से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है। इस बीच, यह बयानबाजी उस घटनाक्रम के बाद तेज हुई है जब वकील प्रशांत भूषण ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि वह पीछे नहीं हटेंगे और रिजीम चेंज लाकर ही दम लेंगे।
शिवराज सिंह चौहान का राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखा प्रहार
जब कांग्रेस पार्टी के अपने वरिष्ठ नेताओं ने ही रिजीम चेंज के इस नैरेटिव की हवा निकाल दी, तो भारतीय जनता पार्टी को राहुल गांधी पर हमला करने का एक और मौका मिल गया। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तंज कसते हुए कहा कि जो नेता 99 बार अपनी राजनीतिक लॉन्चिंग के क्वालिटी चेक में बुरी तरह फेल हो चुके हैं, वे आज बीजेपी की एक्सपायरी डेट तय करने चले हैं। कांग्रेस पार्टी ने अपनी ओर से हर संभव दांव आजमा लिए, लेकिन देश की जनता ने हर बार राहुल गांधी के प्रयासों को धराशायी कर दिया है। शिवराज सिंह चौहान का कहना था कि आज देश के प्रत्येक नागरिक का नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अटूट विश्वास है और जब तक यह जनसमर्थन और भरोसा कायम है, तब तक विपक्ष के नेता इसी तरह हताशा और बौखलाहट में बयान देते रहेंगे।
स्मृति ईरानी ने लगाया गंभीर आरोप
इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम में बीजेपी की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी भी पीछे नहीं रहीं और उन्होंने सीधे तौर पर राहुल गांधी को अपनी तीखी आलोचना का निशाना बनाया। स्मृति ईरानी ने कहा कि राहुल गांधी का असली चेहरा अब पूरी तरह बेनकाब हो चुका है। अतीत में वह तथाकथित टुकड़े-टुकड़े गैंग के पैरोकार रहे हैं और अब बांग्लादेश जैसे मॉडल को देश में लागू करके रिजीम चेंज करने के खतरनाक ख्वाब देख रहे हैं। स्मृति ईरानी ने याद दिलाया कि बांग्लादेश में किस तरह से अल्पसंख्यकों और हिंदुओं का नरसंहार हुआ था। ऐसे में उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राहुल गांधी और उनके राजनीतिक सहयोगी उसी तर्ज पर रिजीम चेंज के नाम पर भारत में भी हिंदुओं का नरसंहार करवाना चाहते हैं?



















