नई दिल्ली में आयोजित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के एक रात्रिभोज कार्यक्रम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। लगभग एक महीने तक चले आंदोलन के समापन के बाद आयोजित इस कार्यक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद वित्तीय पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम पर उस होटल के प्रबंधक, भाजपा सांसद और सीजेपी के प्रवक्ता की ओर से अपनी-अपनी बातें सामने आई हैं।
होटल मैनेजर ने कार्यक्रम की तैयारी पर दी जानकारी
जिस स्थान पर यह आयोजन किया गया, वहां के प्रबंधक ने घटनाक्रम का ब्योरा दिया है। मैनेजर के अनुसार, कार्यक्रम आयोजित होने से ठीक एक दिन पहले उन्हें होटल के मालिक का फोन आया था। मालिक ने सूचित किया कि लगभग 150 से 200 लोगों के लिए रात्रिभोज का प्रबंधन करना है, इसलिए सभी आवश्यक तैयारियां तुरंत पूरी की जाएं। प्रबंधक ने स्पष्ट किया कि उन्हें पहले से इस बात की कोई जानकारी नहीं दी गई थी कि इस कार्यक्रम में कौन-कौन से अतिथि शामिल होने वाले हैं।
मैनेजर ने समय और व्यवस्था के बारे में बताया कि शाम को लगभग 6:15 बजे के बाद अतिथियों का आगमन शुरू हुआ था। शुरुआती दौर में होटल के कर्मचारियों में से कोई भी किसी व्यक्ति को पहचान नहीं सका था। बाद में पता चला कि इसमें कॉकरोच जनता पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए थे। प्रबंधक के मुताबिक वहां लगभग 200 लोग मौजूद थे और यह एक सामान्य डिनर पार्टी थी, जिसमें मेहमानों के लिए साधारण भोजन का प्रबंध किया गया था। होटल प्रबंधन का कहना है कि उनकी भूमिका केवल बुकिंग के अनुसार व्यवस्था करने तक सीमित थी और उन्हें इसकी राजनीतिक पृष्ठभूमि का पहले से कोई ज्ञान नहीं था। उन्होंने इस मामले में आगे और कोई विवरण देने से इनकार कर दिया है।
आंदोलन के खर्चों और फंडिंग पर उठाए गए सवाल
वरिष्ठ अधिवक्ता और भाजपा राज्यसभा सांसद महेश जेठमलानी ने इंटरनेट पर शेयर हो रहे एक वीडियो को साझा करते हुए दावा किया कि इसमें सीजेपी के नेता और कार्यकर्ता होटल में जश्न मनाते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो के आधार पर उन्होंने आंदोलन के दौरान हुए खर्चों की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि लगभग एक महीने तक चले इस पूरे आंदोलन के दौरान यात्रा, भोजन, होटल ठहराव और अन्य व्यवस्थाओं का वित्तीय खर्च किसने उठाया? महेश जेठमलानी ने इस पूरे आंदोलन की फंडिंग और वित्तीय स्रोतों के संदर्भ में सार्वजनिक जवाब की मांग की है।
सीजेपी प्रवक्ता सौरभ दास का रुख और जवाब
भाजपा सांसद के आरोपों के बाद सीजेपी प्रवक्ता सौरभ दास ने इस पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर जारी इस वीडियो को गलत संदर्भ में प्रस्तुत किया जा रहा है। प्रवक्ता के अनुसार, यह कोई गोपनीय या भव्य समारोह नहीं था, बल्कि आंदोलन खत्म होने के उपरांत वहां मौजूद कार्यकर्ताओं और लोगों के लिए एक सामान्य भोजन की व्यवस्था थी।
सौरभ दास ने जानकारी दी कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के पश्चात आंदोलन की मुख्य मांगें स्वीकार कर ली गई थीं। इसके बाद ही सभी कार्यकर्ताओं ने एक साथ बैठकर भोजन किया था। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस सामान्य आयोजन से आंदोलन की फंडिंग पर कोई प्रश्नचिह्न नहीं लगता। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी को भी फंडिंग के संबंध में कोई संशय है, तो उसे केवल एक वीडियो के आधार पर मनगढ़ंत निष्कर्ष निकालने के बजाय ठोस प्रमाण प्रस्तुत करने चाहिए।



















