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G7 में मोदी और ट्रंप की मुलाकात: सिर्फ हाथ मिलाया, गले नहीं लगे, जानिए इस ठंडी मुलाकात के पीछे की पूरी कहानीराजनीति
17 जून 2026, 6:15 am (42 दिन पहले)· 3

G7 में मोदी और ट्रंप की मुलाकात: सिर्फ हाथ मिलाया, गले नहीं लगे, जानिए इस ठंडी मुलाकात के पीछे की पूरी कहानी

फ्रांस में G7 सम्मेलन के दौरान मंगलवार को पीएम मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 16 महीने बाद आमने-सामने आए, पर इस बार सिर्फ हैंडशेक और छोटी बातचीत हुई, गर्मजोशी वाला हग नहीं दिखा।

लंबे इंतजार के बाद आखिरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर आमने-सामने आए, लेकिन इस बार की तस्वीर पहले जैसी नहीं थी। फ्रांस में चल रहे G7 सम्मेलन के दौरान मंगलवार को दोनों नेताओं के बीच एक संक्षिप्त मुलाकात हुई। हाथ मिले, कुछ शब्दों का आदान-प्रदान हुआ, मगर वह जानी-पहचानी गर्मजोशी, यानी गले मिलना, इस बार नदारद रही। दोनों के बीच यह आखिरी आमने-सामने की मुलाकात फरवरी 2025 में अमेरिका में हुई थी, और उसके पूरे 16 महीने बाद यह संक्षिप्त भेंट हुई।

हैंडशेक तो हुआ, लेकिन हग गायब

हैंडशेक और हग के बीच का यह फासला महज औपचारिकता नहीं था। बीते 16 महीनों में भारत और अमेरिका के रिश्तों में कई मुद्दों पर जो खटास आई है, उसकी झलक इसी दूरी में दिखाई दी। पहले की मुलाकातों में जो आत्मीयता नजर आती थी, इस बार उसकी जगह एक नपी-तुली दूरी ने ले ली।

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ग्रुप फोटो में दो मिनट साथ, फिर भी फासला

G7 के आउटरीच सत्र में जाने से पहले जब ग्रुप फोटो खिंचवाई गई, तो पीएम मोदी और ट्रंप के बीच केवल फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों खड़े थे। दोनों नेता दो मिनट से भी ज्यादा देर तक एक दूसरे के आसपास मौजूद रहे, मगर इस पूरे समय में न तो उनके बीच आई कॉन्टैक्ट हुआ और न ही कोई एक दूसरे की ओर बढ़ता दिखा। दिलचस्प बात यह रही कि इसी दौरान दोनों नेता बाकी कई नेताओं से बातचीत करते नजर आए।

पीएम मोदी का संतुलित रुख

प्रधानमंत्री मोदी का अंदाज बेहद संतुलित दिखा और उन्होंने ट्रंप से मिलने को लेकर कोई खास उत्सुकता नहीं दिखाई। माना जा रहा है कि उनके मन में कई बातें रही होंगी, हाल ही में अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत से लेकर ट्रेड टैरिफ और भारत-पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता के दावे तक। यही वे विषय हैं जिनकी वजह से पिछले 20 वर्षों में भारत और अमेरिका के संबंध सबसे कमजोर दौर से गुजर रहे हैं।

आउटरीच सत्र में यूं हुई आमने-सामने की भेंट

आउटरीच सत्र शुरू होने से पहले की ग्रुप फोटो के वक्त दोनों नेताओं के बीच कोई मुलाकात नहीं हुई थी। जब दोनों सत्र में पहुंचे तो ट्रंप अपनी जगह ले चुके थे और मोदी दूसरी तरफ से अपनी सीट की ओर आ रहे थे। चूंकि दोनों के बैठने की जगह अगल-बगल ही थी, इसलिए मोदी की नजर ट्रंप पर पड़ी, हाथ मिले और छोटी सी बातचीत हुई। इसी दौरान ट्रंप ने मोदी की बाजू थपथपाई, मगर मुलाकात बस हैंडशेक और चंद शब्दों तक ही सिमटी रही।

जन्मदिन की सार्वजनिक बधाई भी नहीं

गौरतलब है कि महज तीन दिन पहले, 14 जून को डोनाल्ड ट्रंप ने अपना 80वां जन्मदिन मनाया था। इस मौके पर दुनिया भर के कई देशों के नेताओं ने उन्हें शुभकामनाएं भेजीं, लेकिन पीएम मोदी की ओर से कोई सार्वजनिक बधाई संदेश सामने नहीं आया। यह बात इसलिए भी ध्यान खींचती है क्योंकि जब मोदी ने अपने 75 साल पूरे किए और भारत में निर्वाचित पीएम का रिकॉर्ड बनाया था, तब ट्रंप ने उन्हें शुभकामनाएं दी थीं।

इशारों में छिपा भारत का संदेश

बीते 16 महीनों में दोनों नेताओं के बीच फोन पर कई बार बातचीत हुई है, मगर भारत और पीएम मोदी ने अमेरिका के साथ अपनी कूटनीति को बेहद संतुलित बनाए रखा है। मंगलवार की इस संक्षिप्त भेंट को हैंडशेक तक सीमित रखकर शायद मोदी ने यही जताने की कोशिश की कि अब हैंडशेक से हग तक का सफर तय करने के लिए ट्रंप और अमेरिका को भारत की भावनाओं का पूरा खयाल रखना होगा। तब तक, सिर्फ हाथ मिलाने से ही काम चलेगा।

सवाल-जवाब

मोदी और ट्रंप की यह मुलाकात कब और कहां हुई?
यह मुलाकात मंगलवार को फ्रांस में चल रहे G7 सम्मेलन के दौरान हुई।
इससे पहले दोनों नेता कब मिले थे?
इससे पहले मोदी और ट्रंप की आमने-सामने की मुलाकात फरवरी 2025 में अमेरिका में हुई थी, यानी 16 महीने पहले।
इस बार मुलाकात में क्या खास रहा?
इस बार सिर्फ हैंडशेक और संक्षिप्त बातचीत हुई, गले लगने वाली गर्मजोशी नहीं दिखी और ट्रंप ने मोदी की बाजू थपथपाई।
मोदी ने ट्रंप को जन्मदिन की बधाई क्यों नहीं दी?
ट्रंप ने 14 जून को अपना 80वां जन्मदिन मनाया, पर मोदी की ओर से कोई सार्वजनिक बधाई संदेश सामने नहीं आया, जिसे भारत के संतुलित रुख से जोड़कर देखा जा रहा है।
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