वायरल बयान पर अमेरिकी राष्ट्रपति का स्पष्टीकरण
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने G7 नेताओं की बैठक के दौरान दिए गए अपने चर्चित बयान 'आई एम द बॉस' पर सफाई पेश की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी यह टिप्पणी महज एक मजाक थी और इसे गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए। इस बयान के बाद दुनिया भर के मीडिया में तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं, जिसके बाद उन्होंने यह स्पष्ट करने की कोशिश की है कि वे वहां किसी भी तरह से खुद को बॉस साबित करने की कोशिश नहीं कर रहे थे।
एक्सियोस टीवी शो में खुलकर बोले ट्रंप
इस पूरे मामले पर बातचीत एक प्रसिद्ध शो एक्सियोस के दौरान हुई। बातचीत के दौरान होस्ट ने डोनाल्ड ट्रंप से सीधा सवाल पूछा कि जब आप G7 की बैठक में शामिल होने अंदर गए और वहां आपने कहा कि 'आई एम द बॉस', तो वहां बैठे कितने राष्ट्राध्यक्षों ने वास्तव में आपकी इस बात पर विश्वास किया होगा?
इस सवाल का जवाब देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उनका यह अंदाज बिल्कुल अनौपचारिक था। उन्होंने कहा, "मैं तो बस वहां मजाक कर रहा था। असल में हुआ यह था कि वे सभी नेता पहले से ही अपनी सीटों पर बैठे हुए थे। मैं वहां जाकर खुद को बॉस दिखाने की कोशिश नहीं कर रहा था।" उन्होंने आगे जोड़ा कि इस चुटकुले को कभी भी गंभीर संदर्भ में नहीं देखा जाना चाहिए था।
फ्रांस में कैसे हुई थी यह मजेदार घटना
यह दिलचस्प घटना फ्रांस में आयोजित तीन दिवसीय G7 शिखर सम्मेलन के दौरान की है। डोनाल्ड ट्रंप अपने 80वें जन्मदिन के जश्न के तुरंत बाद इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे थे। इस तीन दिवसीय बैठक में उन्हें ईरान, यूक्रेन और वैश्विक व्यापार जैसे बेहद गंभीर और संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विश्व के अन्य प्रमुख नेताओं के साथ महत्वपूर्ण चर्चा करनी थी।
सम्मेलन के आखिरी दिन जब सुबह के सत्र की बैठक शुरू होने वाली थी, तब डोनाल्ड ट्रंप कमरे में दाखिल हुए। उस वक्त विभिन्न देशों के बड़े नेता और राष्ट्राध्यक्ष अपनी-अपनी सीटों पर बैठ चुके थे। कमरे में प्रवेश करते ही सभी नेताओं को देखकर ट्रंप ने चुटीले अंदाज में कहा, "आई एम द बॉस"। ट्रंप की इस मजाकिया टिप्पणी को सुनकर कमरे में मौजूद सभी G7 नेता जोर से हंस पड़े थे।
हालांकि, सोशल मीडिया पर इस वाकये के सामने आते ही यह तेजी से फैल गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस बयान की काफी चर्चा होने लगी और लोगों तथा वैश्विक मीडिया ने इसके अलग-अलग राजनीतिक अर्थ निकालने शुरू कर दिए, जिसके बाद अब अमेरिकी राष्ट्रपति को खुद सामने आकर इस पर सफाई देनी पड़ी है।













