क्या शत्रुघ्न सिन्हा भी टीएमसी छोड़ देंगे? सांसद का दो टूक जवाब- 'अभिषेक बनर्जी मेरे नेता नहीं'राजनीति
19 घंटे पहले· 2

क्या शत्रुघ्न सिन्हा भी टीएमसी छोड़ देंगे? सांसद का दो टूक जवाब- 'अभिषेक बनर्जी मेरे नेता नहीं'

टीएमसी में मची भगदड़ के बीच सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने साफ कहा कि उनकी नेता सिर्फ ममता बनर्जी हैं, अभिषेक बनर्जी नहीं। उन्होंने 'एकला चलो' का मंत्र अपनाते हुए ममता के साथ बने रहने का ऐलान किया है।

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) इन दिनों भीतर से दरकती नज़र आ रही है। विधायक हों, सांसद हों या पार्षद—हर स्तर के नेता एक के बाद एक पार्टी से किनारा कर रहे हैं। जो कभी ममता बनर्जी के सबसे भरोसेमंद माने जाते थे, उन्होंने भी अब उनका साथ छोड़ दिया है। खबरें हैं कि टीएमसी के बागी खेमे के लोकसभा सांसद सोमवार को लोकसभा स्पीकर से मुलाकात करने वाले हैं। पार्टी की इसी उथल-पुथल के बीच तृणमूल कांग्रेस के लोकसभा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने ममता के भतीजे और सांसद अभिषेक बनर्जी से साफ दूरी बना ली है और दो टूक कहा है कि अभिषेक बनर्जी उनके नेता नहीं हैं, उनकी नेता तो सिर्फ ममता बनर्जी हैं।

ममता बनर्जी के साथ रहूंगा- शत्रुघ्न

टीएमसी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा, "मैं ममता दीदी के साथ था, ममता दीदी के साथ हूं और हमेशा ममता दीदी के साथ ही रहूंगा। न तो अभिषेक बनर्जी और न ही कोई और मेरा नेता है। मेरी नेता केवल ममता बनर्जी हैं। यह वक्त एकजुटता दिखाने और ममता बनर्जी के साथ खड़े रहने का था, उन्हें छोड़ने का नहीं। ममता बनर्जी एक परिपक्व और अनुभवी नेता हैं।"

'मैं अकेला भी रहा, तो...'

शत्रुघ्न सिन्हा ने आगे कहा, "मैं किसी का नाम नहीं लूंगा। मैं करीब 30 साल तक बीजेपी में रहा हूं। पार्टी के बहुत वरिष्ठ नेताओं ने मुझे बहुत कुछ सिखाया और समझाया है। अगर उन्होंने मेरे बारे में कुछ कहा भी होगा, तो अच्छी नीयत से ही कहा होगा, लेकिन मेरे लिए तो ममता बनर्जी के साथ बने रहना ही सबसे बेहतर है। मैं हमेशा ममता बनर्जी के साथ रहूंगा। अगर मैं अकेला भी पड़ गया, तो भी 'एकला चलो' (अकेले चलो) का मंत्र अपनाकर उन्हीं के साथ खड़ा रहूंगा। फिलहाल कहीं और जाने का मेरा कोई इरादा नहीं है।"

कल्याण बनर्जी भी नाराज

बता दें कि टीएमसी के नेताओं के मुताबिक, पार्टी में मची बगावत की सबसे बड़ी जड़ अभिषेक बनर्जी ही हैं। विधायक से लेकर सांसद तक तमाम नेता अभिषेक बनर्जी से नाराज़ होकर बगावत के रास्ते पर हैं। अब ममता के सबसे करीबी और खास सांसदों में गिने जाने वाले कल्याण बनर्जी भी नाराज़ हो गए हैं। गुरुवार को कल्याण बनर्जी ने भी कह दिया था कि ममता दीदी या तो मुझे चुनें या अभिषेक को—फैसला उन्हीं के हाथ में है। दरअसल कल्याण बनर्जी ने ममता बनर्जी को अल्टीमेटम दे दिया है कि वे या तो अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी को चुनें या फिर उन्हें।

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