कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के बीच राजनीतिक राहें जुदा होने के बावजूद व्यक्तिगत आदर का भाव एक बार फिर सामने आया है। सोशल मीडिया मंच इंस्टाग्राम पर आयोजित एक आस्क मी एनीथिंग सेशन में राहुल गांधी द्वारा बीजेपी नेताओं के संदर्भ में कैप्टन अमरिंदर सिंह को पसंदीदा नेता बताए जाने के बाद सियासी हलकों में नई बहस शुरू हो गई है। राहुल के इस वक्तव्य पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने स्पष्ट कर दिया कि गांधी परिवार के साथ उनके पारिवारिक और व्यक्तिगत संबंध सदैव बरकरार रहेंगे, हालांकि राजनीतिक तौर पर वह भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
इंस्टाग्राम सेशन में राहुल गांधी का वक्तव्य
युवाओं और जेनरेशन जेड के साथ संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से राहुल गांधी ने इंस्टाग्राम पर एक बातचीत का आयोजन किया था। इस दौरान जब उनसे विपक्षी पार्टी के नेताओं के संबंध में प्रश्न पूछा गया, तो उन्होंने कैप्टन अमरिंदर सिंह का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके साथ संबंध अच्छे रहे हैं और वे सैन्य इतिहास के विशेषज्ञ हैं। इसी संवाद के बीच राहुल गांधी ने कैप्टन को 'अंकल अमरिंदर' कहकर संबोधित किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है।
पारिवारिक इतिहास और कैप्टन अमरिंदर सिंह का पक्ष
राहुल गांधी की टिप्पणी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने रेखांकित किया कि वे राहुल और प्रियंका गांधी को उनके बचपन के दिनों से जानते हैं। उन्होंने इस बात का भी स्मरण कराया कि उनके पिता और पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत राजीव गांधी उनके सहपाठी तथा घनिष्ठ मित्र थे। व्यक्तिगत और राजनीतिक जीवन के संतुलन को स्पष्ट करने के लिए कैप्टन ने वैश्विक परंपराओं का हवाला देते हुए कहा कि निजी संबंध राजनीतिक निष्ठा से स्वतंत्र होते हैं।
अपनी बात को और मजबूती देने के लिए उन्होंने वर्ष 1980 के एक पारिवारिक उदाहरण का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि जब वे स्वयं 1980 में कांग्रेस के सांसद थे, तब उनकी माता महारानी मोहिंदर कौर विपक्षी दल में सांसद के रूप में कार्यरत थीं। इस भिन्न राजनीतिक स्थिति के बावजूद उनके पारिवारिक संबंधों की मिठास और मजबूती में कोई कमी नहीं आई थी।
पंजाब बीजेपी की तीखी प्रतिक्रिया
इस राजनीतिक घटनाक्रम पर पंजाब बीजेपी के वरिष्ठ प्रवक्ता प्रीतपाल सिंह बलियावाल ने कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधा है। उन्होंने वर्ष 2021 की परिस्थितियों को याद दिलाते हुए कहा कि जब कैप्टन अमरिंदर सिंह को कांग्रेस छोड़ने पर विवश किया गया था, तब राहुल गांधी को वे 'कूल' या 'अंकल' नजर नहीं आते थे। बलियावाल ने कटाक्ष करते हुए टिप्पणी की कि वर्तमान समय में जब पंजाब कांग्रेस गंभीर अंदरूनी कलह से जूझ रही है और एक डूबते जहाज की भांति प्रतीत हो रही है, तब राहुल गांधी को कैप्टन अमरिंदर सिंह की याद आ रही है।
कांग्रेस के भीतर से आई प्रतिक्रिया और पृष्ठभूमि
दूसरी ओर, कांग्रेस नेता राणा गुरजीत सिंह ने दोनों परिवारों के मध्य रहे ऐतिहासिक और आत्मीय संबंधों को स्वीकार किया। उन्होंने कैप्टन अमरिंदर सिंह को एक अत्यंत आदरणीय नेता बताते हुए कहा कि यदि वे कांग्रेस पार्टी में बने रहते, तो एक पिता-तुल्य मार्गदर्शक के रूप में सभी नेताओं को दिशा-निर्देश प्रदान करते।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2017 में कांग्रेस पार्टी को पंजाब विधानसभा चुनावों में जीत दिलाकर सत्ता में लाने वाले कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 2021 में पार्टी के भीतर उपजे तीव्र आंतरिक मतभेदों के पश्चात मुख्यमंत्री पद और कांग्रेस पार्टी से त्यागपत्र दे दिया था। इसके उपरांत उन्होंने अपनी नई राजनीतिक पार्टी का गठन किया और बाद में उसका विलय भारतीय जनता पार्टी में कर लिया।



















