राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित रामलीला मैदान में आयोजित विपक्षी गठबंधन के शक्ति प्रदर्शन को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी की दिल्ली इकाई ने इस समागम को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए विपक्षी दलों की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इस सियासी टकराव के बीच शहर का राजनीतिक माहौल गरमा गया है, जहां एक तरफ विपक्षी दल एकजुटता दिखाने में जुटे हैं, वहीं दूसरी तरफ सत्तापक्ष ने इसे जनता को गुमराह करने का जमावड़ा करार दिया है।
विपक्ष के शक्ति प्रदर्शन पर सत्तापक्ष के तीखे बोल
दिल्ली में आयोजित इस बड़े राजनीतिक कार्यक्रम पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया गया कि यह पूरा आयोजन केवल अपनी खिसकती जमीन बचाने की कवायद है। पार्टी ने कहा कि विपक्षी खेमा देश विरोधी ताकतों के इशारे पर भ्रम और अव्यवस्था का माहौल तैयार करने की कोशिश कर रहा है। सत्तापक्ष का दावा है कि विपक्षी दलों के पास कोई ठोस विकासवादी एजेंडा नहीं बचा है, जिसके चलते वे केवल राजनीतिक प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए इस तरह के आयोजनों का सहारा ले रहे हैं।
नेताओं ने उठाए कानून व्यवस्था और नीयत पर सवाल
इस बड़े जमावड़े के विरोध में सत्तापक्ष के कई वरिष्ठ नेताओं ने मोर्चा खोल दिया है। केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने इस आयोजन पर निशाना साधते हुए स्पष्ट किया कि किसी को भी प्रदर्शन की आड़ में अराजकता फैलाने की छूट नहीं दी जा सकती। वहीं दूसरी तरफ, सांसद हर्ष मल्होत्रा ने विपक्षी रुख पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी शक्ति प्रदर्शन के नाम पर राजधानी को बंधक बनाने का प्रयास कर रही है। नेताओं का तर्क है कि जनता के सामान्य कामकाज में बाधा डालकर की जाने वाली राजनीति लोकतंत्र के हित में नहीं है।
रैली की तारीख और जवाबी रणनीति पर तकरार
इस पूरे आयोजन की तारीख को लेकर भी गहरा विवाद छिड़ गया है। सत्तापक्ष ने आरोप लगाया कि 1 नवंबर की तारीख का चयन दुर्भावना से प्रेरित है, क्योंकि इस ऐतिहासिक दिन का संबंध 1984 के सिख दंगों के दर्दनाक घटनाक्रम से जुड़ा हुआ है। इसके विरोध में भाजपा ने भी जवाबी रणनीति तैयार की है, जिसके तहत विपक्षी प्रदर्शन के मुकाबले मार्च और महीने भर चलने वाली पदयात्राओं की योजना बनाई गई है। सत्तापक्ष का कहना है कि वे जनता के बीच जाकर विपक्षी दावों की असलियत उजागर करेंगे और किसी भी तरह की अराजकता का लोकतांत्रिक तरीके से मुकाबला करेंगे।





















