नई दिल्ली में संसद के दोनों सदनों में गतिरोध लगातार गहराता जा रहा है। सरकार और विपक्षी दलों के बीच विभिन्न मुद्दों पर सहमति न बन पाने के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बार-बार बाधित हो रही है। इससे पहले भी भारी हंगामे के बीच दोनों सदनों को पूरे दिन के लिए स्थगित करना पड़ा था, और इसके बाद भी स्थिति में कोई बड़ा सुधार देखने को नहीं मिल रहा है।
सदन में गतिरोध और विपक्ष के तेवर
विपक्षी सांसद कई महत्वपूर्ण विषयों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति पर अड़े हुए हैं। संसद परिसर और सदनों के भीतर लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शनों के कारण सामान्य कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ है। विपक्ष छात्र आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई, एंटी पेपर लीक व्यवस्था में जवाबदेही और राम मंदिर चंदे से जुड़े आरोपों को लेकर चर्चा की मांग कर रहा है। इसके अलावा रसोई गैस की कीमतों और विभिन्न जनहित के मुद्दों को लेकर भी विपक्षी दल सरकार पर हमलावर बने हुए हैं।
किरेन रिजिजू की अपील और विपक्ष पर निशाना
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्षी सांसदों से नारेबाजी बंद कर सदन को सुचारू रूप से चलने देने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि सरकार विधायी कार्यों को निपटाने और महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। इसके साथ ही उन्होंने राम मंदिर चंदे में कथित घोटाले के मुद्दे पर राजनीति करने के लिए कांग्रेस, सीपीआई और समाजवादी पार्टी की कड़ी आलोचना की। मंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल विकास कार्यों में बाधा डालने और राजनीतिक लाभ लेने के लिए इस विषय का इस्तेमाल कर रहे हैं।
विधायी कामकाज पर असर
संसद के इस सत्र में सरकार कई अहम विधेयक पेश करने की योजना बना रही है। हालांकि, सदनों में लगातार हो रहे हंगामे और कार्य स्थगन के कारण महत्वपूर्ण विधायी कार्य अटके हुए हैं। जहां केंद्र सरकार चर्चा के माध्यम से गतिरोध समाप्त करना चाहती है, वहीं विपक्षी दल अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं, जिससे संसद की कार्यवाही सामान्य होने के आसार फिलहाल कम ही नजर आ रहे हैं।



















