पंजाब विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान अभी नहीं हुआ है, लेकिन राज्य में सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस ने चुनावी जंग की तैयारी में पहला बड़ा कदम उठाते हुए पंजाब के लिए कई अहम नियुक्तियों का ऐलान किया है।
कांग्रेस की चुनावी टीम
पार्टी ने पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को कैंपेन कमेटी का प्रमुख बनाया है। विजय इंद्र सिंगला को इलेक्शन मैनेजमेंट और कॉर्डिनेशन कमेटी का चेयरमैन नियुक्त किया गया है। सुखजिंदर सिंह रंधावा को कोर कमेटी की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि डॉ. अमर सिंह को पंजाब मैनिफेस्टो कमेटी का चेयरमैन बनाया गया है।
पंजाब में चुनाव कब होंगे?
पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए अभी तारीखों का ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन इस बात को लेकर कोई शक नहीं कि ज्यादा वक्त नहीं बचा। फिलहाल आम आदमी पार्टी के भगवंत मान पंजाब के मुख्यमंत्री हैं। तीनों प्रमुख दल, यानी कांग्रेस, बीजेपी और आम आदमी पार्टी, अभी से कमर कस चुके हैं।
तीन दलों की टक्कर
पंजाब का यह चुनाव तीन बड़े दलों के बीच दिलचस्प मुकाबला बनने जा रहा है। पश्चिम बंगाल की जीत से उत्साहित बीजेपी पंजाब में भी अपना परचम लहराना चाहती है। पार्टी को यह भी उम्मीद है कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच की खींचतान में उसे फायदा मिल सकता है। यही वजह है कि बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने पंजाब की सभी 117 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है।
कांग्रेस की कोशिश है कि वह पंजाब में सत्ता वापस पाए और पार्टी की ताकत फिर से साबित करे। वहीं आम आदमी पार्टी दिल्ली में सत्ता खोने के बाद पंजाब गंवाने का जोखिम नहीं उठाना चाहती, इसलिए वह भी पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में है।
नितिन नवीन का अमृतसर दौरा
बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने हाल ही में अमृतसर का दौरा किया। उन्होंने हरमंदिर साहिब, दुर्गाना मंदिर और राम तीर्थ मंदिर में मत्था टेका। इसके साथ ही वे जलियांवाला बाग भी पहुंचे और पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरा। इस दौरे को साफ तौर पर चुनावी संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
अब किसके हाथ जाएगा पंजाब?
तीनों दल अपने-अपने स्तर पर पंजाब के मतदाताओं को लुभाने की रणनीति बना रहे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान अपने कार्यकाल के विकास कार्यों को गिनाकर जनता का समर्थन मांगेंगे। कांग्रेस अपनी नई टीम के दम पर मैदान में उतरेगी और बीजेपी अपने राष्ट्रीय कद का फायदा उठाने की कोशिश करेगी। लेकिन आखिरकार फैसला पंजाब की जनता के हाथ में है, वही तय करेगी कि इस बार राज्य की कमान किसे सौंपनी है।













