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अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में डेटा सेंटर बने बड़ा सियासी मुद्दा, बिजली बिल और जमीन को लेकर आर-पारराजनीति
11 अक्तू॰ 2026, 3:50 pm (3 घंटे पहले)· 0

अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में डेटा सेंटर बने बड़ा सियासी मुद्दा, बिजली बिल और जमीन को लेकर आर-पार

अमेरिका के आगामी मध्यावधि चुनाव में भारी बिजली खपत वाले डेटा सेंटर प्रमुख चुनावी मुद्दा बनकर उभरे हैं, जहाँ दोनों प्रमुख दलों के प्रत्याशी इस उद्योग के खिलाफ कड़ा रुख अपना रहे हैं।

अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के प्रचार अभियान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI के बुनियादी ढांचे और बड़े डेटा सेंटरों का विस्तार मतदाताओं के बीच एक तीखा राजनीतिक टकराव बन चुका है। साल की शुरुआत से ही स्थानीय आबादी के बीच इन विशाल परिसरों को लेकर असंतोष गहराया है, जिसके चलते रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक दोनों ही दलों के नेता जनता की नाराजगी भुनाने में जुट गए हैं। कई रिपब्लिकन नेता इस मुद्दे पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रुख से अलग लाइन लेते दिखाई दे रहे हैं, वहीं दोनों पक्षों के प्रत्याशी अपने प्रतिद्वंद्वियों को डेटा सेंटर उद्योग का समर्थक बताकर घेर रहे हैं। स्थिति यह हो चुकी है कि कम से कम पांच उम्मीदवारों पर उनके विरोधियों ने 'डेटा सेंटर' उपनाम चिपका दिया है ताकि उन्हें जनता के सामने कटघरे में खड़ा किया जा सके।

यूं तो चुनावी सर्वेक्षणों के अनुसार मतदाताओं के लिए दैनिक खर्चे और घरेलू बजट सबसे अहम चिंता बने हुए हैं, लेकिन डेटा सेंटरों का असर बिजली के बिलों और बुनियादी सुविधाओं पर सीधा पड़ने के कारण यह विषय कांटे की टक्कर वाली सीटों पर निर्णायक साबित हो रहा है। तीन नवंबर को होने वाले मतदान से पहले संसद के दोनों सदनों में सत्ता संतुलन बदलने की क्षमता रखने वाले कई मुकाबलों में यह विवाद केंद्र में आ चुका है।

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सीनेट की दौड़ में ओहायो बना मुख्य रणक्षेत्र

सीनेट के कई करीबी मुकाबलों में ओहायो का चुनाव सबसे ज्यादा सुर्खियों में है। नेशनल रिपब्लिकन सीनेटोरियल कमेटी ने अगस्त के महीने में एक आधिकारिक ज्ञापन जारी कर चेतावनी दी थी कि ओहायो में सीनेट सीट के लिए लड़ रहे डेमोक्रेट शेरॉड ब्राउन अपने रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी सीनेटर जॉन हस्टेड पर डेटा सेंटर विस्तार को लेकर लगातार हमले बोल रहे हैं। संगठन ने इसे पूरे चुनावी चक्र के लिए एक छिपा हुआ और अप्रत्याशित प्रभाव डालने वाला मुद्दा करार दिया था। शेरॉड ब्राउन अपने विज्ञापनों में जॉन हस्टेड को राज्य में डेटा सेंटर उद्योग का मुख्य चेहरा बताते हुए आरोप लगा रहे हैं कि उन्होंने टेक कंपनियों का स्वागत कर आम नागरिकों के बिजली बिलों को भारी नुकसान पहुंचाया है।

दूसरी तरफ सीनेट में डेमोक्रेटिक नेताओं ने शेरॉड ब्राउन के अभियान को समर्थन देते हुए जॉन हस्टेड द्वारा प्रायोजित एक विधेयक को सिरे से खारिज कर दिया। यह विधेयक व्हाइट हाउस की उपभोक्ता सुरक्षा प्रतिज्ञा के आधार पर तैयार किया गया था, लेकिन अल्पसंख्यक नेता चक शूमर ने इस प्रस्ताव को पूरी तरह प्रभावहीन और दंतहीन करार देते हुए रोक दिया। डेटा सेंटर विवाद केवल ओहायो तक सीमित नहीं है, बल्कि मिशिगन, आयोवा और टेक्सास जैसे राज्यों में भी सीनेट के कड़े मुकाबलों में मतदाताओं के फैसले को प्रभावित कर रहा है।

प्रतिनिधि सभा की सीटों पर तेज हुई तकरार

प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों पर जारी मुकाबले में डेटा सेंटर दर्जनों क्षेत्रों में टकराव का कारण बने हैं। कुक पॉलिटिकल रिपोर्ट द्वारा अत्यधिक प्रतिस्पर्धी मानी गई सीटों पर उम्मीदवारों के बीच विज्ञापनों का सीधा युद्ध चल रहा है। मिशिगन के 7वें कांग्रेसनल जिले में विल लॉरेंस ने डेटा सेंटरों के स्थानीय विरोध को अपनी रणनीति बनाकर कड़े डेमोक्रेटिक प्राइमरी चुनाव में जीत हासिल की थी। अब उनका सामना रिपब्लिकन टॉम बैरेट से है, और लॉरेंस लगातार विज्ञापनों के जरिए बैरेट पर प्रहार करते हुए कॉर्पोरेट ताकतों के खिलाफ खड़े होने का वादा दोहरा रहे हैं।

पेंसिल्वेनिया के 8वें जिले में वर्तमान रिपब्लिकन सांसद रॉब ब्रेसनाहन डेटा सेंटर उद्योग से जुड़े शेयर रखने और पहले इस उद्योग के प्रति नरम रुख अपनाने के बावजूद अब सख्त रुख अपनाने का वादा करने वाले विज्ञापन चला रहे हैं। वहीं उनकी डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी पेज कॉग्नेटी भी इस उद्योग के खिलाफ खुलकर प्रचार कर रही हैं। ओहायो के 9वें जिले में डेमोक्रेटिक सांसद मार्सी कैप्टर अपने रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी डेरेक मेरिन के खिलाफ विज्ञापन चलाकर उन पर डेटा सेंटरों को कर रियायतें देने का आरोप लगा रही हैं और विज्ञापनों में उन्हें 'डेटा सेंटर डेरेक' कहा जा रहा है। मेरिन का कहना है कि कैप्टर एक व्यापक विधेयक पर उनके मतदान को गलत तरीके से पेश कर रही हैं।

विस्कॉन्सिन के तीसरे जिले में डेमोक्रेट रेबेका कुक ने वर्तमान सांसद डेरिक वैन ऑर्डन पर डेटा सेंटर डेवलपर्स से चंदा लेने का आरोप लगाते हुए हमले तेज किए हैं और उन्हें 'डीसी डेरिक' का नाम दिया है। इसके जवाब में वैन ऑर्डन ने कुक के तकनीकी उद्योग से संबंधों को उजागर करते हुए दावा किया है कि वह विस्कॉन्सिन की उपजाऊ कृषि भूमि को डेटा सेंटरों से ढकने के लिए जिम्मेदार हैं। न्यूयॉर्क के 17वें जिले में रिपब्लिकन सांसद माइक लॉलर ने अपनी डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी केट कोनली के पुराने बयानों को निशाना बनाया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि हडसन वैली क्षेत्र को डेटा सेंटरों की जरूरत है।

राज्यपाल चुनावों में रोक लगाने के वादे

देश भर में हो रहे 36 राज्यपाल चुनावों में से कम से कम 20 उम्मीदवार निर्वाचित होने पर डेटा सेंटरों पर किसी न किसी प्रकार की कानूनी रोक लगाने का वादा कर चुके हैं। मल्टीस्टेट के शोध के अनुसार, वर्तमान में अमेरिका में बड़े हाइपरस्केल डेटा सेंटरों पर एकमात्र कानूनी रोक न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल ने जुलाई में लागू की थी। होचुल अपने प्रतिद्वंद्वी ब्रूस ब्लेकमैन के मुकाबले मजबूत बढ़त बनाए हुए हैं, जो इन परियोजनाओं के विस्तार के पक्षधर माने जाते हैं।

विस्कॉन्सिन में राज्यपाल पद की करीबी दौड़ में रिपब्लिकन टॉम टिफनी ने डेमोक्रेट डेविड क्रॉली पर विज्ञापन चलाकर उन्हें 'डेटा सेंटर डेविड' करार दिया है, हालांकि दोनों ही प्रत्याशी उद्योग पर कड़े प्रतिबंध लगाने की बात कह रहे हैं। डेटा सेंटर परियोजनाओं के बड़े केंद्र रहे टेक्सास में भी राजनीतिक समीकरण तेजी से बदले हैं। वहां के वर्तमान गवर्नर ग्रेग एबॉट, जिन्होंने शुरुआत में इन केंद्रों का स्वागत किया था, उन्होंने एक साल से भी कम समय में नए परमिटों पर अघोषित रोक लगा दी है। वहीं उनकी चुनावी प्रतिद्वंद्वी जीना हिनोजोसा का कहना है कि एबॉट ने उद्योग को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त कड़े कदम नहीं उठाए हैं।

ऊर्जा, पानी और स्थानीय जनमत संग्रह का संकट

आठ अलग-अलग राज्यों में मतदाता डेटा सेंटरों से जुड़े 30 से अधिक स्थानीय मतपत्र प्रस्तावों पर मतदान करने जा रहे हैं। इनमें से आधे से अधिक प्रस्ताव अकेले ओहायो राज्य में हैं, जहां स्थानीय निर्माण रोक से लेकर जमीन के पुनर्निर्धारण तक के मसलों पर जनता की सीधी राय मांगी गई है। पर्यावरण समूह भी जीवाश्म ईंधन से चलने वाले इन विशाल तकनीकी केंद्रों के खिलाफ अभियान चला रहे हैं, ठीक ऐसे समय में जब संसद परियोजना अनुमति सुधारों पर बहस करने की तैयारी में है।

डेटा सेंटरों की विशाल ऊर्जा खपत के बीच कंपनियां असामान्य रास्ते भी अपना रही हैं। साल्ट लेक सिटी के पास ओरेकल ने अपने डेटा सेंटर को एक साल से अधिक समय तक चालू रखने के लिए ट्रकों से प्राकृतिक गैस मंगवाई, और वह न्यू मैक्सिको में भी ऐसा ही कदम उठाने पर विचार कर रही है जहां पाइपलाइन में देरी से काम रुका है। टेनेसी के मेम्फिस में, जहां एलन मस्क के स्पेसएक्स डेटा सेंटर स्थित हैं, नगर परिषद ने डेटा सेंटर निर्माण रोक पर मतदान को हंगामे के बाद स्थगित कर दिया। वहीं तकनीकी नवाचार के मोर्चे पर, अटोको नामक एक स्टार्टअप डेटा सेंटरों से निकलने वाली अतिरिक्त गर्मी का उपयोग करके हवा से पानी निकालने की तकनीक पर काम कर रहा है। यह कंपनी मेटल ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क यानी MOF का उपयोग करती है, जिसके एक संस्थापक को पिछले साल नोबेल पुरस्कार मिला था, और इसके नए मॉडल को काम करने के लिए ग्रिड के बजाय केवल औद्योगिक अपशिष्ट गर्मी की जरूरत होती है।

सवाल-जवाब

अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में डेटा सेंटर इतना बड़ा चुनावी मुद्दा क्यों बन गए हैं?
डेटा सेंटर बहुत अधिक बिजली और पानी की खपत करते हैं, जिससे आम जनता के बिजली बिल बढ़ रहे हैं और स्थानीय जमीन पर कब्जा हो रहा है।
ओहायो के सीनेट चुनाव में डेटा सेंटरों को लेकर क्या विवाद है?
डेमोक्रेट शेरॉड ब्राउन ने अपने प्रतिद्वंद्वी जॉन हस्टेड पर डेटा सेंटरों को बढ़ावा देकर नागरिकों के बिजली बिल बढ़ाने का आरोप लगाया है।
कितने राज्यपाल उम्मीदवारों ने डेटा सेंटरों पर रोक लगाने का वादा किया है?
36 राज्यपाल चुनावों में से कम से कम 20 प्रत्याशियों ने डेटा सेंटरों के निर्माण पर किसी न किसी तरह की रोक लगाने की बात कही है।
वर्तमान में किस राज्य में बड़े डेटा सेंटरों पर कानूनी रोक लागू है?
न्यूयॉर्क राज्य में गवर्नर कैथी होचुल ने जुलाई के महीने में बड़े हाइपरस्केल डेटा सेंटरों पर औपचारिक रोक लगाई थी।
ओरेकल ने साल्ट लेक सिटी के पास डेटा सेंटर चलाने के लिए क्या तरीका अपनाया?
ओरेकल ने अपने डेटा सेंटर को चालू रखने के लिए एक साल से अधिक समय तक ट्रकों के जरिए प्राकृतिक गैस मंगवाई थी।
अटोको स्टार्टअप डेटा सेंटरों के संदर्भ में क्या तकनीक विकसित कर रहा है?
अटोको डेटा सेंटरों से निकलने वाली अपशिष्ट गर्मी का इस्तेमाल करके हवा से पानी निकालने की तकनीक पर काम कर रहा है।
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टिप्पणियाँ 4

Karan Malhotra@karan-malhotra·18 मिनट पहले

डेटा सेंटर की वजह से बिजली के बिल वाकई इतने बढ़ रहे हैं क्या? यह बड़ा दिलचस्प मामला है।

Dr. Aditya Sharma@aditya-sharma·18 मिनट पहले

करण भाई, जब राहु और तकनीक का योग बनता है, तो बिजली और ऊर्जा का ऐसा संकट ही सामने आता है!

Ravikash Gupta@ravikash·39 मिनट पहले

अरे भाई, अमेरिका में बिजली और जमीन को लेकर नेता लोग आपस में ऐसे भिड़ रहे हैं जैसे हमारे यहाँ चुनाव में पानी और सड़क का मुद्दा होता है। AI और डेटा सेंटर अब सीधे आम आदमी की जेब पर असर डाल रहे हैं, तो गुस्सा फूटना लाजिमी है। वैसे क्या इन टेक कंपनियों पर कोई ऐसा कानून नहीं बन सकता कि वे अपनी बिजली खुद पैदा करें?

Rohan Verma@rohan-verma·39 मिनट पहले

रवि भाई, बात सही है पर दिक्कत ये है कि टेक कंपनियां खुद बिजली बनाने लगेंगी तो फिर जमीन और पानी का झगड़ा और बढ़ जाएगा। मामला इतना सीधा नहीं है।

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