लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने दक्षिणी राज्य में अपनी मौजूदगी के दौरान केंद्र की कार्यप्रणाली और राष्ट्रीय नीतियों को लेकर तीखा रुख अख्तियार किया। चेन्नई में आयोजित एक युवा संवाद मंच पर बोलते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी क्षेत्रीय भाषा और संस्कृति का महत्व किसी अन्य जुबान से कम नहीं आंका जा सकता। छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने अपनी जड़ों, ऐतिहासिक विरासत और क्षेत्रीय अस्मिता को संजोए रखने का आह्वान किया और जोर दिया कि किसी भी दबाव के आगे अपनी आवाज को दबाना नहीं चाहिए।
शिक्षा व्यवस्था की जमीनी चुनौतियों पर उठाए सवाल
उच्च और स्कूली शिक्षा के ढांचे पर बात करते हुए उन्होंने कई चौंकाने वाले आंकड़े सामने रखे। उनके अनुसार, राष्ट्रीय शिक्षा नीति से जुड़े विवादों के चलते तमिलनाडु के विद्यालयों के लिए निर्धारित 3,300 करोड़ रुपये की केंद्रीय धनराशि को अटका कर रखा गया है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET के लागू होने के बाद एमबीबीएस पाठ्यक्रमों में तमिल माध्यम से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की संख्या में 87 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है। इसके अलावा, राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों की प्रशासनिक स्थिति पर चिंता जताते हुए उन्होंने बताया कि करीब 70 प्रतिशत विश्वविद्यालयों में नियमित कुलपति ही नियुक्त नहीं हैं, जिससे पूरी व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
जिज्ञासा, लोकतांत्रिक अधिकार और सवाल पूछने का हौसला
युवाओं को निडर बनने की सीख देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि संविधान देश के हर नागरिक को सवाल खड़े करने की पूरी आजादी देता है। मतदान का अधिकार जनता को यह ताकत सौंपता है कि वह हुक्मरानों से उनकी नीतियों और फैसलों का स्पष्ट हिसाब मांग सके। लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए तार्किक सोच को जरूरी बताते हुए उन्होंने कहा
"आप जो भी करेंगे, उसकी शुरुआत आपके पूछे गए किसी सवाल से होगी। इसलिए सवाल पूछना जिज्ञासा की नींव है।"
राजधानी में छात्र आंदोलन पर सरकारी रवैये की आलोचना
राष्ट्रीय राजधानी में हाल ही में छात्र संगठनों द्वारा किए गए प्रदर्शनों और उन पर सुरक्षा बलों की सख्ती का जिक्र करते हुए उन्होंने युवाओं के साथ खड़े रहने की बात कही। उन्होंने कहा कि अपने उसूलों और विचारों के लिए संघर्ष कर रहे लोगों को किसी भय के साए में जीने की जरूरत नहीं है। CJP के विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में उठाए गए प्रशासनिक कदमों का ब्योरा देते हुए उन्होंने कहा
"जैसा कि आपने आज नई दिल्ली में देखा, पूरा शहर बंद कर दिया गया, इंटरनेट बंद कर दिया गया और पुलिस छात्रों को पीट रही थी।"
मुख्यमंत्री विजय के साथ राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दों पर विमर्श
छात्रों के सम्मेलन में शामिल होने से पूर्व, राहुल गांधी ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री तथा TVK के शीर्ष नेता सी. जोसेफ विजय से शिष्टाचार एवं राजनीतिक भेंट की। दोनों नेताओं की यह अहम बातचीत चेन्नई के उपनगरीय इलाके नीलंकरई स्थित मुख्यमंत्री आवास पर संपन्न हुई, जो लगभग एक घंटे तक चली। इस औपचारिक संवाद के पश्चात दोनों नेता पास ही स्थित एक स्थानीय प्रतिष्ठान बास्क बाय कॉफी भी पहुंचे, जहां उन्होंने कैप्पुचीनो, कॉफी, तिरामिसू और कुकीज का आनंद लिया।
गठबंधन, बेरोजगारी और मतदाता सूची की गड़बड़ियों पर सहमति
दोनों वरिष्ठ नेताओं की इस लंबी बैठक में कांग्रेस और राज्य की सत्तारूढ़ TVK हुकूमत के बीच आपसी तालमेल को मजबूत करने और जनहितैषी योजनाओं को धरातल पर उतारने को लेकर व्यापक विचार-विमर्श हुआ। इस संवाद का मुख्य केंद्र बिंदु युवा वर्ग से जुड़े गंभीर संकट थे, जिनमें रोजगार के अवसरों की कमी, शिक्षा में जरूरी सुधार और क्षेत्रीय स्तर पर NEET को लेकर जारी असंतोष शामिल रहे। इसके साथ ही दोनों पक्षों ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया के संचालन और वोटर लिस्ट में सामने आई कथित विसंगतियों के खिलाफ अपनी रणनीति साझा की।
























