पंजाब के जालंधर में 30 सितंबर को आयोजित एक जनसभा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य की मौजूदा प्रशासनिक व्यवस्था पर तीखा प्रहार किया. उन्होंने आम आदमी पार्टी के शासनकाल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मौजूदा हुकूमत के दौर में सूबे के भीतर मादक पदार्थों का अवैध कारोबार बेरोकटोक जारी रहा. चुनावी माहौल के बीच भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में माहौल तैयार करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक नई पीढ़ी को मादक द्रव्यों के इस जाल से बाहर नहीं निकाला जाता, तब तक पंजाब की समग्र तरक्की की कल्पना नहीं की जा सकती. उन्होंने मतदाताओं से पार्टी को मौका देने की अपील की और समय सीमा तय करते हुए संकल्प लिया कि दिसंबर 2029 से पहले पूरे राज्य को इस संकट से पूरी तरह निजात दिला दी जाएगी.
नशा उन्मूलन को विकास की अनिवार्य पूर्व शर्त बताया
जनसभा में पहुंचे लोगों को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने विपक्ष की क्षमता पर सीधा सवाल उठाया. उनका कहना था कि मादक पदार्थों की बुराई को पूरी तरह जड़ से समाप्त करने की इच्छाशक्ति केवल उनकी पार्टी के पास है. युवाओं की ऊर्जा और भविष्य की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि नौजवानों को सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण दिए बिना राज्य को आर्थिक अथवा सामाजिक रूप से आगे नहीं बढ़ाया जा सकता. इसी कारण से आने वाले विधानसभा चुनावों में युवाओं के स्वास्थ्य और भविष्य को सुरक्षित करना पार्टी का केंद्रीय चुनावी आधार बनेगा.
आगामी विधानसभा चुनाव का मुख्य एजेंडा
सूबे के मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य पर चर्चा करते हुए अमित शाह ने कहा कि आम जनता के सामने कई गंभीर मामले मौजूद हैं. इनमें खेती-किसानी, औद्योगिक विकास, कानून का राज तथा महिलाओं की हिफाजत से जुड़े पहलू बेहद महत्वपूर्ण हैं, मगर इन सभी के बीच भारतीय जनता पार्टी ने यह तय किया है कि उसका प्रमुख फोकस मादक पदार्थों के खात्मे पर ही रहेगा. उन्होंने खासतौर पर युवाओं और माताओं से समर्थन की अपील करते हुए भरोसा दिलाया कि चुनाव में विजय मिलने पर तय समय सीमा यानी 31 दिसंबर 2029 से पहले चिट्टे के अवैध जाल को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया जाएगा.
पुराने रिकॉर्ड का हवाला देकर दिया भरोसे का संदेश
विरोधी दलों की आलोचनाओं का जवाब देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने केंद्र सरकार के पिछले कार्यों का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि जब भी कोई बड़ा लक्ष्य तय किया जाता है तो राजनीतिक विरोधी उस पर सवाल खड़े करते हैं, लेकिन उनकी सरकार ने हर बार अपने संकल्पों को धरातल पर उतारकर दिखाया है. उन्होंने रेखांकित किया कि पीएम मोदी के नेतृत्व में कश्मीर से आतंकवाद का सफाया किया गया, पचास साल पुराने नक्सली नेटवर्क को खत्म करने की दिशा में ऐतिहासिक कामयाबी हासिल की गई और पूर्वोत्तर राज्यों में हिंसक अलगाववाद पर काबू पाया गया. उन्होंने कहा कि अब उसी दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ पंजाब से नशे के नेटवर्क को खत्म करने का काम पूरा किया जाएगा.


















