राजस्थान के हालिया नगरीय निकाय परिणामों में राजनीतिक गलियारों का ध्यान खींचने वाली एक बड़ी सफलता सामने आई है। जयपुर नगर निगम के अंतर्गत आने वाले वार्ड नंबर 71 से चुनाव लड़ने वाले युवा कांग्रेस उम्मीदवार फैज हसन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की है। महज 21 वर्ष की उम्र में पार्षद पद का यह सफर तय करने के बाद इस युवा नेता ने स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को नया मोड़ दे दिया है। राज्य के कुल 309 नगरीय निकायों के लिए आए परिणामों के बीच इस युवा की सफलता ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी हैं।
कड़ी टक्कर के बीच दर्ज की गई ऐतिहासिक जीत
इस चुनाव में मुकाबला बेहद कड़ा था क्योंकि एक तरफ सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी का मजबूत आधार था तो दूसरी तरफ कई निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी कड़ी चुनौती पेश की थी। इन सभी बाधाओं को पार करते हुए फैज हसन ने कुल 5,426 वोट अपने नाम किए और अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को पीछे छोड़ दिया। इतनी कम उम्र में नगर निगम के सबसे युवा जनप्रतिनिधियों की सूची में शामिल होना एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। उनकी इस सफलता के बाद से ही सियासी हलकों में यह चर्चा शुरू हो गई है कि क्या उन्हें राष्ट्रीय राजधानी में शीर्ष नेतृत्व से सराहना मिलेगी, ठीक वैसे ही जैसे दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन से चर्चा में आए इरफान से मुलाकात हुई थी।
युवाओं को आगे बढ़ाने की राजनीति पर चर्चा
भारतीय संसद में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लगातार देश की राजनीति में नई पीढ़ी और Gen-Z के प्रतिनिधित्व को बढ़ावा देने की वकालत करते रहे हैं। राजस्थान के इन निकाय चुनावों में फैज हसन के साथ-साथ वार्ड 72 से 22 साल की सुमन भाटी जैसी युवा चेहरों की सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि राजनीतिक दल नए चेहरों पर भरोसा जताएं, तो वे जमीनी स्तर पर प्रभावी बदलाव लाने की क्षमता रखते हैं। कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की ओर से हमेशा से यह प्रयास रहा है कि पंचायत और निकाय स्तर पर युवा छात्र नेताओं को चुनावी मैदान में उतारा जाए।
वार्ड को नशा मुक्त बनाने का संकल्प
जीत के बाद अपनी प्राथमिकताओं पर खुलकर बात करते हुए फैज हसन ने अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने क्षेत्र के मतदाताओं और कांग्रेस पार्टी के उच्च नेतृत्व को दिया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनके मन में केवल समाज और अपने क्षेत्र के लिए कुछ सार्थक करने की इच्छा थी। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि उनके वार्ड के कई युवा साथी नशीले पदार्थों की गिरफ्त में आ चुके हैं। उनकी प्राथमिकता इस कारोबार को समाप्त करना और युवाओं को इस सामाजिक बुराई से बाहर निकालना है ताकि वे एक बेहतर भविष्य की ओर बढ़ सकें।



















