राजस्थान में पंचायत राज संस्थाओं के तीसरे चरण के लिए हुए मतदान में मतदाताओं ने व्यापक उत्साह प्रदर्शित किया। 3 नवंबर को राज्य के 27 जिलों की 116 पंचायत समितियों में वोट डाले गए। शाम 6 बजे तक सामने आए आंकड़ों के मुताबिक इस तीसरे चरण का कुल मतदान 68 प्रतिशत दर्ज किया गया, जो पिछले चुनाव के मुकाबले 5 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्शाता है। इस पूरे चुनावी मुकाबले में बांसवाड़ा जिले की नाहरपुरा पंचायत समिति 82.71 प्रतिशत वोटिंग के साथ पूरे प्रदेश में अव्वल रही, जबकि दौसा पंचायत समिति 49.90 प्रतिशत वोट के साथ सबसे निचले पायदान पर रही।
बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ और हनुमानगढ़ में मतदाताओं की भारी भागीदारी
बांसवाड़ा जिले की विभिन्न पंचायत समितियों में वोटिंग का ग्राफ सबसे ऊंचा देखने को मिला। जिले की नाहरपुरा पंचायत समिति में सर्वाधिक 82.71 प्रतिशत वोट पड़े, जबकि गंगर तलाई में 80.80 प्रतिशत मतदान हुआ। इसी तरह आनंदपुरी में 80.19 प्रतिशत और बागीदौरा में 79.51 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। बांसवाड़ा से सटे प्रतापगढ़ जिले की दलोट पंचायत समिति में भी वोटरों का भारी उत्साह दिखा, जहाँ 80.22 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ।
उत्तरी राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में भी ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर मतदान में हिस्सा लिया। जिले की भादरा पंचायत समिति में 80.25 प्रतिशत वोट डाले गए। वहीं नोहर में 79.18 प्रतिशत, पल्लू में 79.03 प्रतिशत और राजपुरा 8 बीएचडी पंचायत समिति में 78.86 प्रतिशत मतदान रिकॉर्ड किया गया।
जयपुर जिले की पांच पंचायत समितियों का चुनावी ब्योरा
राजधानी जयपुर की पांच पंचायत समितियों में भी वोटरों ने अच्छा रुझान दिखाया। जयपुर जिले में सागानेर पंचायत समिति सबसे आगे रही, जहाँ सर्वाधिक 79.86 प्रतिशत वोटिंग दर्ज हुई। इसके अलावा माधोराजपुरा पंचायत समिति में 75.51 प्रतिशत और चाकसू में 72.99 प्रतिशत लोगों ने मतदान किया। फागी पंचायत समिति में 70.04 प्रतिशत और कोटखावदा पंचायत समिति में 63.05 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने वोट का प्रयोग किया।
दौसा जिले में सबसे कम वोटिंग और अन्य समितियों का आंकड़ा
दौसा जिले की मुख्य दौसा पंचायत समिति पूरे प्रदेश में सबसे कम 49.90 प्रतिशत मतदान के साथ 50 प्रतिशत के आंकड़े से भी नीचे रह गई। हालांकि दौसा जिले की अन्य पंचायत समितियों में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर रही। लवाण पंचायत समिति में 70.25 प्रतिशत और शिवसिंहपुरा में 66.84 प्रतिशत वोटिंग हुई। इसी प्रकार सिकंदरा में 65.80 प्रतिशत, सिकराय में 64.80 प्रतिशत, रामगढ़ पचवारा में 63.42 प्रतिशत, लालसोट में 62.26 प्रतिशत तथा नांगल राजावतान में 62.25 प्रतिशत वोट दर्ज किए गए।
70 प्रतिशत से अधिक वोटिंग वाले प्रमुख क्षेत्र और टोंक-सीकर के आंकड़े
राज्य के कई अन्य जिलों में भी मतदान का स्तर 70 प्रतिशत के पार पहुंचा। खैरथल-तिजारा जिले की तिजारा पंचायत समिति में 77.54 प्रतिशत, चूरू की सरदारशहर में 77.14 प्रतिशत, बीकानेर की श्रीडूंगरगढ़ में 74.13 प्रतिशत और बालोतरा की धोरीमन्ना पंचायत समिति में 73.75 प्रतिशत वोटिंग हुई। भरतपुर जिले की चार समितियों ने भी 70 प्रतिशत की सीमा पार की, जिनमें वैर में 73 प्रतिशत, नदबई में 72.05 प्रतिशत, भुसावर में 70.36 प्रतिशत और बयाना में 70.16 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ।
सीकर जिले की बात करें तो दांतारामगढ़ पंचायत समिति में 70.55 प्रतिशत और धोद ग्रामीण में 65.76 प्रतिशत मतदान हुआ। उधर टोंक जिले की समितियों में वोटिंग की रफ्तार थोड़ी सुस्त रही, जहाँ पचेवर में 65.12 प्रतिशत, देवली में 63.75 प्रतिशत, मालपुरा में 62.54 प्रतिशत, उनियारा में 58.63 प्रतिशत और पीपलू में 57.95 प्रतिशत वोट दर्ज किए गए।



















