राजस्थान के भरतपुर जिले में कृषि उपज के अवशेष रखने की मामूली बात पर दो परिवारों के बीच हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। बयाना थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मुर्रकी गांव में बाजरे की कटाई के बाद उसकी कड़वी यानी चारा रखने की जगह को लेकर दो गुटों में कहासुनी शुरू हुई थी। चंद पलों में ही यह बहस गाली-गलौज से आगे बढ़कर खूनी टकराव में तब्दील हो गई, जिसमें दोनों तरफ से लाठियों और पत्थरों का खुला इस्तेमाल किया गया। इस अचानक हुए हमले और पथराव के चलते मौके पर मौजूद आठ ग्रामीण गंभीर रूप से घायल होकर लहूलुहान हो गए।
कहासुनी के बाद दोनों तरफ से बरसीं लाठियां और पत्थर
गांव में यह पूरा फसाद बच्चू गुर्जर और भप्पे गुर्जर के पक्षों के बीच हुआ। खेत से बाजरे की फसल कटने के बाद चारे को संभालने और सुरक्षित रखने की बात पर दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने डट गए थे। शुरुआत में जुबानी तकरार हुई, लेकिन देखते ही देखते दोनों पक्षों के लोग तैश में आ गए और अपने-अपने घरों से लाठी-डंडे निकाल लाए। इसके बाद दोनों तरफ से एक-दूसरे पर अंधाधुंध वार किए जाने लगे और जमकर पत्थरबाजी भी हुई। पत्थरों और लाठियों के सीधे वार लगने से मौके पर चीख-पुकार मच गई और पूरे गांव में भारी अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
आठ ग्रामीण घायल, चार की हालत नाजुक होने पर जिला अस्पताल रेफर
इस हिंसक संघर्ष में कुल आठ लोग जख्मी हुए हैं। घायलों की पहचान 51 वर्षीय भप्पे सिंह, 35 वर्षीय कैलाशी गुर्जर, 70 वर्षीय बच्चू सिंह, 26 वर्षीय मोहन देवी, 19 वर्षीय सोनम, 38 वर्षीय सुरेश, 55 वर्षीय सुनीता और 45 वर्षीय भूरा के रूप में हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही बयाना थाना पुलिस तुरंत मुर्रकी गांव पहुंची और हालात को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से खून से लथपथ सभी घायलों को फौरन पास के स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के दौरान डॉक्टरों ने 70 वर्षीय बच्चू सिंह, 51 वर्षीय भप्पे सिंह, 55 वर्षीय सुनीता और 35 वर्षीय कैलाशी गुर्जर की शारीरिक स्थिति को बेहद नाजुक पाया, जिसके बाद इन चारों को बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए भरतपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
गांव में पुलिस बल तैनात, घायलों के बयान दर्ज
खूनी भिड़ंत के बाद से ही मुर्रकी गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है, जिसे देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी ताकि दोबारा टकराव की नौबत न आए। पुलिस टीम ने अस्पताल पहुंचकर उपचाराधीन घायलों से घटनाक्रम के संबंध में आवश्यक जानकारी और बयान दर्ज किए हैं। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस शांति व्यवस्था बनाए रखने पर नजर रखे हुए है।

















