राजस्थान के सिरोही जिले के वासडा गांव में आयोजित राज्य स्तरीय राइफल शूटिंग प्रतियोगिता में पूरे प्रदेश से युवा प्रतिभाएं अपनी निशानेबाजी का जौहर दिखाने पहुंची हैं। इस खेल प्रतियोगिता में हिस्सा लेने आए खिलाड़ियों के बीच जालौर जिले की 12 वर्षीय श्री राजपुरोहित विशेष ध्यान आकर्षित कर रही हैं। श्री केवल खेल के मैदान में ही नहीं, बल्कि संगीत की दुनिया में भी अपनी अलग पहचान रखती हैं और बहुत छोटी उम्र से मंच पर राजस्थानी भजनों की प्रस्तुति देती आ रही हैं।
राज्य स्तरीय शूटिंग स्पर्धा में पाली जिले का प्रतिनिधित्व
वासडा स्थित उम्मेद इंटरनेशनल स्कूल के परिसर में 14 वर्ष से कम आयु वर्ग की राज्य स्तरीय राइफल शूटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता में श्री राजपुरोहित पाली जिले की टीम की तरफ से निशाना साध रही हैं। जिला स्तर पर शानदार प्रदर्शन करने के बाद उनका चयन इस राज्य स्तरीय स्पर्धा के लिए हुआ था। गायन के व्यस्त कार्यक्रमों के बावजूद उन्होंने खेलों के प्रति अपने लगाव को कभी कम नहीं होने दिया और प्रतियोगिता में पदक जीतने के इरादे से मैदान में उतरी हैं।
चार साल की उम्र से गायन और सात साल में पहला मंच
जालौर जिले के सांकरणा गांव की मूल निवासी श्री राजपुरोहित ने संगीत की अपनी यात्रा बहुत छोटी उम्र में आरंभ कर दी थी। उन्होंने महज चार साल की आयु में भजन गाना शुरू किया था और जब वह सात वर्ष की हुईं, तब से उन्होंने बड़े मंचों पर लाइव प्रस्तुतियां देनी शुरू कर दीं। अपने गीतों और भजनों के माध्यम से वह राजस्थानी भाषा और स्थानीय संस्कृति का प्रचार-प्रसार कर रही हैं। उन्होंने राजस्थान के अधिकांश जिलों के अलावा पड़ोसी राज्यों गुजरात और महाराष्ट्र के मुंबई शहर में भी कई धार्मिक मंचों पर गायन प्रस्तुत किया है।
कक्षा सातवीं की छात्रा और सोशल मीडिया पर व्यापक लोकप्रियता
श्री राजपुरोहित वर्तमान में पाली जिले के राजस्थान नोबल पब्लिक स्कूल में कक्षा 7वीं की छात्रा हैं। पढ़ाई और खेल के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी उनकी प्रतिभा को काफी सराहा जाता है। इंस्टाग्राम जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर उनके पारंपरिक गायन के वीडियो बेहद लोकप्रिय हैं। राजस्थान के प्रसिद्ध लोक देवता ओम बन्ना पर गाए गए उनके एक विशेष भजन को अब तक 5 लाख से अधिक लोग देख चुके हैं, जिससे इंटरनेट पर उनकी एक मजबूत पहचान बनी है।
संस्कृति के संरक्षण और खेलों में आगे बढ़ने का संकल्प
श्री राजपुरोहित जालौर, पाली, सिरोही और उदयपुर सहित प्रदेश के अनेक हिस्सों में अपने सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कर चुकी हैं। सिरोही में भी वह आने वाले दिनों में एक भजन संध्या में अपनी गायकी पेश करने वाली हैं। मुख्य रूप से धार्मिक भजनों और राजस्थानी लोकगीतों को समर्पित श्री का कहना है कि वह अपनी कला के जरिए स्थानीय संस्कृति और भाषा को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगी। इसके साथ ही वह राइफल शूटिंग के क्षेत्र में भी कड़ी मेहनत करते हुए नए मुकाम हासिल करना चाहती हैं।

















