राजस्थान के झालावाड़ स्थित जिला एसआरजी जनाना अस्पताल में गुरुवार को उस वक्त अफरातफरी मच गई जब थ्रेशर मशीन की चपेट में आकर गंभीर रूप से जख्मी हुई एक 17 वर्षीय किशोरी को समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल सकी। पालखंदा गांव से जीवन रक्षक उपचार की उम्मीद में पहुंचे परिजनों को व्यवस्थाओं की बदहाली के चलते दर-दर भटकना पड़ा। करीब डेढ़ घंटे तक इलाज शुरू न होने और लगातार हो रही लापरवाही से आहत परिजनों का सब्र आखिरकार जवाब दे गया, जिसके बाद उन्होंने मरीज के स्ट्रेचर को सड़क पर लाकर जोरदार विरोध दर्ज कराया।
थ्रेशर के पट्टे में उलझकर गंभीर घायल हुई थी किशोरी
पीड़ित किशोरी की पहचान 17 वर्षीय सवीना बामी के रूप में हुई है, जो रायपुर क्षेत्र के पालखंदा गांव की निवासी है। खेत में काम के दौरान वह अचानक थ्रेशर मशीन के पट्टे की चपेट में आ गई थी। इस अप्रत्याशित हादसे में वह बेहद नाजुक रूप से घायल हो गई। स्थानीय स्तर पर प्राथमिक मदद के बाद परिजन बिना कोई समय गंवाए उसे झालावाड़ के जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे, ताकि उसे तुरंत जीवनरक्षक चिकित्सीय देखभाल मिल सके।
डेढ़ घंटे तक एक वार्ड से दूसरे वार्ड भटकते रहे परिजन
अस्पताल परिसर में दाखिल होने के बाद भी सवीना को तत्काल उपचार मिलना मुमकिन नहीं हो सका। गंभीर रूप से कराह रही किशोरी को लेकर उसके परिजन जिला अस्पताल से जनाना अस्पताल के बीच करीब डेढ़ घंटे तक लगातार चक्कर काटते रहे। नाजुक हालत के बावजूद प्रशासनिक और चिकित्सीय तालमेल की कमी के कारण मरीज को एक जगह से दूसरी जगह स्थानांतरित करने में ही कीमती समय जाया होता रहा। इस गंभीर उपेक्षा और लगातार बढ़ रही देरी ने परिजनों की चिंता और आक्रोश को भड़का दिया।
सड़क पर स्ट्रेचर लाकर परिजनों ने जताया कड़ा विरोध
लगातार इंतजार और टालमटोल के बाद जब उपचार की कोई ठोस व्यवस्था बनती नहीं दिखी, तो गुस्साए तीमारदार सवीना को स्ट्रेचर सहित अस्पताल परिसर से बाहर ले आए। परिजनों ने स्ट्रेचर को सीधे अस्पताल के बाहर सार्वजनिक सड़क पर रख दिया। सड़क पर मरीज के साथ परिजनों के इस कड़े कदम से अस्पताल के प्रवेश द्वार और आसपास भारी हंगामे के हालात बन गए। इस अप्रत्याशित विरोध प्रदर्शन से वहां आने-जाने वाले लोगों और अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया।
पुलिस बल की मौजूदगी में आईसीयू में दाखिल हुई मरीज
सड़क पर हंगामे और तनाव की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आई और भारी जाप्ता मौके पर तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को समझाने का प्रयास किया और हालात को नियंत्रण में लिया। सड़क पर उतरे परिजनों के कड़े तेवरों और पुलिस के हस्तक्षेप के बाद अस्पताल प्रशासन सक्रिय हुआ। इसके तुरंत बाद सवीना बामी को अस्पताल के गहन चिकित्सा कक्ष यानी आईसीयू में स्थानांतरित किया गया, जहां उसका विधिवत उपचार शुरू किया जा सका। इस अप्रिय घटनाक्रम ने एक बार फिर जिला स्तरीय चिकित्सा व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं की तत्परता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।






















