राजस्थान के झुंझुनूं जिले के बिसाऊ कस्बे में चुनावी जीत के जश्न के दौरान अचानक भारी हंगामा और उपद्रव देखने को मिला। कांग्रेस की नवनिर्वाचित पालिकाध्यक्ष सलमा बानो की जीत के उपलक्ष्य में निकाले जा रहे जुलूस पर अचानक पथराव हो गया। इस हमले में पालिकाध्यक्ष सलमा बानो के काफिले को निशाना बनाया गया, जिससे उनकी गाड़ी के शीशे चकनाचूर हो गए और उन्हें हल्की चोटें आईं। अचानक हुई इस पत्थरबाजी से विजय जुलूस में चल रहे समर्थकों और आम लोगों के बीच भगदड़ मच गई।
वार्ड नंबर एक से गुजरते वक्त अचानक हुआ हमला
स्थानीय निकाय चुनाव में जीत हासिल करने के बाद सलमा बानो के समर्थक गाजे-बाजे के साथ बिसाऊ की सड़कों पर विजय जुलूस निकाल रहे थे। जैसे ही यह जुलूस कस्बे के वार्ड नंबर एक से होकर गुजर रहा था, उसी दौरान अज्ञात उपद्रवियों ने काफिले पर भारी पथराव शुरू कर दिया। पथराव इतना तेज था कि जुलूस में शामिल कई अन्य वाहनों को भी गहरा नुकसान पहुंचा और उनके शीशे टूट गए। समर्थकों का आरोप है कि उपद्रवियों ने जानबूझकर उसी मुख्य वाहन को निशाना बनाया जिसमें पालिकाध्यक्ष सलमा बानो खुद सवार थीं। इस घटना में सलमा बानो को हल्की चोटें लगीं और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
मौके पर पुलिस बल तैनात, तनाव को किया नियंत्रित
जुलूस पर पथराव और बवाल की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया। बिसाऊ पुलिस बल ने बिना किसी देरी के मौके पर पहुंचकर स्थिति को अपने नियंत्रण में लिया और उग्र भीड़ व समर्थकों को समझा-बुझाकर शांत कराया। उपद्रव के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया था, जिसे देखते हुए कस्बे में पुलिसकर्मियों की मौजूदगी काफी बढ़ा दी गई है ताकि दोबारा किसी भी तरह की अशांति न भड़क सके।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की जांच
इस पूरे हिंसक घटनाक्रम से जुड़े कुछ वीडियो भी सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों पर तेजी से प्रसारित हो रहे हैं। इन वीडियो फुटेज में जुलूस के दौरान मचे हंगामे, भगदड़ और पत्थरबाजी के दृश्य दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, पुलिस और प्रशासन की तरफ से इन वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन जांच अधिकारी इन फुटेज की तकनीकी जांच कर रहे हैं ताकि पथराव करने वालों की पहचान की जा सके।
कानूनी कार्रवाई और पुलिस का पक्ष
घटना के संबंध में बिसाऊ थाना एसएचओ उमाशंकर ने स्पष्ट किया कि मामले की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया और साक्ष्य जुटाए हैं। एसएचओ उमाशंकर ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जा रही है और औपचारिक रिपोर्ट दर्ज होने के बाद नियमानुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। पुलिस मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज कर रही है और सोशल मीडिया पर वायरल फुटेज के आधार पर उपद्रवियों को चिह्नित करने का प्रयास चल रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पथराव के असली कारणों और इसमें शामिल दोषियों की स्थिति पूरी तरह साफ हो सकेगी।



















