ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से नाम गायब होने पर सुनवाई से मना नहीं कर सकता चुनाव आयोग, बॉम्बे हाईकोर्ट का सख्त रुखअजय देवगन और प्रकाश राज की भिड़ंत ने जब भी हिलाया सिनेमाघर, ये तीन फिल्में बनीं मिसालघर की रसोई में तैयार करें गोरखपुर वाला देसी हांडी मटन, जानें सही मसाले और पकाने का पारंपरिक तरीकास्कूल से लौटते ही बच्चे से यह एक सवाल पूछना क्यों छोड़ देना चाहिएफर्जी एफएमजीई प्रमाण पत्र रैकेट पर महाराष्ट्र साइबर का शिकंजा, डॉक्टर बनने की जुगत में लगे दो अभ्यर्थियों समेत तीन दबोचे गएगुम या चोरी हुए फोन की तुरंत करें ऑनलाइन शिकायत, सरकारी मंच ने मालिकों को लौटाए 14 लाख से ज्यादा हैंडसेटअमेरिकी सेवा क्षेत्र में मजबूती के बीच ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में उतार-चढ़ाव, ट्रेजरी यील्ड ने सीमित की बढ़तभागलपुर में आम की बागवानी से तगड़ी कमाई का मौका, जानिए जर्दालू, हेम सागर और मालदा में से कौन सी किस्म चुनेचित्तौड़गढ़ में हिस्ट्रीशीटर की हत्या की साजिश नाकाम, हथियारों के साथ छह बदमाश पकड़े गएउत्तर प्रदेश के स्कूलों में वैदिक गणित लागू कराने की मांग, अयोध्या में बोले राजनाथ सिंह
राजस्थान के आमेर महल में जीप सेवा ठप, तपती धूप में पैदल चढ़ने को मजबूर हुए पर्यटकराजस्थान
5 अक्तू॰ 2026, 11:12 pm (44 मिनट पहले)· 0

राजस्थान के आमेर महल में जीप सेवा ठप, तपती धूप में पैदल चढ़ने को मजबूर हुए पर्यटक

आमेर में जीप चालकों के आपसी विवाद और स्थानीय विरोध के चलते प्रशासन ने टूरिस्ट वाहनों पर रोक लगा दी, जिससे पर्यटकों को पैदल ही महल तक जाना पड़ा।

राजस्थान के ऐतिहासिक पर्यटन केंद्रों में शामिल आमेर में घूमने आने वाले सैलानियों के लिए अचानक मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। जयपुर शहर से करीब 11 किलोमीटर की दूरी पर अरावली की पहाड़ियों के बीच स्थित आमेर महल अपनी भव्य वास्तुकला और ऐतिहासिक धरोहर के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। आमतौर पर यहां आने वाले सैलानी पहाड़ी रास्ते से महल के प्रवेश द्वार तक पहुंचने के लिए स्थानीय स्तर पर चलने वाली टूरिस्ट जीपों का सहारा लेते हैं। इस समय जीप चालकों के बीच छिड़े विवाद और स्थानीय लोगों के विरोध के चलते इस परिवहन व्यवस्था पर अचानक ब्रेक लग गया है। प्रशासन और पुलिस ने महल तक जाने वाले पर्यटक वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी है, जिससे दूर-दराज से पहुंचे पर्यटकों को तेज धूप और गर्मी के बीच पैदल चढ़ाई करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

स्थानीय विवाद के चलते प्रशासन ने रोकी वाहनों की आवाजाही

आमेर में जीप संचालन को लेकर पैदा हुआ टकराव अचानक गहरा गया, जिसके बाद इलाके में विरोध की स्थिति बन गई। स्थानीय स्तर पर बढ़े असंतोष को देखते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के मकसद से पुलिस और प्रशासन ने महल की ओर जाने वाले तमाम टूरिस्ट वाहनों के पहिये थाम दिए। बाहर से आने वाले सैलानियों को इस अंदरूनी विवाद और अचानक बदले नियमों की कोई पूर्व जानकारी नहीं थी। जैसे ही वे महल के तलहटी क्षेत्र में पहुंचे, उन्हें पता चला कि ऊपर जाने के लिए कोई भी सवारी गाड़ी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में कई परिवारों के पास पैदल रास्ता नापने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा।

ये भी पढ़ें

बुजुर्गों और छोटे बच्चों को उठानी पड़ी भारी परेशानी

परिवहन के साधन अचानक बंद हो जाने का सबसे गंभीर असर बुजुर्ग पर्यटकों और छोटे बच्चों पर पड़ा है। पहाड़ी मार्ग पर तपती गर्मी के दौरान पैदल चढ़ना किसी भी सामान्य यात्री के लिए आसान नहीं होता, खासकर तब जब वे परिवार के साथ सुकून से घूमने का मन बनाकर आए हों। कई उम्रदराज यात्री रास्ते में बार-बार रुककर सुस्ताते हुए दिखाई दिए, वहीं बच्चों को गोद में लेकर चढ़ाई करने वाले माता-पिता खासे बेहाल नजर आए। बाहरी पर्यटकों का कहना था कि स्थानीय विवादों का खामियाजा सीधे तौर पर उन लोगों को भुगतना पड़ रहा है, जिनका इस पूरे मामले से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है।

पर्यटन सीजन की शुरुआत में कारोबारियों की बढ़ी चिंता

जीप संचालन ठप होने की यह समस्या ऐसे नाजुक मोड़ पर सामने आई है जब इलाके में पर्यटन सीजन की शुरुआत हो रही है। आमेर महल तक जाने वाले पर्यटक केवल खुद ही परेशान नहीं हो रहे हैं, बल्कि इस गतिरोध ने पूरे पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों की नींद उड़ा दी है। स्थानीय गाइड, टूर ऑपरेटर और यात्रा प्रबंधकों के दैनिक कामकाज पर इस बंदी का सीधा नकारात्मक असर देखने को मिल रहा है। टूर ऑपरेटरों का मानना है कि यदि सीजन के शुरुआती दिनों में ही परिवहन का यह बुनियादी ढांचा चरमरा जाएगा, तो इससे आमेर की छवि पर गलत असर पड़ेगा और पर्यटकों की आमद भी प्रभावित हो सकती है।

समाधान की तलाश और भविष्य की व्यवस्था पर नजर

आमेर में रोजाना हजारों की तादाद में घरेलू और विदेशी सैलानी पहुंचते हैं, जिनकी यात्रा काफी हद तक यहां के सुगम स्थानीय परिवहन पर टिकी होती है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की रोक जारी है और सभी पक्ष इस बात की प्रतीक्षा कर रहे हैं कि जीप चालकों के बीच चल रहे इस विवाद का कोई स्थायी प्रशासनिक समाधान कब निकलता है। जब तक दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बनती और वाहनों का संचालन दोबारा सुचारू नहीं होता, तब तक महल का दीदार करने आने वाले सैलानियों को इसी तरह पैदल पसीना बहाना पड़ेगा।

सवाल-जवाब

आमेर महल में पर्यटकों को किस वजह से परेशानी उठानी पड़ रही है?
जीप चालकों के बीच विवाद और स्थानीय विरोध के कारण पुलिस व प्रशासन ने महल तक टूरिस्ट वाहनों के जाने पर रोक लगा दी है, जिससे पर्यटकों को पैदल जाना पड़ रहा है।
आमेर महल जयपुर से कितनी दूरी पर स्थित है?
आमेर महल जयपुर शहर से लगभग 11 किलोमीटर की दूरी पर अरावली पहाड़ियों के बीच स्थित है।
वाहनों पर रोक लगने से सबसे ज्यादा दिक्कत किन्हें हुई?
गर्मी के मौसम में पहाड़ी रास्ते पर पैदल चलने के कारण सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्ग पर्यटकों और छोटे बच्चों को उठानी पड़ी।
पर्यटकों के अलावा इस विवाद का असर किन लोगों पर पड़ रहा है?
जीप संचालन ठप होने से स्थानीय गाइडों, टूर ऑपरेटरों और पर्यटन से जुड़े अन्य कारोबारियों के काम पर बुरा असर पड़ा है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp