मेटा ने अपने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इकोसिस्टम का विस्तार करते हुए मूस असिस्टेंट में एक नया और उन्नत फीचर जोड़ा है। इस नए अपडेट के तहत यूजर्स अब इस एआई टूल के साथ रियल-टाइम में बातचीत कर पाएंगे। मूस वॉयस नाम का यह नया फीचर कंपनी के पहले से मौजूद मूस रियलटाइम अवतार के साथ मिलकर काम करता है, जिससे बातचीत का अनुभव पूरी तरह बदल जाता है। इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि एआई असिस्टेंट अब केवल आवाज के जरिए जवाब नहीं देगा, बल्कि बातचीत के दौरान चेहरे के भाव और हाथों के जेस्चर भी प्रदर्शित करेगा।
शुरुआती चरण और उपलब्धता
कंपनी के अनुसार मूस वॉयस फीचर की शुरुआत फिलहाल अमेरिका से की जा रही है और आने वाले समय में इसे अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी उपलब्ध कराया जाएगा। मूल मूस एआई असिस्टेंट को सबसे पहले सितंबर में अमेरिका में लॉन्च किया गया था और बाद में इसका दायरा कनाडा तक बढ़ाया गया था। हालांकि क्षेत्रीय ऐप स्टोर से जुड़े प्रतिबंधों के कारण अभी भी इन देशों की भौगोलिक सीमाओं के बाहर इस सेवा का लाभ लेना संभव नहीं है।
कैसे काम करता है मूस वॉयस
मेटा इस नए फीचर को मोबाइल उपकरणों, वेब प्लेटफॉर्म और मैक पर रोलआउट कर रहा है। जिन लोगों के पास यह नया अपडेट पहुंच चुका है, वे ऐप के भीतर दिए गए फोन आइकन पर टैप करके तुरंत बातचीत की शुरुआत कर सकते हैं। कंपनी ने उपयोगकर्ताओं की सुविधा के लिए इसमें तीन अलग-अलग विकल्प दिए हैं, जिनकी मदद से बातचीत के अंदाज को बदला जा सकता है।
यूजर्स अपनी जरूरत और पसंद के अनुसार तीन तरीकों से संवाद कर सकते हैं। वे वीडियो कॉल की तरह आमने-सामने बैठकर बातचीत का विकल्प चुन सकते हैं, चैट विंडो के ठीक बगल में एआई अवतार को रख सकते हैं, या फिर बिना किसी विजुअल अवतार के केवल ऑडियो के माध्यम से अपनी बात रख सकते हैं। बातचीत शुरू होते ही स्क्रीन पर यूजर द्वारा कस्टमाइज किया गया अवतार नजर आने लगता है।
रियल-टाइम अनुभव और कस्टमाइजेशन
मेटा का दावा है कि यह एआई अवतार बातचीत के दौरान टोन और मूड के हिसाब से अपने चेहरे के एक्सप्रेशन और शारीरिक हाव-भाव को बदलता है। बातचीत के दौरान यदि यूजर चाहें तो एआई के जवाब देते वक्त उसे बीच में ही रोककर अपनी बात रख सकते हैं, जो इसे बेहद स्वाभाविक बनाता है। यह पूरा अनुभव गूगल जेमिनी लाइव की तरह रियल-टाइम वॉयस कन्वर्सेशन को पूरी तरह सपोर्ट करता है। इसके अलावा मेटा यूजर्स को आवाज और स्टाइल चुनने की पूरी स्वतंत्रता दे रहा है, जिसके लिए सैकड़ों अलग-अलग आवाजों और शैलियों का विकल्प मिलता है।
भविष्य की योजनाएं और तकनीकी अंतर
कंपनी ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले दिनों में मूस वॉयस को मेटा एआई ग्लासेस और आगामी मूस चार्म डिवाइस में भी जोड़ा जाएगा, हालांकि इसके लिए अभी कोई निश्चित समयसीमा तय नहीं की गई है। मेटा के अनुसार मूस चैटबॉट उसके व्हाट्सएप जैसे प्लेटफार्मों पर मिलने वाले सामान्य चैटबॉट्स से काफी अलग है। इसमें एजेंटिक एआई क्षमताएं, एनिमेटेड अवतार और लॉन्ग-टर्म मेमोरी जैसे आधुनिक फीचर्स दिए गए हैं। जहां सामान्य चैटबॉट की याददाश्त केवल एक सेशन तक सीमित होती है, वहीं मूस पिछली बातचीत की जानकारियों को लंबे समय तक याद रख सकता है। इसके एजेंटिक फीचर्स की बदौलत यूजर्स साधारण प्रश्नों के अलावा कई जटिल कार्य भी आसानी से पूरे करवा सकते हैं।

















