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राजस्थान में पलटा मौसम का मिजाज, बीकानेर और शेखावाटी में गरज-चमक के साथ बारिश का अंदेशाराजस्थान
11 अक्तू॰ 2026, 6:12 am (2 घंटे पहले)· 0

राजस्थान में पलटा मौसम का मिजाज, बीकानेर और शेखावाटी में गरज-चमक के साथ बारिश का अंदेशा

राजस्थान में मौसमी तंत्र सक्रिय होने से बीकानेर संभाग और शेखावाटी में तेज हवाओं और बारिश की संभावना बनी है, जबकि 13 और 14 अक्टूबर को भी ऐसा असर दिख सकता है।

रेगिस्तानी राज्य राजस्थान में बीते चौबीस घंटों के शांत और सूखे माहौल के बाद वायुमंडलीय परिस्थितियों में अचानक हलचल शुरू हो गई है। उत्तर-पश्चिमी राजस्थान से लेकर दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश तक फैली एक ट्रफ लाइन और पड़ोसी हरियाणा के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण तंत्र ने राज्य के मौसम तंत्र को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है। इसके चलते 11 अक्टूबर को राज्य के उत्तरी और पश्चिमी इलाकों में आसमान में घने बादलों का डेरा रहने के साथ-साथ तेज मेघगर्जन और हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की जा सकती है।

उत्तरी सीमावर्ती जिलों में आंधी और आकाशीय बिजली की चेतावनी

मौसम विभाग के क्षेत्रीय केंद्र ने विशेष तौर पर सीमावर्ती इलाकों के लिए चेतावनी जारी की है, जहां 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार धूल भरी हवाएं चलने का अनुमान है। श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू के निवासियों को आकाशीय बिजली गिरने तथा अचानक तेज हवाएं चलने की स्थिति में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में खुले स्थानों पर रखी कटी फसलों और अनाज की बोरियों को ढककर रखने तथा मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर बांधने के दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

बीकानेर संभाग और शेखावाटी अंचल में वर्षा की संभावना

इस मौसमी बदलाव का सबसे बड़ा प्रभाव बीकानेर मंडल और शेखावाटी क्षेत्र के जिलों में महसूस किया जाएगा। बीकानेर, सीकर, झुंझुनूं के साथ-साथ उपखंड स्तर पर खाजूवाला, अनूपगढ़, घड़साना, रावला और सुजानगढ़ जैसे कस्बों में भी आसमान में बादलों की आवाजाही बढ़ेगी। स्थानीय मौसमी उतार-चढ़ाव के कारण इन क्षेत्रों में कहीं तेज बौछारें तो कहीं छिटपुट बूंदाबांदी हो सकती है। हालांकि समूचे भूभाग पर वर्षा का फैलाव एकसमान न रहकर खंड वर्षा के रूप में देखा जाएगा।

राजधानी जयपुर और पूर्वी हिस्सों में बादलों का डेरा

पूर्वी राजस्थान के जयपुर संभाग में भी 11 अक्टूबर के दौरान आंशिक रूप से बादल छाए रहने और छिटपुट स्थानों पर वर्षा होने का अनुमान लगाया गया है। प्रांतीय राजधानी जयपुर के स्थानीय आकाश में भी बादलों की मौजूदगी दर्ज की जा सकती है, यद्यपि शहर के भीतर मूसलाधार बारिश का कोई निश्चित संकेत नहीं है। इसके विपरीत अजमेर और भरतपुर संभागों के अधिकांश भागों में वातावरण मुख्यतः शुष्क बना रहेगा और तेज धूप का प्रभाव जारी रहने की संभावना है।

उदयपुर और कोटा संभाग में आगामी दिनों का परिदृश्य

दक्षिणी राजस्थान के अंचल में बंगाल की खाड़ी से आ रही नम पूर्वी हवाओं का प्रभाव अगले तीन से चार दिनों के दौरान बढ़ सकता है। इसके असर से उदयपुर और हाड़ौती अंचल के कोटा संभाग में बादलों का जमावड़ा रहेगा तथा कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम स्तर की बारिश दर्ज हो सकती है। जोधपुर संभाग के छिटपुट हिस्सों में स्थानीय कारकों के आधार पर मौसमी फेरबदल संभव है, जबकि शेष उत्तरी और पश्चिमी क्षेत्रों में स्थिति सामान्य तौर पर सूखी ही रहने का अनुमान है।

13 और 14 अक्टूबर को दोबारा सक्रिय होगा तंत्र

वायुमंडलीय विश्लेषण के अनुसार यह मौसमी हलचल केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगी। इसके बाद 13 और 14 अक्टूबर को बीकानेर और शेखावाटी के भूभाग में वर्षा की गतिविधियां एक बार फिर जोर पकड़ सकती हैं। वहीं दूसरी ओर जोधपुर, अजमेर, कोटा, उदयपुर और भरतपुर के अधिकांश हिस्सों में मौसम पूरी तरह साफ और शुष्क बने रहने की संभावना जताई गई है। आकाशीय बिजली चमकने के दौरान पेड़ों, धातु के खंभों और खुले खेतों से दूर रहने की हिदायत दी गई है। आधिकारिक सूचना साझा करते हुए मौसम विभाग ने X पर लिखा कि आगामी दिनों में राज्य के कुछ हिस्सों में मेघगर्जन के साथ हल्की वर्षा दर्ज की जा सकती है।

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सवाल-जवाब

राजस्थान में मौसम में बदलाव की मुख्य वजह क्या है?
हरियाणा के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण तंत्र और उत्तर-पश्चिमी राजस्थान से मध्य प्रदेश तक फैली ट्रफ रेखा इस बदलाव का मुख्य कारण है।
किन जिलों में आंधी और वज्रपात की विशेष चेतावनी जारी की गई है?
श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और बिजली गिरने की संभावना को लेकर सतर्कता बरतने को कहा गया है।
क्या राजधानी जयपुर में तेज बारिश होने की संभावना है?
जयपुर संभाग में बादल छाने और कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन शहर में निश्चित तौर पर भारी बारिश का पूर्वानुमान नहीं है।
क्या 11 अक्टूबर के बाद भी राज्य में बारिश का दौर जारी रहेगा?
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 13 और 14 अक्टूबर को बीकानेर संभाग तथा शेखावाटी के कुछ हिस्सों में दोबारा बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
दक्षिणी राजस्थान में आगामी दिनों में कैसा मौसम रहेगा?
पूर्वी हवाओं के प्रभाव से उदयपुर और कोटा संभाग में अगले तीन से चार दिनों के दौरान बादल छाने और हल्की से मध्यम वर्षा होने के आसार हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Rajesh Kumar@rajesh-kumar·21 मिनट पहले

अक्टूबर की ऐसी बारिश से श्रीगंगानगर में मेरी दादी हमेशा खुले में रखी फसल को तुरंत ढकने दौड़ती थीं, मौसम का मिजाज देखकर वही दिन याद आ गया।

Arjun Mehta@arjun-mehta·42 मिनट पहले

अक्टूबर में अचानक बारिश और आंधी से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में कटी फसल को बचाना अब सबसे बड़ा काम होगा, वरना सारी मेहनत खराब हो जाएगी।

Ravikash Gupta@ravikash·42 मिनट पहले

अर्जुन भाई, आपने सही कहा। श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ के किसानों के लिए कटी फसल बचाना सचमुच बड़ी चुनौती बन गया है।

Rohan Verma@rohan-verma·1 घंटे पहले

अक्टूबर के बीच में अचानक ऐसी बारिश से किसानों की कटी हुई फसल को बचाने के लिए क्या कोई सरकारी मदद मिल पाएगी?

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

रोहन भाई, 30-40 किमी की रफ्तार वाली हवाएं और आकाशीय बिजली का खतरा वाकई डरावना है, किसानों को सच में तुरंत अलर्ट रहना होगा।

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