रेगिस्तानी राज्य राजस्थान में बीते चौबीस घंटों के शांत और सूखे माहौल के बाद वायुमंडलीय परिस्थितियों में अचानक हलचल शुरू हो गई है। उत्तर-पश्चिमी राजस्थान से लेकर दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश तक फैली एक ट्रफ लाइन और पड़ोसी हरियाणा के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण तंत्र ने राज्य के मौसम तंत्र को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है। इसके चलते 11 अक्टूबर को राज्य के उत्तरी और पश्चिमी इलाकों में आसमान में घने बादलों का डेरा रहने के साथ-साथ तेज मेघगर्जन और हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की जा सकती है।
उत्तरी सीमावर्ती जिलों में आंधी और आकाशीय बिजली की चेतावनी
मौसम विभाग के क्षेत्रीय केंद्र ने विशेष तौर पर सीमावर्ती इलाकों के लिए चेतावनी जारी की है, जहां 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार धूल भरी हवाएं चलने का अनुमान है। श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू के निवासियों को आकाशीय बिजली गिरने तथा अचानक तेज हवाएं चलने की स्थिति में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में खुले स्थानों पर रखी कटी फसलों और अनाज की बोरियों को ढककर रखने तथा मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर बांधने के दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
बीकानेर संभाग और शेखावाटी अंचल में वर्षा की संभावना
इस मौसमी बदलाव का सबसे बड़ा प्रभाव बीकानेर मंडल और शेखावाटी क्षेत्र के जिलों में महसूस किया जाएगा। बीकानेर, सीकर, झुंझुनूं के साथ-साथ उपखंड स्तर पर खाजूवाला, अनूपगढ़, घड़साना, रावला और सुजानगढ़ जैसे कस्बों में भी आसमान में बादलों की आवाजाही बढ़ेगी। स्थानीय मौसमी उतार-चढ़ाव के कारण इन क्षेत्रों में कहीं तेज बौछारें तो कहीं छिटपुट बूंदाबांदी हो सकती है। हालांकि समूचे भूभाग पर वर्षा का फैलाव एकसमान न रहकर खंड वर्षा के रूप में देखा जाएगा।
राजधानी जयपुर और पूर्वी हिस्सों में बादलों का डेरा
पूर्वी राजस्थान के जयपुर संभाग में भी 11 अक्टूबर के दौरान आंशिक रूप से बादल छाए रहने और छिटपुट स्थानों पर वर्षा होने का अनुमान लगाया गया है। प्रांतीय राजधानी जयपुर के स्थानीय आकाश में भी बादलों की मौजूदगी दर्ज की जा सकती है, यद्यपि शहर के भीतर मूसलाधार बारिश का कोई निश्चित संकेत नहीं है। इसके विपरीत अजमेर और भरतपुर संभागों के अधिकांश भागों में वातावरण मुख्यतः शुष्क बना रहेगा और तेज धूप का प्रभाव जारी रहने की संभावना है।
उदयपुर और कोटा संभाग में आगामी दिनों का परिदृश्य
दक्षिणी राजस्थान के अंचल में बंगाल की खाड़ी से आ रही नम पूर्वी हवाओं का प्रभाव अगले तीन से चार दिनों के दौरान बढ़ सकता है। इसके असर से उदयपुर और हाड़ौती अंचल के कोटा संभाग में बादलों का जमावड़ा रहेगा तथा कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम स्तर की बारिश दर्ज हो सकती है। जोधपुर संभाग के छिटपुट हिस्सों में स्थानीय कारकों के आधार पर मौसमी फेरबदल संभव है, जबकि शेष उत्तरी और पश्चिमी क्षेत्रों में स्थिति सामान्य तौर पर सूखी ही रहने का अनुमान है।
13 और 14 अक्टूबर को दोबारा सक्रिय होगा तंत्र
वायुमंडलीय विश्लेषण के अनुसार यह मौसमी हलचल केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगी। इसके बाद 13 और 14 अक्टूबर को बीकानेर और शेखावाटी के भूभाग में वर्षा की गतिविधियां एक बार फिर जोर पकड़ सकती हैं। वहीं दूसरी ओर जोधपुर, अजमेर, कोटा, उदयपुर और भरतपुर के अधिकांश हिस्सों में मौसम पूरी तरह साफ और शुष्क बने रहने की संभावना जताई गई है। आकाशीय बिजली चमकने के दौरान पेड़ों, धातु के खंभों और खुले खेतों से दूर रहने की हिदायत दी गई है। आधिकारिक सूचना साझा करते हुए मौसम विभाग ने X पर लिखा कि आगामी दिनों में राज्य के कुछ हिस्सों में मेघगर्जन के साथ हल्की वर्षा दर्ज की जा सकती है।























