मदुरई-बीकानेर एक्सप्रेस में बड़ी वारदात, मां-बेटी के बैग से एक करोड़ की ज्वेलरी और आठ लाख नकदी चोरीअखिल गोगोई ने ऊपरी असम बाढ़ राहत की मांग को लेकर खत्म किया उपवासउम्र बढ़ने के साथ आंखों को रखना है सुरक्षित, तो आज ही अपनाएं ये पांच आसान आदतेंशादी के बाद इन तारीखों में जन्मी लड़कियां लाती हैं गुडलक और ससुराल में बरकतवॉशिंगटन के छात्र आदित्य सेनगुप्ता ने विमान के डरावने सफर के बाद बनाया टर्बुलेंस का पता लगाने वाला AI सिस्टम, मिली 95 लाख रुपये की स्कॉलरशिपलद्दाख में दुनिया के सबसे ऊंचे ट्विन फ्लावर फील्ड्स का उद्घाटन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर मिला अनूठा तोहफाअरब सागर में भारत और पाकिस्तान की नौसैनिक टक्कर, क्या कहती है दोनों देशों की असली ताकत?कोडरमा में सांप भगाने का नायाब तरीका, स्कूल संचालक ने 15 साल पहले अपनाई थी यह तरकीबमेघालय में दिसंबर एसएसएलसी परीक्षा योजना से शिक्षक और अभिभावक परेशानअरुणाचल प्रदेश के नामसाई में स्कूली शिक्षा को मजबूती देने के लिए ऑयल इंडिया लिमिटेड ने उठाया बड़ा कदम
उदयपुर नगर निगम चुनाव में अचानक बदली सियासी तस्वीर, अस्पताल पहुंचे दावेदार दिनेश भट्ट की जगह पारस सिंघवी को मिला टिकटराजस्थान
17 सित॰ 2026, 4:27 pm (2 घंटे पहले)· 1

उदयपुर नगर निगम चुनाव में अचानक बदली सियासी तस्वीर, अस्पताल पहुंचे दावेदार दिनेश भट्ट की जगह पारस सिंघवी को मिला टिकट

उदयपुर महापौर चुनाव में मतदान से ठीक पहले सबसे बड़े दावेदार दिनेश भट्ट की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है, जिसके बाद पारस सिंघवी को नया उम्मीदवार बनाया गया है।

उदयपुर नगर निगम के महापौर चुनाव में मतदान से ठीक पहले एक अप्रत्याशित और बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया है। महापौर पद के सबसे प्रबल दावेदार माने जा रहे दिनेश भट्ट की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। यह पूरा घटनाक्रम उस समय हुआ जब पार्षदों की खरीद-फरोख्त और क्रॉस वोटिंग की आशंकाओं के बीच राजनीतिक बाड़ेबंदी की जा रही थी। इस आकस्मिक घटना ने पूरे चुनावी समीकरण को बदल दिया है और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।

चुनावी बाड़ेबंदी के बीच अचानक बिगड़ी तबीयत

चुनावी सरगर्मियों के बीच पार्षदों को एकजुट रखने के लिए की गई बाड़ेबंदी के दौरान दिनेश भट्ट को अचानक स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं महसूस हुईं। उन्हें बिना किसी देरी के तुरंत एक निजी चिकित्सालय ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा है। दिनेश भट्ट के अचानक अस्वस्थ होने और अस्पताल में भर्ती होने की खबर मिलते ही उनके समर्थकों और स्थानीय नेताओं में चिंता की लहर दौड़ गई है। उदयपुर नगर निगम चुनाव में इस बार मुकाबला काफी कड़ा माना जा रहा है। पार्षदों को विरोधी खेमे के संपर्क से दूर रखने के लिए कड़ी घेराबंदी की गई थी। इसी दौरान भट्ट के अस्वस्थ होने की खबर ने पार्टी के रणनीतिकारों को सकते में डाल दिया।

ये भी पढ़ें

सबसे मजबूत दावेदार के हटने से बदला समीकरण

महापौर की इस चुनावी जंग में दिनेश भट्ट को सबसे मजबूत और अग्रणी उम्मीदवार माना जा रहा था। संगठन के भीतर उनके नाम पर लगभग सहमति बन चुकी थी और केवल उनके नाम की औपचारिक घोषणा होना ही शेष था। समर्थक भी उनकी उम्मीदवारी का जश्न मनाने की तैयारियों में जुटे थे। लेकिन ऐन वक्त पर उनकी सेहत खराब होने से नेतृत्व के सामने एक बड़ा संकट खड़ा हो गया। इस अप्रत्याशित संकट से निपटने के लिए आलाकमान को तुरंत अपनी रणनीति बदलनी पड़ी और नए विकल्पों पर विचार करना पड़ा।

पारस सिंघवी के नाम की अचानक घोषणा

दिनेश भट्ट के अस्पताल में भर्ती होने के बाद महापौर प्रत्याशी को लेकर अनिश्चितता की स्थिति पैदा हो गई थी। चुनावी समय सीमा को देखते हुए संगठन ने तुरंत कदम उठाया और असमंजस की स्थिति को समाप्त करते हुए पारस सिंघवी को नया उम्मीदवार घोषित कर दिया। सिंघवी की उम्मीदवारी की घोषणा के बाद अब पूरे स्थानीय संगठन को नए सिरे से लामबंद किया जा रहा है। चुनावी प्रक्रिया में कोई व्यवधान न आए, इसके लिए वरिष्ठ नेता लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। सिंघवी के नाम के इस औचक ऐलान ने चुनावी मुकाबले को एक नया मोड़ दे दिया है, और अब नए सिरे से चुनावी गोटियां बिछाई जा रही हैं।

सवाल-जवाब

उदयपुर महापौर चुनाव में अचानक क्या बदलाव आया?
महापौर पद के सबसे मजबूत दावेदार दिनेश भट्ट की तबीयत अचानक खराब हो गई, जिसके बाद पारस सिंघवी को नया प्रत्याशी घोषित किया गया।
दिनेश भट्ट को अस्पताल क्यों ले जाना पड़ा?
चुनावी बाड़ेबंदी के दौरान दिनेश भट्ट को अचानक स्वास्थ्य संबंधी समस्या महसूस हुई, जिसके चलते उन्हें इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पार्षदों की बाड़ेबंदी क्यों की जा रही थी?
महापौर चुनाव में पार्षदों की खरीद-फरोख्त और क्रॉस वोटिंग के खतरे को टालने के लिए उनकी बाड़ेबंदी की जा रही थी।
दिनेश भट्ट की जगह किसे उम्मीदवार बनाया गया है?
दिनेश भट्ट के अचानक बीमार होकर अस्पताल में भर्ती होने के बाद पारस सिंघवी को महापौर पद का नया उम्मीदवार बनाया गया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·1 घंटे पहले

नगर निकाय चुनावों में अंतिम समय पर उम्मीदवार का बदलना पूरी चुनावी रणनीति को प्रभावित करता है। बाड़ेबंदी के बीच दिनेश भट्ट की जगह पारस सिंघवी को उतारने से पार्टी के सामने पार्षदों को एकजुट रखने की दोहरी चुनौती खड़ी हो गई है। ऐसे ऐन वक्त के बदलाव से स्थानीय समर्थकों में असंतोष उपज सकता है और क्रॉस-वोटिंग की आशंका बढ़ सकती है। अब नए प्रत्याशी के लिए सबसे अहम बात यह होगी कि वे भट्ट के प्रति निष्ठावान खेमे को तुरंत अपने पाले में लाएं और मतदान के दिन किसी भी तरह की भीतरघात की संभावना को खत्म करें।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

रोहन की बात सही है, लेकिन इसके साथ ही कानून-व्यवस्था और चुनावी निष्पक्षता के दृष्टिकोण से भी यह बेहद संवेदनशील स्थिति है। बाड़ेबंदी और ऐन वक्त पर प्रत्याशी बदलने के कारण पार्षदों पर प्रलोभन देने, खरीद-फरोख्त और गैर-कानूनी दबाव बनाने की आशंकाएं कई गुना बढ़ जाती हैं। ऐसे तनावपूर्ण माहौल में राजनीतिक गुटबाजी हिंसा या किसी अप्रिय घटना का रूप न ले, इसके लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस को बाड़ेबंदी वाले इलाकों और मतदान केंद्र के आसपास सुरक्षा तथा निगरानी बेहद सख्त रखनी होगी। निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए मुस्तैदी बेहद जरूरी है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR