जोधपुर के मसूरिया क्षेत्र में स्थित लोक देवता बाबा रामदेव के गुरु बालीनाथजी के पवित्र समाधि स्थल का स्वरूप आने वाले दिनों में और अधिक भव्य नजर आएगा। धार्मिक परिसर के विस्तार और यहाँ पहुँचने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए एक विशाल मुख्य प्रवेश द्वार का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। इस भव्य संरचना के निर्माण के लिए पीपा क्षत्रिय समस्त न्याति सभा ट्रस्ट मसूरिया की अगुवाई में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत पूजन संपन्न हुआ। पूजा अनुष्ठान के दौरान नींव में पाँच पवित्र शिलाएँ स्थापित कर आधिकारिक तौर पर निर्माण कार्य की आधारशिला रखी गई। इस धार्मिक आयोजन में ट्रस्ट अध्यक्ष नरेंद्र चौहान, सचिव नरेंद्र गोयल, कोषाध्यक्ष पुरुषोत्तम राखेचा, उपाध्यक्ष शिवप्रकाश दईया और दिनेश गोयल समेत ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
1500 टन छीतर पत्थर और सिरोही व फतेहपुर के कारीगरों की नक्काशी
इस पूरे प्रवेश द्वार को स्थानीय पहचान और पारंपरिक स्थापत्य शैली के अनुरूप जोधपुरी छीतर पत्थर से गढ़ा जा रहा है। इस विशाल परियोजना में लगभग 1500 टन से भी अधिक छीतर पत्थर का उपयोग किया जा रहा है। निर्माण में इस्तेमाल होने वाले इन पत्थरों को बेहद आकर्षक रूप देने के लिए सिरोही और फतेहपुर के कुशल कारीगर पिछले दो वर्षों से लगातार जुटे हुए हैं। ये शिल्पकार पत्थरों की बारीक घड़ाई कर रहे हैं और उन पर पारंपरिक जोधपुरी स्थापत्य कला से प्रेरित सुंदर कलाकृतियाँ और नक्काशी उकेर रहे हैं, जिससे पूरा ढांचा राजस्थान की समृद्ध विरासत की झलक पेश करेगा।
द्वार का ढांचा, आयाम और आंतरिक व्यवस्था
यह नया मुख्य द्वार कुल 45 फीट चौड़ाई और 35 फीट ऊंचाई में फैला होगा। श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन को ध्यान में रखते हुए इस पूरे प्रवेश मार्ग को तीन हिस्सों में विभाजित किया गया है। मुख्य ढांचे के बीचों-बीच 24 फीट का बड़ा केंद्रीय प्रवेश द्वार रहेगा, जिसके दोनों तरफ 11-11 फीट के दो छोटे सहायक द्वार बनाए जाएंगे। प्रवेश द्वार के सबसे ऊपरी शिखर पर बाबा की पावन ध्वजा स्थापित की जाएगी जो दूर से ही लहराती हुई भक्तों को आकर्षित करेगी। मुख्य प्रवेश मार्ग के भीतरी हिस्से में ट्रस्ट कार्यालय के अधीन दो विशेष कमरों का भी निर्माण कराया जाएगा, जिनका उपयोग पूरे परिसर की सुरक्षा, निगरानी और मॉनिटरिंग संबंधी व्यवस्थाओं के संचालन के लिए होगा।
समाधि स्थल के नाम पर नामकरण और पर्यटन स्थल के रूप में विकास
इस नव-निर्मित भव्य प्रवेश द्वार का नामकरण बाबा रामदेव के गुरु बालीनाथजी के समाधि स्थल के नाम पर ही किया जाएगा। समाधि परिसर में आगामी दिनों में 5 फीट ऊंची प्रतिमा का प्राण-प्रतिष्ठा उत्सव आयोजित होना प्रस्तावित है। इसी भव्य धार्मिक समारोह के दौरान इस नवनिर्मित मुख्य द्वार का औपचारिक उद्घाटन भी संपन्न किया जाएगा। लाखों की लागत से आकार ले रहे इस निर्माण का व्यापक उद्देश्य समाधि स्थल पर आने वाले श्रद्धालुओं को उच्च स्तरीय सुविधाएँ मुहैया कराने के साथ-साथ पूरे मसूरिया क्षेत्र को जोधपुर के एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना है।



















