सड़कों पर लावारिस, बीमार और असहाय अवस्था में जीवन बिताने वाले प्रभुजनों की सेवा का संकल्प अब देशभर में तेजी से फैल रहा है। राजस्थान के भरतपुर से शुरू हुई मां माधुरी बृज वारिस सेवा सदन अपना घर की कल्याणकारी यात्रा ने सेवा कार्यों का दायरा बढ़ाते हुए पूर्वी भारत में बड़ा कदम उठाया है। इसी कड़ी में बिहार के चार प्रमुख शहरों में नए आश्रमों का विधिवत संचालन शुरू कर दिया गया है, जिससे बेसहारा और उपेक्षित लोगों को स्थानीय स्तर पर फौरी राहत और छत मिल सकेगी।
बिहार के चार शहरों में छत और चिकित्सा की व्यवस्था
संस्था के नए विस्तार अभियान के अंतर्गत बिहार के पटना, गया, रोहतास और भागलपुर में चार समर्पित आश्रम स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों की स्थापना से अब क्षेत्रीय स्तर पर ही जरूरतमंदों को सुरक्षित आश्रय, पौष्टिक भोजन, बुनियादी स्वास्थ्य जांच, नियमित दवाइयां और मानवीय देखभाल उपलब्ध कराई जाएगी। अपना घर संस्था लंबे समय से ऐसे बीमार और निराश्रित प्रभुजनों को सम्मान देने में जुटी है, जिन्हें उनके परिवार त्याग चुके हैं या समाज की मुख्यधारा से कोई मदद नहीं मिल पाती।
जम्मू और पंजाब में भी जल्द खुलेंगे सेवा केंद्र
आगामी विस्तार योजनाओं को साझा करते हुए अपना घर आश्रम के संस्थापक बी एन भारद्वाज ने स्पष्ट किया कि सेवा कार्यों की पहुंच को देश के उत्तरी हिस्सों में और मजबूत किया जा रहा है। आने वाले महीने में केंद्र शासित प्रदेश जम्मू में संस्था का पहला आश्रम शुरू होगा, जबकि पंजाब में दूसरा केंद्र खोला जाएगा। इन दोनों केंद्रों के चालू होते ही अपना घर का सीधा सेवा नेटवर्क देश के 14 राज्यों तक विस्तृत हो जाएगा। प्रयास यही है कि कोई भी लाचार व्यक्ति खुले आसमान के नीचे बिना इलाज और भोजन के दम न तोड़े।
80 आश्रमों तक पहुंचा मानवीय सेवा का विशाल नेटवर्क
भरतपुर की धरती से प्रज्वलित हुई यह सेवा ज्योति अब पूरे देश में अपनी विशिष्ट पहचान दर्ज करा चुकी है। बिहार में नए आश्रम जुड़ने के साथ ही इस सेवा श्रृंखला में केंद्रों की कुल संख्या बढ़कर 80 तक पहुंच गई है। संगठन का मूल ध्येय समाज के अंतिम पायदान पर खड़े उन बेसहारा लोगों को गरिमापूर्ण जीवन, पारिवारिक अपनत्व, सुरक्षा और समुचित देखभाल सुनिश्चित कराना है जो शारीरिक या मानसिक व्याधियों के चलते असहाय हो गए हैं। इस निरंतर फैलाव को सामाजिक कल्याण और मानवता की दिशा में एक प्रभावी प्रयास माना जा रहा है।


















