राजस्थान के पाली जिले में सोमेसर से पनौता के बीच बनने वाली सड़क प्रशासनिक उदासीनता और ठेकेदार के अड़ंगे के चलते लोगों के लिए मुसीबत बन चुकी है। इस 29 किलोमीटर लंबे मार्ग के निर्माण के लिए 46 करोड़ रुपये का भारी बजट मंजूर किया गया था, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति बेहद खराब है। सड़क पर चारों तरफ बिखरी रोड़ियों, नुकीले पत्थरों और उड़ते धूल के गुबार ने पूरे रास्ते को खतरनाक बना दिया है। राहगीरों और वाहन चालकों के लिए इस मार्ग से गुजरना जोखिम भरा साबित हो रहा है, जहां हर रोज लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं।
टैक्सी चालकों ने बनाई दूरी, आवागमन हुआ मुश्किल
सड़क के अधूरे निर्माण का सीधा असर सार्वजनिक परिवहन और स्थानीय लोगों की आवाजाही पर पड़ा है। सोमेसर रेलवे स्टेशन से टैक्सी चलाने वाले चालक मेहबूब का कहना है कि सड़क पर हर समय धूल उड़ने और नुकीले पत्थरों के बिखरे रहने से वाहनों के कलपुर्जे जल्दी खराब हो जाते हैं। गाड़ियों के टायरों को भारी नुकसान पहुंचता है और मेंटेनेंस का खर्च बढ़ जाता है। इसी वजह से कई टैक्सी चालकों ने सवारियों को इस रूट पर ले जाने से पूरी तरह मना कर दिया है। इससे आसपास के गांवों के उन बाशिंदों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है जो रोजाना आने-जाने के लिए टैक्सियों पर निर्भर हैं।
सड़क हादसों में घायल हो रहे ग्रामीण
मार्ग पर उड़ती धूल और गिट्टी की वजह से दोपहिया और चारपहिया वाहन लगातार अनियंत्रित हो रहे हैं। पीड़ित छोगाराम चौधरी ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि 18 सितंबर को वे अपनी पत्नी के साथ खिंवाड़ा से सेपटावास की ओर जा रहे थे। रास्ते में बिखरी रोड़ियों पर उनकी बाइक फिसल गई। इस दुर्घटना में उनकी पत्नी चोटिल हो गईं, जबकि छोगाराम का हाथ फ्रैक्चर हो गया। छोगाराम का कहना है कि जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों की उपेक्षा की वजह से ग्रामीणों को आए दिन अस्पतालों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
कार का टायर फटा, आंदोलन की चेतावनी
इसी रास्ते से गुजरते वक्त मारवाड़ युवा संघर्ष समिति के अध्यक्ष हुकमसिंह सेपटावास की गाड़ी का टायर अचानक ब्लास्ट हो गया। हुकमसिंह सेपटावास के अनुसार उस समय वाहन की गति धीमी थी, जिससे कोई बड़ा जानलेवा हादसा होने से टल गया। उन्होंने प्रशासनिक रवैये पर कड़ा रोष जताते हुए चेतावनी दी है कि क्षेत्र के लोग अब इन हादसों को मूकदर्शक बनकर नहीं सहेंगे। यदि लोक निर्माण विभाग ने तुरंत सड़क निर्माण कार्य दोबारा शुरू नहीं करवाया, तो समिति ग्रामीणों को एकजुट कर सड़कों पर उतरेगी और व्यापक आंदोलन छेड़ेगी।
बकाया भुगतान और डामर के बढ़े दामों से अटका काम
सड़क निर्माण कार्य अचानक ठप होने के कारणों को लेकर लोक निर्माण विभाग के AEN प्रवीण कुमार ने स्थिति स्पष्ट की है। प्रवीण कुमार के अनुसार निर्माण करने वाले ठेकेदार का कुछ भुगतान बकाया है, और इसके साथ ही बाजार में डामर की कीमतों में काफी बढ़ोतरी हो गई है। ठेकेदार ने इन्हीं वित्तीय दिक्कतों का हवाला देते हुए काम रोक दिया है। विभागीय अधिकारी ने बताया कि बकाया भुगतान जारी करवाने के लिए PWD मुख्यालय को पत्र भेजा जा चुका है। जैसे ही मुख्यालय से बजट उपलब्ध होगा, ठेकेदार से काम दोबारा शुरू करवाया जाएगा।



















