खादी ग्रामोद्योग विभाग की मदद से लगाएं दोना पत्तल यूनिट, कम लागत में होगी रोजाना तगड़ी बचतगुरुग्राम में 1970 में गुजरे बुजुर्ग की जमीन फर्जी नाम से बेची, अदालत के दखल पर दर्ज हुई प्राथमिकीनागालैंड डियर लॉटरी के 25 सितंबर 2026 के नतीजे घोषित, तीनों सत्रों में 1 करोड़ रुपये का पहला इनामकेरल लॉटरी सुवर्ण केरलम SK-71 ड्रॉ: 1 करोड़ रुपये के पहले इनाम के लिए थिरुवनंतपुरम में प्रक्रिया शुरूअमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में उछाल से डॉलर मजबूत, जापानी येन और सोने पर गहराया दबावकच्चे तेल और गैस की बढ़ती कीमतों से वैश्विक बाजारों में हलचल, केंद्रीय बैंकों पर ब्याज दरें बढ़ाने का दबावभिंड के जैतपुरा मोड़ पर खेत में पलटी अनियंत्रित बस, 15 यात्री घायल और तीन ग्वालियर रेफरबिस्तर पर जाने से पहले स्नान करने की आदत मानसिक तनाव कम करने और बेहतर नींद में मददगारटाटा मोटर्स ने 5.29 लाख रुपये में पेश की नई सेडान एरिस, टिगोर की जगह लेगी यह कारमणिपुर में पीपुल्स रिफॉर्मेशन पार्टी का औपचारिक आगाज, 2027 के विधानसभा चुनाव में 40 सीटों पर लड़ेगी
पाली में सोमेसर से पनौता मार्ग पर 46 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी उड़ रही धूल, ठेकेदार ने रोका कामराजस्थान
25 सित॰ 2026, 3:36 pm (21 मिनट पहले)· 0

पाली में सोमेसर से पनौता मार्ग पर 46 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी उड़ रही धूल, ठेकेदार ने रोका काम

पाली जिले में सोमेसर से पनौता के बीच 29 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य ठेकेदार द्वारा रोक दिए जाने से ग्रामीण परेशान हैं। 46 करोड़ रुपये के बजट के बावजूद नुकीले पत्थरों और गड्ढों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।

राजस्थान के पाली जिले में सोमेसर से पनौता के बीच बनने वाली सड़क प्रशासनिक उदासीनता और ठेकेदार के अड़ंगे के चलते लोगों के लिए मुसीबत बन चुकी है। इस 29 किलोमीटर लंबे मार्ग के निर्माण के लिए 46 करोड़ रुपये का भारी बजट मंजूर किया गया था, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति बेहद खराब है। सड़क पर चारों तरफ बिखरी रोड़ियों, नुकीले पत्थरों और उड़ते धूल के गुबार ने पूरे रास्ते को खतरनाक बना दिया है। राहगीरों और वाहन चालकों के लिए इस मार्ग से गुजरना जोखिम भरा साबित हो रहा है, जहां हर रोज लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं।

टैक्सी चालकों ने बनाई दूरी, आवागमन हुआ मुश्किल

सड़क के अधूरे निर्माण का सीधा असर सार्वजनिक परिवहन और स्थानीय लोगों की आवाजाही पर पड़ा है। सोमेसर रेलवे स्टेशन से टैक्सी चलाने वाले चालक मेहबूब का कहना है कि सड़क पर हर समय धूल उड़ने और नुकीले पत्थरों के बिखरे रहने से वाहनों के कलपुर्जे जल्दी खराब हो जाते हैं। गाड़ियों के टायरों को भारी नुकसान पहुंचता है और मेंटेनेंस का खर्च बढ़ जाता है। इसी वजह से कई टैक्सी चालकों ने सवारियों को इस रूट पर ले जाने से पूरी तरह मना कर दिया है। इससे आसपास के गांवों के उन बाशिंदों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है जो रोजाना आने-जाने के लिए टैक्सियों पर निर्भर हैं।

ये भी पढ़ें

सड़क हादसों में घायल हो रहे ग्रामीण

मार्ग पर उड़ती धूल और गिट्टी की वजह से दोपहिया और चारपहिया वाहन लगातार अनियंत्रित हो रहे हैं। पीड़ित छोगाराम चौधरी ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि 18 सितंबर को वे अपनी पत्नी के साथ खिंवाड़ा से सेपटावास की ओर जा रहे थे। रास्ते में बिखरी रोड़ियों पर उनकी बाइक फिसल गई। इस दुर्घटना में उनकी पत्नी चोटिल हो गईं, जबकि छोगाराम का हाथ फ्रैक्चर हो गया। छोगाराम का कहना है कि जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों की उपेक्षा की वजह से ग्रामीणों को आए दिन अस्पतालों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।

कार का टायर फटा, आंदोलन की चेतावनी

इसी रास्ते से गुजरते वक्त मारवाड़ युवा संघर्ष समिति के अध्यक्ष हुकमसिंह सेपटावास की गाड़ी का टायर अचानक ब्लास्ट हो गया। हुकमसिंह सेपटावास के अनुसार उस समय वाहन की गति धीमी थी, जिससे कोई बड़ा जानलेवा हादसा होने से टल गया। उन्होंने प्रशासनिक रवैये पर कड़ा रोष जताते हुए चेतावनी दी है कि क्षेत्र के लोग अब इन हादसों को मूकदर्शक बनकर नहीं सहेंगे। यदि लोक निर्माण विभाग ने तुरंत सड़क निर्माण कार्य दोबारा शुरू नहीं करवाया, तो समिति ग्रामीणों को एकजुट कर सड़कों पर उतरेगी और व्यापक आंदोलन छेड़ेगी।

बकाया भुगतान और डामर के बढ़े दामों से अटका काम

सड़क निर्माण कार्य अचानक ठप होने के कारणों को लेकर लोक निर्माण विभाग के AEN प्रवीण कुमार ने स्थिति स्पष्ट की है। प्रवीण कुमार के अनुसार निर्माण करने वाले ठेकेदार का कुछ भुगतान बकाया है, और इसके साथ ही बाजार में डामर की कीमतों में काफी बढ़ोतरी हो गई है। ठेकेदार ने इन्हीं वित्तीय दिक्कतों का हवाला देते हुए काम रोक दिया है। विभागीय अधिकारी ने बताया कि बकाया भुगतान जारी करवाने के लिए PWD मुख्यालय को पत्र भेजा जा चुका है। जैसे ही मुख्यालय से बजट उपलब्ध होगा, ठेकेदार से काम दोबारा शुरू करवाया जाएगा।

सवाल-जवाब

सोमेसर से पनौता सड़क निर्माण का कुल बजट कितना है?
इस 29 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण के लिए 46 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया था।
ठेकेदार ने सड़क का निर्माण कार्य क्यों बंद किया है?
ठेकेदार ने बकाया भुगतान न मिलने और बाजार में डामर के दाम बढ़ने की वजह से काम रोक रखा है।
टैक्सी चालकों ने इस मार्ग पर जाने से इनकार क्यों किया?
सड़क पर बिखरी नुकीली रोड़ियों और उड़ती धूल के कारण वाहनों के टायरों और पार्ट्स को भारी नुकसान होने से चालकों ने जाने से मना कर दिया।
18 सितंबर को छोगाराम चौधरी के साथ क्या घटना हुई?
खिंवाड़ा से सेपटावास जाते समय सड़क पर बिखरी गिट्टी से उनकी बाइक फिसल गई, जिससे उनकी पत्नी घायल हुईं और उनका हाथ फ्रैक्चर हो गया।
मारवाड़ युवा संघर्ष समिति ने क्या चेतावनी दी है?
समिति के अध्यक्ष हुकमसिंह सेपटावास ने कहा कि यदि निर्माण कार्य जल्द शुरू नहीं हुआ, तो ग्रामीण सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेंगे।
लोक निर्माण विभाग ने काम दोबारा शुरू कराने को लेकर क्या कदम उठाया है?
विभाग के AEN प्रवीण कुमार के अनुसार ठेकेदार के बकाया भुगतान के लिए PWD मुख्यालय को पत्र भेजा गया है, बजट मिलते ही काम शुरू कराया जाएगा।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp