राजस्थान के स्थानीय स्वशासन ढांचे में शीर्ष पदों के फैसले के बाद अब दूसरे सबसे महत्वपूर्ण पदों को भरने की कवायद अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। राज्य के 10 नगर निगमों सहित कुल 309 नगरीय निकायों में उप महापौर, उपसभापति और नगर पालिका उपाध्यक्ष पदों के लिए मंगलवार को चुनाव प्रक्रिया संचालित की जा रही है। प्रमुख राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस ने अपने-अपने पार्षदों को एकजुट रखने के लिए सोमवार देर रात तक रणनीति बैठकों का दौर जारी रखा। मेयर और अध्यक्ष पदों के चुनाव संपन्न होने के तुरंत बाद निर्वाचित पार्षदों को सुरक्षित बाड़ेबंदी और खेमों में ठहराया गया था, जिन्हें अब सीधे मतदान केंद्रों पर लाया जा रहा है।
अलवर नगर निगम में डिप्टी मेयर की कुर्सी पर नजर
अलवर नगर निगम में उप महापौर पद के चुनाव को लेकर सुबह से ही भारी गहमागहमी देखने को मिल रही है। भारतीय जनता पार्टी यहां अपना महापौर बनाने में पहले ही सफल रही है, फिर भी उप महापौर के चुनाव में संगठन किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों के नेता सोमवार देर रात तक पार्षदों के साथ विचार-विमर्श में जुटे रहे। तय रणनीति के अनुसार, दोनों दलों के पार्षद गाड़ियों के काफिले के जरिए सीधे नगर निगम मुख्यालय पहुंचेंगे और अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। चयन प्रक्रिया में वरिष्ठ नेताओं के अनुभव और नए युवा चेहरों के बीच संतुलन साधने की कोशिश की जा रही है। नगर निगम परिसर और उसके आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
उदयपुर नगर निगम में नामांकन के साथ हलचल तेज
उदयपुर नगर निगम में भी डिप्टी मेयर पद के लिए निर्वाचन की आधिकारिक कवायद सुबह 10 बजे से प्रारंभ हो गई है। नामांकन प्रक्रिया की शुरुआत के साथ ही दावेदारों की गतिविधियों में तेजी आई है। भाजपा खेमे में प्रत्याशी के नाम को अंतिम रूप देने के लिए सोमवार देर रात तक गहन मंथन चला। संगठन की बैठकों में दिनेश भट्ट का नाम इस पद की दौड़ में सबसे आगे और प्रमुखता से चर्चा में रहा, हालांकि पार्टी स्तर से इसकी आधिकारिक घोषणा होना बाकी है। नाम तय होते ही नामांकन पत्र दाखिल कराया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर आगे मतदान कराया जाएगा।
करौली जिले की पांच निकायों में उपसभापति और उपाध्यक्ष का चयन
करौली जिले के अंतर्गत आने वाली पांच प्रमुख नगरीय निकायों में उपसभापति और उपाध्यक्ष पदों के लिए लोकतांत्रिक प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है। जिले की करौली नगर परिषद में उपसभापति पद के लिए मतदान होना है, जबकि टोडाभीम, सपोटरा, मंडरायल और सूरौठ नगर पालिकाओं में उपाध्यक्ष पद के लिए चुनावी मैदान सजा है। तय नियमों के तहत पहले सभी इच्छुक प्रत्याशी अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। यदि एक से अधिक उम्मीदवार मैदान में डटे रहते हैं, तो निर्वाचित पार्षद अपने मत का प्रयोग करेंगे और उसके बाद तत्काल मतगणना कर विजेताओं की घोषणा की जाएगी।
चित्तौड़गढ़ की सात निकायों में बोर्ड गठन का अंतिम चरण
चित्तौड़गढ़ जिले की कुल सात नगरीय निकायों में उपसभापति पद के लिए पार्षद मतदान करेंगे। इनमें चित्तौड़गढ़ नगर परिषद और निम्बाहेड़ा नगर परिषद के अतिरिक्त बड़ीसादड़ी, आकोला, बेगूं, कपासन और रावतभाटा नगर पालिकाएं शामिल हैं। हाल ही में संपन्न हुए अध्यक्ष पद के चुनावों में इन सात निकायों में से पांच पर भाजपा और दो पर कांग्रेस अपना बोर्ड गठित करने में सफल रही है। अब उपसभापति पद पर अपने-अपने समर्थकों को जिताने के लिए दोनों ही दलों के रणनीतिकार जुटे हुए हैं। मतदान की आवश्यकता पड़ने पर वोटिंग कराई जाएगी और उसके तुरंत बाद परिणाम सामने आ जाएंगे, जिससे निकायों के पूर्ण बोर्ड गठन का मार्ग प्रशस्त होगा।
डूंगरपुर और सागवाड़ा में चुनावी कार्यक्रम तय
डूंगरपुर जिले में डूंगरपुर नगर परिषद के उपसभापति और सागवाड़ा नगर पालिका के उपाध्यक्ष पद के लिए विस्तृत चुनाव कार्यक्रम जारी किया गया है। निर्धारित समय सारिणी के अनुसार, सुबह 10 बजे नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हुई। इसके बाद दोपहर 2.30 बजे से शाम 5 बजे तक पार्षदों के मतदान का समय तय किया गया है। मतदान प्रक्रिया संपन्न होते ही मतगणना शुरू की जाएगी और अधिकृत नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे। हालांकि दोनों निकायों में भाजपा और कांग्रेस ने सीधे तौर पर प्रत्याशियों के नाम पहले सार्वजनिक नहीं किए, लेकिन स्पष्ट संख्याबल के आधार पर दोनों स्थानों पर भाजपा के पक्ष में परिणाम जाने की मजबूत संभावना व्यक्त की जा रही है।
जैसलमेर और पोकरण में सुरक्षा के बीच मतदान
सीमावर्ती जैसलमेर जिले की दो प्रमुख निकायों में भी दूसरे सर्वोच्च पद के लिए निर्वाचन प्रक्रिया संचालित हो रही है। जैसलमेर नगर परिषद में उपसभापति पद के लिए और पोकरण नगर पालिका में उपाध्यक्ष पद के लिए मतदान का आयोजन किया गया है। स्थानीय प्रशासन ने चुनावी प्रक्रिया को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कराने के लिए पुख्ता प्रबंध किए हैं। मतदान केंद्रों पर सुरक्षा बलों की तैनाती सुनिश्चित की गई है ताकि पार्षद निर्बाध रूप से अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकें। मतदान के तुरंत बाद वोटों की गिनती होगी और परिणामों की औपचारिक घोषणा की जाएगी।





















