राजस्थान के रास्ते दौड़ेंगी 3 नई रेल गाड़ियां, तीर्थ यात्रियों और व्यापारियों को मिलेगा सीधा लाभमध्य एशिया में भारत का बड़ा रक्षा सौदा, ताजिकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान खरीदेंगे स्वदेशी आकाश मिसाइल प्रणालीमेवाड़ की गवरी में धधकती बातियों के बीच अग्नि परीक्षा, 40 दिनों की साधना के बाद होता है अनूठा समापन अनुष्ठानझारखंड में मानसून की रवानगी के बीच 13 जिलों में आंधी और आकाशीय बिजली का सायाजेडी वेंस ने युद्ध खत्म करने के लिए ईरान के सामने रखी यूरेनियम संवर्धन घटाने की शर्त, कच्चे तेल और वैश्विक बाजारों पर दिखा असरराजस्थान में खाद संकट पर नरेश मीणा का अनशन पांचवें दिन टोंक पहुंचा, महिलाओं ने की खाना खाने की भावुक गुहारसेपोलिया टेस्टनेट पर शुरू हुआ एथेरियम का ग्लैमस्टर्डम अपग्रेड, 200 मिलियन तक बढ़ाई गई गैस लिमिटचुनाव आयोग मार्च के दौरान राहुल गांधी को हिरासत में लेने पर बर्लिन से बोले शशि थरूर, सरकार के रवैये को बताया शर्मनाकअमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट और कच्चे तेल के नरम पड़ने से सोने में उछाल, $4,165 के करीब पहुंचा भावकर्ज की ईएमआई से लेकर टैक्स रिफंड तक, लगातार दो दिन होंगे आम जनता की जेब से जुड़े फैसले
राजस्थान में खाद संकट पर नरेश मीणा का अनशन पांचवें दिन टोंक पहुंचा, महिलाओं ने की खाना खाने की भावुक गुहारराजस्थान
7 अक्तू॰ 2026, 6:35 am (26 मिनट पहले)· 0

राजस्थान में खाद संकट पर नरेश मीणा का अनशन पांचवें दिन टोंक पहुंचा, महिलाओं ने की खाना खाने की भावुक गुहार

किसानों की खाद समस्या को लेकर बारां से जयपुर कूच कर रहे नरेश मीणा के अनशन के पांचवें दिन टोंक में भारी जनसमर्थन मिला, जहां महिलाओं ने उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताते हुए अन्न ग्रहण करने की अपील की।

राजस्थान में किसानों की समस्याओं और खाद की कमी को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब तेज होता जा रहा है। बारां से राजधानी जयपुर के लिए पैदल कूच पर निकले किसान नेता नरेश मीणा के आमरण अनशन का पांचवां दिन टोंक में बीता। पांच दिनों से बिना अन्न-जल के पदयात्रा कर रहे नरेश मीणा जैसे ही टोंक पहुंचे, बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और किसान उनके समर्थन में उमड़ पड़े। इस दौरान जुटी भीड़ में ग्रामीण महिलाओं की मौजूदगी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही, जिन्होंने किसान नेता की बिगड़ती शारीरिक स्थिति को देखकर बेहद भावुक अपील की।

टोंक में महिलाओं की भावुक अपील और एकजुटता

टोंक पड़ाव के दौरान माहौल उस समय बेहद भावुक हो गया जब स्थानीय महिलाओं ने नरेश मीणा से मिलकर अनशन समाप्त करने की गुहार लगाई। महिलाओं ने कहा कि भले ही खाद न मिले, लेकिन आप खाना खा लीजिए। ग्रामीण महिलाओं ने उनके साथ गहरा भावनात्मक जुड़ाव दिखाते हुए यह भी स्पष्ट कर दिया कि यदि वे भोजन नहीं करेंगे, तो गांव की महिलाएं भी अन्न ग्रहण नहीं करेंगी। मौके पर मौजूद प्रदर्शनकारी और समर्थक इस दृश्य को देखकर भावुक हो गए। महिलाओं का यह रुख दिखाता है कि खाद की अनुपलब्धता का संकट भले ही खेतों में गहरा हो, लेकिन उनके लिए इस हक की लड़ाई लड़ रहे नेता की जान सबसे ज्यादा कीमती है।

ये भी पढ़ें

बारां से जयपुर कूच और शहीद स्मारक पर बड़े प्रदर्शन की तैयारी

नरेश मीणा ने राज्य में किसानों को समय पर खाद की आपूर्ति सुनिश्चित कराने और खेती से जुड़ी अन्य समस्याओं को लेकर यह आंदोलन छेड़ा है। सरकार का ध्यान इन जमीनी दिक्कतों की ओर खींचने के लिए उन्होंने बारां से जयपुर तक की लंबी पदयात्रा शुरू की है। टोंक में कुछ समय रुकने के बाद उनका कारवां अब राजधानी जयपुर के शहीद स्मारक की ओर आगे बढ़ रहा है। किसान नेता ने घोषणा की है कि वे जयपुर स्थित शहीद स्मारक पहुंचकर राज्यव्यापी स्तर पर बड़ा प्रदर्शन करेंगे। लगातार पांच दिनों की भूख-प्यास के बावजूद जारी यह पदयात्रा अब ग्रामीण इलाकों में किसानों के बीच व्यापक समर्थन जुटा रही है।

तीसरे मोर्चे के नेताओं का मिला खुला साथ

इस आंदोलन को व्यापक राजनीतिक और सामाजिक दबाव में बदलने के लिए नरेश मीणा ने राजस्थान के तीसरे मोर्चे से जुड़े तमाम सियासी दलों और नेताओं से एक मंच पर आने का आह्वान किया है। उनका कहना है कि किसानों के हक में सभी गैर-सत्तारूढ़ ताकतों को मतभेद भुलाकर एकजुट होना चाहिए। उनकी इस मांग को विपक्षी खेमे से मजबूत समर्थन भी मिला है। सांसद हनुमान बेनीवाल और पूर्व मंत्री या विधायक का कोई पद जोड़े बिना राजेंद्र गुढ़ा सहित कई प्रमुख नेताओं ने खुले तौर पर आंदोलन को अपना समर्थन देने की घोषणा की है। इन प्रमुख नेताओं के साथ आने से आंदोलन को नई ताकत मिली है और अब प्रशासन की नजरें जयपुर में प्रस्तावित प्रदर्शन पर टिकी हैं।

सवाल-जवाब

नरेश मीणा किस मांग को लेकर आमरण अनशन कर रहे हैं?
नरेश मीणा किसानों को पर्याप्त खाद की उपलब्धता और खेती से जुड़ी अन्य मुख्य समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर अनशन कर रहे हैं।
नरेश मीणा का यह पैदल मार्च कहां से कहां तक जा रहा है?
यह मार्च राजस्थान के बारां जिले से शुरू होकर राज्य की राजधानी जयपुर के शहीद स्मारक तक जा रहा है।
टोंक में महिलाओं ने नरेश मीणा से क्या गुहार लगाई?
महिलाओं ने उनके स्वास्थ्य पर चिंता जताते हुए कहा कि खाद न मिले सही लेकिन वे खाना खा लें, और चेतावनी दी कि वे नहीं खाएंगे तो महिलाएं भी भूखी रहेंगी।
अनशन का यह कौन सा दिन था जब वे टोंक पहुंचे?
नरेश मीणा के आमरण अनशन और जयपुर कूच का यह पांचवां दिन था।
राजस्थान के किन प्रमुख नेताओं ने इस आंदोलन को समर्थन दिया है?
सांसद हनुमान बेनीवाल और राजेंद्र गुढ़ा सहित राज्य के कई प्रमुख तीसरे मोर्चे के नेताओं ने इस आंदोलन का खुला समर्थन किया है।
जयपुर में नरेश मीणा का अगला कदम क्या होगा?
वे जयपुर स्थित शहीद स्मारक पहुंचकर किसानों की मांगों को लेकर एक बड़ा राज्यस्तरीय आंदोलन और प्रदर्शन करेंगे।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·1 मिनट पहले

जब चुनाव कवर करते हुए गांवों में जाते हैं, तो किसानों का ऐसा दर्द अंदर तक झकझोर देता है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·अभी

रोहन भाई, सही कहा आपने। टोंक में महिलाओं का यूं रोना और खाने की जिद करना दिल को झकझोर देता है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp