राजस्थान के सीमावर्ती जिले बाड़मेर स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में कनिष्ठ विद्यार्थियों के साथ दुर्व्यवहार और उत्पीड़न की शिकायत पर संस्थान ने बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है। कनिष्ठ छात्रों ने आरोप लगाया था कि वरिष्ठ विद्यार्थी उन्हें आपत्तिजनक और अश्लील सामग्री भेजते थे, उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते थे और उन्हें गंभीर मानसिक प्रताड़ना से गुजरना पड़ रहा था। इस पूरे घटनाक्रम की लिखित शिकायत मिलने के बाद मेडिकल कॉलेज का प्रशासनिक अमला सक्रिय हुआ और संस्थान की एंटी-रैगिंग कमेटी को जांच सौंपी गई। समिति की विस्तृत जांच रिपोर्ट और उसकी सिफारिशों को तुरंत स्वीकार करते हुए कॉलेज प्रबंधन ने अनुशासनहीनता के इस प्रकरण में एक साथ 80 विद्यार्थियों पर दंडात्मक कदम उठाया है।
हॉस्टल से बेदखली और परिसर में मची खलबली
जांच समिति के निष्कर्षों के आधार पर प्रशासन ने उत्पीड़न में सबसे आगे रहे विद्यार्थियों पर कड़े कदम उठाए हैं। गंभीर कदाचार के दोषी पाए गए 13 वरिष्ठ छात्रों को हमेशा के लिए हॉस्टल से निष्कासित कर दिया गया है, यानी वे अब कभी भी कॉलेज के छात्रावास में नहीं रह सकेंगे। इसके अतिरिक्त 11 अन्य विद्यार्थियों को 30 दिनों की अवधि के लिए छात्रावास से बाहर निकाल दिया गया है। एक साथ इतने बड़े पैमाने पर हुई इस दंडात्मक कार्रवाई के बाद मेडिकल कॉलेज परिसर और हॉस्टल में पढ़ने वाले अन्य विद्यार्थियों के बीच हड़कंप की स्थिति पैदा हो गई है।
क्लास और शैक्षणिक गतिविधियों से निलंबन
प्रशासन ने छात्रावास से निष्कासन के अलावा छात्रों के भविष्य और पढ़ाई से जुड़ी सीधी पाबंदियां भी लगाई हैं। छह विद्यार्थियों को साठ दिनों के लिए पूर्ण शैक्षणिक निलंबन पर भेज दिया गया है, जिससे वे दो महीने तक किसी भी औपचारिक शैक्षणिक प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बन पाएंगे। वहीं सात अन्य छात्रों को तीस दिनों के लिए कक्षाओं में बैठने से निलंबित कर दिया गया है। इन सीधे दंडों के अलावा प्रशासन ने 34 अन्य विद्यार्थियों को अंतिम और कड़ी चेतावनी जारी की है कि यदि वे भविष्य में परिसर या बाहर किसी भी रूप में रैगिंग की घटना में शामिल पाए गए तो उन्हें सीधे कॉलेज से निष्कासित कर दिया जाएगा।
कनिष्ठ बैच पर असर और आयोजनों पर साल भर का प्रतिबंध
अनुशासनहीनता की इस जांच का दायरा केवल वरिष्ठ विद्यार्थियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि 2026 बैच के 5 कनिष्ठ विद्यार्थियों को भी नियमों का कड़ाई से पालन करने की स्पष्ट चेतावनी दी गई है। इसके साथ ही दंडात्मक कार्रवाई के दायरे में आए सभी दोषी विद्यार्थियों पर अतिरिक्त पाबंदियां लगाई गई हैं। इन सभी छात्रों को अगले एक वर्ष तक कॉलेज में आयोजित होने वाली किसी भी खेल प्रतियोगिता या खेल गतिविधि में हिस्सा लेने से पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। इतना ही नहीं, अगले पूरे एक साल की अवधि तक ये छात्र मेडिकल कॉलेज के किसी भी सांस्कृतिक कार्यक्रम या उत्सव में भी शामिल नहीं हो सकेंगे।


















