दिवाली के पर्व पर घरों में मिठाइयों और दुग्ध उत्पादों की मांग काफी तेजी से बढ़ती है। लोग परिजनों, रिश्तेदारों और मेहमानों के लिए बाजार से मावा, पनीर तथा विभिन्न प्रकार की मिठाइयां खरीदते हैं। खरीदार पूरी कीमत देकर यह मानकर चलते हैं कि उन्हें शुद्ध और सुरक्षित उत्पाद मिल रहे हैं। हालांकि राजस्थान के टोंक और धौलपुर जिलों में सामने आई हालिया प्रशासनिक कार्रवाई ने उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। मिलावटखोरों द्वारा त्योहार की भारी मांग का अनुचित लाभ उठाने और मुनाफे के चक्कर में लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने की कोशिशें उजागर हुई हैं।
टोंक के मुख्य बाजार में 200 किलो नकली मावा जब्त
टोंक शहर के घंटाघर स्थित मुख्य बाजार में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावट के विरुद्ध एक त्वरित कार्रवाई की। जानकारी के अनुसार अजमेर से करीब 200 किलो नकली मावा लाकर यहां की दो दुकानों पर सप्लाई किया जा रहा था। जब यह खेप उतारी जा रही थी, उसी समय विभाग की टीम ने औचक छापा मार दिया। यह पूरी कार्रवाई राज्य भर में चलाए जा रहे 'शुद्ध आहार, मिलावट पर वार' अभियान के तहत अंजाम दी गई। मौके पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी सत्यनारायण गुर्जर अपनी टीम के साथ पहुंचे और पूरी खेप को नियंत्रण में ले लिया। अधिकारियों ने जब्त किए गए मावे के नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला में जांच के लिए भिजवाए हैं ताकि इसकी गुणवत्ता और इसमें मिलाए गए तत्वों की पुष्टि हो सके।
धौलपुर के औद्योगिक क्षेत्र में 50 पीपे संदिग्ध घी सीज
धौलपुर जिले में भी खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़े पैमाने पर मिलावट के खिलाफ कदम उठाया है। जिले के रीको औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एसएस फूड प्रोडक्ट्स नामक इकाई पर छापा मारकर 750 किलो संदिग्ध घी बरामद किया गया। अधिकारियों ने यहां से घी के कुल 50 पीपे सीज किए हैं। त्योहारी मौसम में खाद्य सामग्री के मानकों की पड़ताल के तहत यह कार्रवाई की गई। टीम ने पूरे माल को अपने कब्जे में लेकर नियमानुसार सैंपल लिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन नमूनों को अधिकृत प्रयोगशाला में रासायनिक परीक्षण के लिए भेजा जा रहा है, और प्रयोगशाला की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही इसकी असल गुणवत्ता स्पष्ट होगी।
राजाखेड़ा में वाहन से स्किम्ड मिल्क पाउडर और रिफाइंड ऑयल बरामद
धौलपुर जिले के राजाखेड़ा क्षेत्र अंतर्गत देवखेड़ा गांव के समीप विभाग की टीम ने एक और महत्वपूर्ण धरपकड़ की। मार्ग पर वाहनों की नियमित सघन जांच की जा रही थी, तभी एक संदिग्ध वाहन को रोका गया। तलाशी लेने पर वाहन के भीतर से 350 किलो स्किम्ड मिल्क पाउडर पाया गया। इसके अतिरिक्त उसी वाहन में रखा 105 किलो रिफाइंड तेल भी पकड़ा गया, जिसे 7 पीपों में भरकर ले जाया जा रहा था। खाद्य सुरक्षा विभाग ने इन सभी 7 पीपों को तुरंत सीज कर दिया। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के कानूनी प्रावधानों के तहत की गई है। पकड़े गए सभी खाद्य पदार्थों के विधिक नमूने लेकर जांच के लिए लैब भेजे जा रहे हैं।
त्योहारी मांग के बीच सतर्कता की आवश्यकता
दिवाली के अवसर पर पूजा-अर्चना, खान-पान और उपहार देने के लिए मिठाइयों की खपत अचानक कई गुना बढ़ जाती है। अधिकांश सामान्य उपभोक्ता पैकेट या डिब्बे की आंतरिक जांच करने की स्थिति में नहीं होते और पूरी तरह दुकानदार के भरोसे पर निर्भर रहते हैं। टोंक और धौलपुर में समय रहते की गई इन कार्रवाइयों से नकली मावा, अमानक घी और तेल की बड़ी मात्रा को बाजार में खपने तथा आम जनता की थाली तक पहुंचने से रोक दिया गया है। विभाग की ओर से संदिग्ध खाद्य पदार्थों की धरपकड़ के लिए निगरानी लगातार जारी रखी जा रही है।
























