जयपुर में दीपावली के पावन पर्व को ध्यान में रखते हुए राजस्थान का चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। त्योहार के इन दिनों में आतिशबाजी के दौरान आग से जलने, आंखों में चोट लगने और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका काफी बढ़ जाती है, जिसे देखते हुए स्वास्थ्य अधिकारियों ने सभी प्रमुख अस्पतालों में विशेष प्रबंध करने के आदेश जारी किए हैं। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी आपात स्थिति में पीड़ित मरीज को बिना किसी विलंब के उच्च गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सके।
उत्सव के दौरान लोग अक्सर उत्साह में सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर बैठते हैं, जिससे पटाखे फोड़ते समय झुलसने या आंखों को गंभीर नुकसान पहुंचने जैसी दुर्घटनाएं सामने आती हैं। इसके अतिरिक्त, बाजारों और सड़कों पर खरीदारी के लिए उमड़ने वाली भारी भीड़ के कारण यातायात का दबाव बढ़ जाता है, जिससे सड़क हादसों का खतरा भी काफी हद तक बढ़ जाता है। इन तमाम परिस्थितियों के मद्देनजर चिकित्सा विभाग ने अस्पताल प्रशासन को अपनी सभी जरूरी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखने के सख्त निर्देश दिए हैं, ताकि बर्न यूनिट और ट्रॉमा सेंटर किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए हर वक्त तैयार रहें।
चौबीस घंटे मुस्तैद रहेंगे चिकित्सक और नर्सिंग कर्मी
आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को चौबीस घंटे क्रियाशील रखने पर विशेष बल दिया गया है, जिसके तहत अस्पतालों में डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य चिकित्सा कर्मियों की राउंड-द-क्लॉक उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है। आपातकालीन ड्यूटी पर तैनात रहने वाले अमले को पूरी तरह मुस्तैद रहने को कहा गया है ताकि रात्रि के समय भी इलाज के लिए आने वाले मरीजों को एक पल का भी इंतजार न करना पड़े। इसके साथ ही, जीवन रक्षक दवाइयों, सर्जिकल उपकरणों और अन्य आवश्यक चिकित्सा संसाधनों का पर्याप्त स्टॉक हर समय उपलब्ध रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
आतिशबाजी और सड़क हादसों पर विशेष नजर
त्योहार के इस उल्लासपूर्ण माहौल में लापरवाही के चलते हाथ-पैर जलने, चेहरे पर जख्म होने और नेत्र ज्योति को आघात पहुंचने की घटनाएं अक्सर चिंता का विषय बनती हैं। इसे ध्यान में रखते हुए अस्पतालों के आपातकालीन कक्षों को तुरंत प्रभाव से इलाज शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं दूसरी ओर, सड़क परिवहन दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल होने वाले लोगों को भी त्वरित राहत पहुंचाने के लिए एम्बुलेंस और ट्रॉमा सेवाओं को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सरकार और स्वास्थ्य विभाग की यह पूरी पहल इस बात को सुनिश्चित करने के लिए है कि हर नागरिक का त्योहार सुरक्षित बीते और किसी भी चिकित्सीय आपातकाल में उसे तत्काल सहायता प्राप्त हो सके।


















