राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायती राज चुनाव 2026 को लेकर सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं। चुनाव की औपचारिक समय-सारणी सामने आते ही प्रमुख राजनीतिक दलों ने जमीनी स्तर पर अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। इसी क्रम में भारतीय जनता पार्टी ने चुनावी मोर्चे पर बढ़त बनाने के उद्देश्य से प्रदेश के 42 जिलों में जिला चुनाव प्रभारियों की तैनाती कर दी है। संगठन की ओर से यह महत्वपूर्ण संगठनात्मक कदम पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के निर्देश पर उठाया गया है, ताकि मतदान से पहले जिला स्तर पर व्यवस्था को पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त किया जा सके।
ग्रामीण इलाकों में संगठन को सक्रिय करने की रणनीति
पंचायती राज की संरचना सीधे गांवों, ग्राम पंचायतों और ढाणियों से जुड़ी होती है, इसलिए जिले स्तर की संगठनात्मक इकाइयों का समन्वय इस पूरी प्रक्रिया में निर्णायक माना जाता है। नवनियुक्त सभी प्रभारी अपने संबंधित जिलों में पहुंचकर स्थानीय कार्यकर्ताओं और पार्टी पदाधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करेंगे। इनका मुख्य दायित्व पार्टी की चुनावी गतिविधियों को गति देना, बूथ स्तर तक तैयारियों की निगरानी करना और गांव-गांव में भाजपा की रणनीति को मजबूती से लागू करना होगा।
अनुभवी नेताओं और वरिष्ठ चेहरों को सौंपी गई कमान
जिलेवार जिम्मेदारियों के आवंटन में पार्टी ने विभिन्न मोर्चों, प्रकोष्ठों और स्थानीय निकायों में कार्य कर चुके अनुभवी चेहरों को तरजीह दी है। इन प्रभारियों की सूची में फतेहपुर नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष, सूरतगढ़ के पूर्व विधायक व पूर्व जिलाध्यक्ष, और डूंगरपुर नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष शामिल हैं। इसके अलावा जयपुर नगर निगम के पूर्व उप महापौर, किसान मोर्चा के पूर्व प्रदेश मंत्री, महिला मोर्चा की पूर्व प्रदेशाध्यक्ष तथा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष को भी अहम जिलों की कमान सौंपी गई है। साथ ही श्रीविश्वकर्मा विकास बोर्ड के अध्यक्ष, श्रीयादे माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष, उदयपुर शहर के पूर्व जिला महामंत्री, और पूर्व प्रदेश महामंत्री व पूर्व विधायक जैसे वरिष्ठ नेताओं को भी चुनावी समन्वय का दायित्व दिया गया है।


















