डिजिटल फाइनेंशियल प्लेटफॉर्म मनीव्यू के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) को निवेशकों की तरफ से शानदार प्रतिक्रिया मिली है। अपनी बोली के अंतिम दिन यह IPO पूरी तरह से ओवरसब्सक्राइब हो चुका है। जब से 24 सितंबर को इस सार्वजनिक निर्गम को सब्सक्रिप्शन के लिए खोला गया था, तब से इस इश्यू ने बाजार के अलग-अलग वर्गों के निवेशकों के बीच जबरदस्त उत्साह पैदा किया है। संस्थागत, गैर-संस्थागत और रिटेल यानी खुदरा निवेशकों ने इस पेशकश में जमकर बोलियां लगाई हैं। यह डिजिटल लेंडिंग सेक्टर में सक्रिय कंपनी के बिजनेस मॉडल और विकास की संभावनाओं के प्रति बाजार के सकारात्मक नजरिए को दर्शाता है।
सब्सक्रिप्शन के आंकड़े और निवेशकों की प्रतिक्रिया
निवेशकों ने इस सार्वजनिक निर्गम में असाधारण रुचि दिखाई है। बोली लगाने की पूरी अवधि के दौरान बाजार में कुल मिलाकर लगभग 2.81 बिलियन शेयरों के लिए आवेदन प्राप्त हुए हैं। यह आंकड़ा सार्वजनिक सब्सक्रिप्शन के लिए उपलब्ध कराए गए मात्र 224.76 मिलियन शेयरों की तुलना में बेहद बड़ा है। मांग और आपूर्ति के इस भारी अंतर के चलते यह IPO कुल मिलाकर 12 गुना से भी अधिक ओवरसब्सक्राइब हुआ है। खुदरा निवेशकों के वर्ग में विशेष रूप से भारी उत्साह देखा गया और इस सेगमेंट में कुल 21.25 लाख आवेदन दर्ज किए गए। आवेदनों की इतनी बड़ी संख्या दर्शाती है कि कंपनी के शेयर बाजार में डेब्यू को लेकर छोटे निवेशकों में व्यापक रुचि है।
ग्रे मार्केट प्रीमियम और लिस्टिंग के अनुमान
प्राइमरी मार्केट में दिख रहे इस भारी उत्साह का सीधा असर अनलिस्टेड यानी गैर-सूचीबद्ध बाजार पर भी पड़ा है। वहां भी कंपनी के शेयरों को लेकर काफी सकारात्मक माहौल बना हुआ है। ग्रे मार्केट की गतिविधियों पर नजर रखने वाले आंकड़ों के अनुसार, इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के शेयर भारी प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं। 28 सितंबर की सुबह तक ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) मजबूत स्थिति में रहते हुए 14 रुपये प्रति शेयर पर बना हुआ था। इस IPO का अपर प्राइस बैंड यानी ऊपरी मूल्य दायरा 34 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। इसे देखते हुए मौजूदा GMP संकेत दे रहा है कि शेयरों की लिस्टिंग लगभग 48 रुपये प्रति शेयर पर हो सकती है। यदि लिस्टिंग के दिन तक बाजार की परिस्थितियां ऐसी ही बनी रहती हैं, तो सफल आवेदकों को लगभग 41.18 प्रतिशत का शानदार लिस्टिंग गेन (मुनाफा) मिल सकता है।
IPO की संरचना और लॉट का विवरण
मनीव्यू IPO का कुल आकार 1,091.68 करोड़ रुपये है। इस पूरे इश्यू को दो हिस्सों में बांटा गया है, जिसमें फ्रेश इश्यू (नए शेयर जारी करना) और ऑफर फॉर सेल (OFS) दोनों शामिल हैं। फ्रेश इश्यू के तहत 22.06 करोड़ शेयर जारी किए जा रहे हैं, जिसका कुल मूल्य 750.00 करोड़ रुपये है। इस नए इश्यू से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल कंपनी अपने भविष्य के विकास और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए करेगी। इसके विपरीत, ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए मौजूदा शेयरधारकों द्वारा 10.05 करोड़ शेयर बेचे जा रहे हैं, जिसका मूल्य 341.68 करोड़ रुपये है। OFS के माध्यम से शुरुआती निवेशक और प्रमोटर अपनी हिस्सेदारी कम कर रहे हैं और इस हिस्से से मिलने वाली पूरी रकम सीधे तौर पर शेयर बेचने वाले धारकों के पास जाएगी, न कि कंपनी के खाते में।
प्राइस बैंड और न्यूनतम निवेश की सीमा
इस पब्लिक इश्यू के लिए मूल्य दायरा यानी प्राइस बैंड 32 रुपये से 34 रुपये प्रति शेयर निर्धारित किया गया था। इस पेशकश में भाग लेने के लिए खुदरा निवेशकों को कम से कम एक लॉट के लिए आवेदन करना आवश्यक था। एक लॉट का आकार 441 शेयरों का तय किया गया है। ऊपरी मूल्य सीमा यानी 34 रुपये प्रति शेयर के आधार पर गणना करें, तो एक लॉट के लिए बोली लगाने के लिए निवेशक को न्यूनतम 14,994 रुपये की राशि का निवेश करना जरूरी है। छोटे निवेशकों के हितों की रक्षा और व्यापक भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए खुदरा बोलियों की अधिकतम सीमा नियामक मानदंडों के अनुसार तय की गई है।
अलॉटमेंट और लिस्टिंग की महत्वपूर्ण तारीखें
बोली लगाने की खिड़की आज अंतिम दिन बंद होने जा रही है और अब निवेशकों की नजरें शेयर अलॉटमेंट की प्रक्रिया पर टिकी हैं। शेयरों के अलॉटमेंट की प्रक्रिया 29 सितंबर को पूरी की जाएगी। इसके बाद सफल आवेदकों के डीमैट खातों में शेयर ट्रांसफर कर दिए जाएंगे। मनीव्यू के शेयरों की लिस्टिंग आगामी 1 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार में होने वाली है। यह शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) दोनों प्रमुख एक्सचेंजों पर लिस्ट होकर ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हो जाएगा।
ब्रोकरेज की राय और वैल्यूएशन के आंकड़े
इस IPO का घरेलू ब्रोकरेज फर्मों ने गहराई से विश्लेषण किया है। विभिन्न ब्रोकरेज हाउस द्वारा की गई 12 समीक्षाओं में से 10 ने इस निर्गम के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाया है और निवेशकों को "अप्लाई" यानी आवेदन करने की सलाह दी है। प्रमुख ब्रोकरेज फर्म आनंद राठी ने अपनी रिपोर्ट में कंपनी के भविष्य को लेकर मजबूत भरोसा जताया है। उनके विश्लेषण के अनुसार, देश के मिडिल इंडिया यानी मध्यम आय वर्ग वाले भारतीय उपभोक्ताओं के बीच डिजिटल लोन की बढ़ती स्वीकार्यता और वित्तीय सेवाओं की बढ़ती पहुंच का सीधा फायदा उठाने के लिए कंपनी बेहद मजबूत स्थिति में है। वैल्यूएशन के मोर्चे पर आनंद राठी ने बताया कि 34 रुपये के ऊपरी मूल्य बैंड पर कंपनी का वैल्यूएशन वित्तीय पैमानों पर सटीक बैठता है। कंपनी का मूल्यांकन वित्त वर्ष 2026 के अनुमानित प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) मल्टीपल के 24.7 गुना पर है। इसी तरह यह वित्त वर्ष 2026 के प्राइस-टू-सेल्स (P/S) के 1.79 गुना, प्राइस-टू-बुक (P/B) के 2.33 गुना और EV/EBITDA के 2.9 गुना पर कारोबार कर रहा है। इन गणनाओं के आधार पर इस इश्यू के बाद कंपनी का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन (बाजार पूंजीकरण) लगभग 59,848 मिलियन रुपये (यानी करीब 5,984.8 करोड़ रुपये) रहने का अनुमान है।



















