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आषाढ़ माह 2026: भक्ति और साधना का पावन समय, जानें शुभ कार्य और वर्जित नियमधर्म
27 जून 2026, 12:11 pm (124 दिन पहले)· 4

आषाढ़ माह 2026: भक्ति और साधना का पावन समय, जानें शुभ कार्य और वर्जित नियम

जून के अंत में आषाढ़ का महीना शुरू हो रहा है, जो धार्मिक साधना और व्रत के लिए बेहद खास है। इस दौरान चातुर्मास की शुरुआत के साथ ही जीवनशैली और खान-पान से जुड़े कुछ नियमों का पालन करना अनिवार्य माना गया है।

धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण आषाढ़ का महीना वर्ष 2026 में 30 जून से शुरू होने जा रहा है। पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ पूर्णिमा का समापन 30 जून को सुबह 5 बजकर 26 मिनट पर होगा, जिसके तुरंत बाद आषाढ़ के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि का उदय होगा। यह पावन अवधि 29 जुलाई 2026 तक चलेगी, जब आषाढ़ पूर्णिमा के साथ इस महीने का समापन होगा। इस दौरान आध्यात्मिक साधना, व्रत और दान का विशेष महत्व बताया गया है, जिसका फल कई गुना अधिक प्राप्त होता है।

चातुर्मास का आरंभ और महत्व

आषाढ़ मास में देवशयनी एकादशी का अत्यंत प्रभाव है, जो इस वर्ष 25 जुलाई को पड़ेगी। उज्जैन के आचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, इस दिन से भगवान विष्णु क्षीरसागर में योगनिद्रा में चले जाते हैं। इसे ही चातुर्मास के रूप में जाना जाता है। इन चार महीनों तक विवाह, गृह प्रवेश और मुंडन जैसे शुभ एवं मांगलिक कार्यों पर पूर्णतः विराम लग जाता है। भक्त इस समय को भगवान विष्णु की आराधना, भजन-कीर्तन और तपस्या में समर्पित करते हैं।

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किसानों और प्रकृति के लिए आषाढ़

व्यावहारिक दृष्टि से यह महीना कृषि क्षेत्र के लिए अत्यंत शुभ होता है। खरीफ की फसलों की बुवाई के लिए किसान आषाढ़ के दौरान ही तैयारी करते हैं। यह महीना न केवल आत्मशुद्धि के लिए जाना जाता है, बल्कि जल संरक्षण का संकल्प लेने के लिए भी उत्तम है। आचार्य आनंद भारद्वाज का मानना है कि इस दौरान जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और जल का दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। प्रतिदिन तुलसी माता की पूजा करना और उन्हें जल अर्पित करना इस माह की मुख्य परंपराओं में से एक है।

क्या करें और किन चीजों से बचें

आषाढ़ और चातुर्मास के दौरान सनातन परंपरा में कुछ अनुशासन बनाए रखने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य और शुद्धि के दृष्टिकोण से तामसिक भोजन जैसे मांस और मदिरा का सेवन पूरी तरह वर्जित है। इसके अलावा, अत्यधिक मसालेदार या तली-भुनी वस्तुओं से दूर रहने की हिदायत दी जाती है। कुछ विशेष खाद्य पदार्थों जैसे बैंगन, मसूर की दाल और पत्तेदार सब्जियों का सेवन भी इस अवधि में करने से बचना चाहिए। साथ ही, बासी भोजन के सेवन से परहेज करें। मानसिक शांति के लिए क्रोध, कटु वचनों और वाद-विवाद से दूर रहना अत्यंत आवश्यक है। इस पवित्र महीने में जल की बर्बादी न करने और हर हाल में जल का सम्मान करने का नियम भी पालन करने योग्य है।

सवाल-जवाब

आषाढ़ माह 2026 कब से शुरू हो रहा है?
आषाढ़ माह 30 जून 2026 को ज्येष्ठ पूर्णिमा की समाप्ति के बाद शुरू होगा।
देवशयनी एकादशी कब है?
देवशयनी एकादशी 25 जुलाई 2026 को मनाई जाएगी।
चातुर्मास में किन कार्यों की मनाही है?
चातुर्मास के चार महीनों के दौरान विवाह, गृह प्रवेश और मुंडन जैसे मांगलिक कार्यों पर रोक रहती है।
आषाढ़ के दौरान किस तरह के भोजन से बचना चाहिए?
इस दौरान मांस, मदिरा, तली-भुनी चीजें, मसालेदार भोजन, बासी खाना, पत्तेदार सब्जियां, बैंगन और मसूर दाल खाने से बचने की सलाह दी गई है।
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