सनातन परंपरा में धनतेरस का पावन पर्व नई वस्तुओं, बहुमूल्य आभूषणों, बर्तनों और वाहनों की खरीदारी के लिए सर्वोत्तम माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को घर लाई गई वस्तुएं जीवन में दीर्घकालिक समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं। साल 2026 में धनतेरस का त्योहार 6 नवंबर को मनाया जाएगा। इस विशेष दिन पर देवी लक्ष्मी के साथ बुद्धि प्रदाता भगवान गणेश, आरोग्य के देवता भगवान धन्वंतरि और धन के अधिपति कुबेर देव की विधिवत उपासना की जाती है। भारी संख्या में लोग इस दिन अपनी मनपसंद कार, बाइक या व्यावसायिक गाड़ी की डिलीवरी लेना शुभ मानते हैं। ज्योतिषीय दृष्टिकोण से किसी भी नए वाहन की खरीदारी अथवा उसकी चाबी लेते समय शुभ चौघड़िया और विशेष मुहूर्तों का ध्यान रखना आवश्यक होता है, ताकि वह यात्रा में सुखद और सुरक्षित सिद्ध हो। साथ ही अशुभ माने जाने वाले राहुकाल के समय किसी भी प्रकार के नए सौदे या वाहन डिलीवरी से परहेज करना चाहिए।
सुबह के समय वाहन खरीदने के चौघड़िया मुहूर्त
दिन की शुरुआत में वाहन क्रय करने अथवा शोरूम से उसकी डिलीवरी प्राप्त करने के लिए दो अत्यंत फलदायी मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे। जो लोग प्रातः काल में अपना नया वाहन घर लाना चाहते हैं, वे इन समय अंतरालों का चयन कर सकते हैं
- लाभ चौघड़िया: सुबह 7 बजकर 54 मिनट से लेकर सुबह 9 बजकर 17 मिनट तक रहेगा। यह समय आर्थिक दृष्टि से उन्नति और कार्य सिद्धि के लिए उत्तम माना जाता है।
- अमृत चौघड़िया: सुबह 9 बजकर 16 मिनट से लेकर सुबह 10 बजकर 38 मिनट तक रहेगा। अमृत मुहूर्त में किए गए कार्य दीर्घकालिक स्थिरता और सुरक्षा प्रदान करते हैं।
दोपहर के विशेष और गतिशील मुहूर्त
दोपहर के समय दिन का सबसे शक्तिशाली अभिजीत मुहूर्त और चलायमान कार्यों के लिए उपयुक्त चर चौघड़िया प्राप्त हो रहा है। वाहन एक गतिशील वस्तु है, इसलिए चर लग्न और अभिजीत वेला इसके लिए विशेष रूप से उपयुक्त मानी जाती हैं
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12 बजकर 00 मिनट से दोपहर 12 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। इस 45 मिनट की अवधि को समस्त दोषों का निवारण करने वाला सर्वश्रेष्ठ समय माना गया है।
- चर चौघड़िया: दोपहर 4 बजकर 11 मिनट से लेकर शाम 5 बजकर 33 मिनट तक रहेगा। यात्रा और गति से जुड़े साधनों के लिए चर मुहूर्त अत्यधिक अनुकूल माना जाता है।
शाम और रात्रि के समय खरीदारी के श्रेष्ठ मुहूर्त
कार्यालय अथवा व्यापारिक व्यस्तताओं के चलते जो लोग गोधूलि वेला या शाम के समय वाहन लेना चाहते हैं, उनके लिए भी पंचांग अनुसार उत्तम योग बन रहे हैं
- शाम का शुभ समय: शाम 6 बजकर 03 मिनट से लेकर शाम 7 बजकर 19 मिनट तक खरीदारी की जा सकती है।
- रात्रिकालीन लाभ चौघड़िया: रात 8 बजकर 49 मिनट से रात 10 बजकर 27 मिनट तक उपलब्ध रहेगा। यह समय उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो देर शाम पूजा संपन्न होने के उपरांत वाहन प्राप्त करना चाहते हैं।
शहर अनुसार राहुकाल का समय, इस दौरान न लें डिलीवरी
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राहुकाल में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत, नए अनुबंध पर हस्ताक्षर अथवा मूल्यवान वस्तुओं का क्रय वर्जित माना गया है। प्रत्येक शहर के सूर्योदय के आधार पर राहुकाल का समय अलग-अलग होता है। 6 नवंबर को प्रमुख नगरों में राहुकाल इस प्रकार रहेगा
- दिल्ली: सुबह 10 बजकर 43 मिनट से दोपहर 12 बजकर 05 मिनट तक।
- मुंबई: सुबह 10 बजकर 57 मिनट से दोपहर 12 बजकर 22 मिनट तक।
- चंडीगढ़: सुबह 10 बजकर 45 मिनट से दोपहर 12 बजकर 06 मिनट तक।
- लखनऊ: सुबह 10 बजकर 27 मिनट से दोपहर पहले 11 बजकर 50 मिनट तक।
- भोपाल: सुबह 10 बजकर 40 मिनट से दोपहर 12 बजकर 04 मिनट तक।
- कोलकाता: सुबह 9 बजकर 56 मिनट से दोपहर पहले 11 बजकर 20 मिनट तक।
- अहमदाबाद: सुबह 10 बजकर 59 मिनट से दोपहर 12 बजकर 23 मिनट तक।
- चेन्नई: सुबह 10 बजकर 25 मिनट से दोपहर पहले 11 बजकर 52 मिनट तक।
गाड़ी की डिलीवरी लेते ही करें यह आवश्यक पूजा विधान
धनतेरस पर वाहन प्राप्त करते समय शोरूम परिसर में ही सबसे पहले उसकी शास्त्रीय विधि से पूजा अर्चना करनी चाहिए। वाहन के अग्र भाग पर लाल चंदन का उपयोग करके पवित्र स्वास्तिक का निर्माण करें। इसके पश्चात स्वास्तिक पर अक्षत छिड़कें और मौली का एक टुकड़ा उस पर अर्पित करें। इसके बाद धूप और दीप प्रज्वलित करके वाहन की आरती उतारें और श्रीफल यानी नारियल को फोड़कर मंगल कामना करें। पूजा संपन्न हो जाने के बाद वाहन के स्टीयरिंग या सुरक्षात्मक भाग पर कलावा अवश्य बांधें। चूंकि आधुनिक वाहनों में मुख्य धातु लोहा होती है, जिसका सीधा संबंध कर्मफल दाता शनि देव से माना गया है, अतः वाहन की प्राप्ति के बाद शनि देव के वैदिक अथवा बीज मंत्रों का स्मरण और जप करना चाहिए। साथ ही नवग्रहों की अनुकूलता के लिए प्रार्थना करें। विधिवत पूजन से मार्ग में आने वाली बाधाओं और दुर्घटनाओं की आशंकाओं का शमन होता है।



















