कगिसो रबाडा के नाम दर्ज हुआ अनचाहा रिकॉर्ड, टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट होने वाले अफ्रीकी बल्लेबाज बनेलाइव: आंध्र प्रदेश के तट से टकरा रहा चक्रवात अर्णब, कई जिलों में भारी बारिश का दौर जारीबेयरडायनामिक एमएमएक्स 330 प्रो रिव्यू (2026): गेमर्स के लिए ओपन-बैक वायर्ड हेडफोन्स की पूरी परखमंत्रालय की हरी झंडी के बाद सेंसर बोर्ड की स्क्रीनिंग का इंतजार कर रही सलमान खान की मातृभूमिउत्तर कोरिया को पाले में करने की होड़ में चीन और रूस, ट्रंप की बढ़ सकती हैं मुश्किलेंबैंक ऑफ अमेरिका की चेतावनी, एआई एजेंट को न दें अपने बैंकिंग पासवर्डलालजी पांडेय से अंजान बनने तक का सफर, जिन्होंने अमिताभ बच्चन को दिए थे 1500 से ज्यादा सुपरहिट गानेवृश्चिक राशिफल 28 अक्टूबर: संवाद में व्यंग्य से बचें और साझे काम में जिम्मेदारियां स्पष्ट रखेंआज का वित्त राशिफल: सभी 12 राशियों के लिए धन और निवेश से जुड़े जरूरी संकेतसिंह राशिफल 28 अक्टूबर: उच्च के गुरु और अष्टम शनि के बीच खर्च पर नियंत्रण और काम में स्पष्टता रखें
गुजरात में मानसून में देरी से चिंता, बारिश के लिए वस्त्राल में हुआ विशेष पर्जन्य यज्ञधर्म
28 जून 2026, 10:02 pm (121 दिन पहले)· 2

गुजरात में मानसून में देरी से चिंता, बारिश के लिए वस्त्राल में हुआ विशेष पर्जन्य यज्ञ

गुजरात में समय पर मानसून न आने के चलते अहमदाबाद के वस्त्राल इलाके में स्थानीय लोगों ने वर्षा की कामना के लिए पर्जन्य यज्ञ का आयोजन किया।

अहमदाबाद के वस्त्राल इलाके में मानसून के आगमन में हो रही देरी को देखते हुए स्थानीय लोगों ने एक विशेष धार्मिक अनुष्ठान 'पर्जन्य यज्ञ' का आयोजन किया है। इस आयोजन के दौरान लोगों ने भीषण गर्मी के बीच पानी से भरे बड़े पात्रों में बैठकर वरुण देव से वर्षा की गुहार लगाई। पूरे अनुष्ठान की देखरेख गिरीश कुमार पंडित की अगुवाई में संपन्न हुई।

यज्ञ की मान्यता और परंपरा

इस अनुष्ठान के पीछे की मान्यता को समझाते हुए गिरीश कुमार पंडित ने बताया कि जब बारिश की कमी होती है, तब इस पद्धति का सहारा लिया जाता है। प्राचीन काल में ऋषि-मुनि राजाओं को वर्षा के लिए इसी यज्ञ का सुझाव देते थे। प्रक्रिया के अनुसार, श्रद्धालु पानी के बड़े बर्तनों में बैठकर भगवान के सामने बारिश के लिए प्रार्थना करते हैं। उनका मानना है कि यदि मन में अटूट श्रद्धा हो, तो वरुण देव अवश्य प्रसन्न होते हैं और वर्षा का मार्ग प्रशस्त होता है।

ये भी पढ़ें

क्यों पड़ा यज्ञ करने का असर

यज्ञ में सम्मिलित हुए अमित पांड्या ने मानसून के समय को लेकर अपनी चिंता साझा की। उन्होंने कहा कि आमतौर पर गुजरात में 12 से 13 जून के दौरान बारिश का सिलसिला शुरू हो जाता है, लेकिन इस बार मानसून ने काफी विलंब किया है। चिलचिलाती धूप और उमस से आमजन बेहाल हैं। शास्त्रों में वर्णित विधियों का पालन करते हुए स्थानीय लोगों ने यह आयोजन किया है, ताकि प्रकृति का संतुलन वापस लौट सके।

प्राणियों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना

एक अन्य प्रतिभागी हिमांशु त्रिवेदी का कहना है कि हर साल 15 जून के आसपास तक बारिश हो जाती थी, परंतु इस बार स्थिति अलग है। यदि जल्द ही अच्छी बारिश नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में जल संकट गहरा सकता है। यह केवल मनुष्यों की बात नहीं है, बल्कि पशु-पक्षी भी पानी की बूंद-बूंद के लिए परेशान हो रहे हैं। वरुण देव से पूरे देश में सुख-शांति और अच्छी वर्षा के लिए प्रार्थना की गई है। वैदिक साहित्य में पर्जन्य का अर्थ वर्षा के देवता से है। ऋग्वेद, यजुर्वेद और अथर्ववेद में भी उन्हें प्रसन्न करने के लिए मंत्रों और यज्ञों का विस्तृत उल्लेख मिलता है। सूखे से बचाव के लिए इसे अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है।

सवाल-जवाब

पर्जन्य यज्ञ क्या है?
पर्जन्य यज्ञ एक पारंपरिक अनुष्ठान है जिसे वैदिक शास्त्रों में वर्षा लाने वाले देवता को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है।
यह यज्ञ कहाँ आयोजित किया गया?
यह यज्ञ अहमदाबाद के वस्त्राल इलाके में आयोजित किया गया था।
लोग इस यज्ञ में क्या करते हैं?
इस अनुष्ठान के तहत, लोग पानी से भरे बड़े बर्तनों में बैठकर भगवान वरुण से अच्छी बारिश के लिए प्रार्थना करते हैं।
यह यज्ञ क्यों किया गया?
गुजरात में इस वर्ष मानसून के समय पर न आने और गर्मी के कारण बढ़ रही पानी की किल्लत को देखते हुए यह यज्ञ किया गया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp